Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr KS Somasekhar Rao , Senior Consultant Gastroenterologist | Hepatologist | Advanced Therapeutic Endoscopist

गर्मि‍यों में बढ़ जाता है पेट के इंफेक्‍शन का खतरा, स्‍कूल जाने वाले बच्चों को इससे कैसे बचाएं?

पेट के इंफेक्शन को गैस्ट्रोएंटेराइटिस (Gastroenteritis) कहते हैं। यह बच्‍चों में होने वाली आम समस्‍या है ज‍िसके कारण दस्‍त, उल्‍टी, पेट दर्द, कमजोरी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। जानें बचाव के उपाय।

गर्म‍ियों में बच्‍चों को बीमार‍ियों का ज्‍यादा खतरा होता है क्‍योंंक‍ि उनकी इम्‍यून‍िटी कमजोर होती है। खासकर स्‍कूल जाने वाले बच्‍चे बीमारी के जल्‍दी चपेट में आते हैं। सेहत के प्रत‍ि लापरवाही और हाइजीन का ख्‍याल न रखने के कारण बच्‍चों में पेट की बीमार‍ियां और खासकर पेट में इंंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है। ई. कोली जैसे बैक्‍टीर‍िया के कारण बच्‍चे पेट के इंफेक्‍शन का श‍िकार हो जाते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे दूष‍ित पानी पीना, हाथों की सफाई न करना वगैरह। गर्म‍ियों में बच्‍चों को पेट के इंफेक्‍शन से बचाने के तरीके जानने के ल‍िए हमने Dr. K. S. Somasekhar Rao, Sr. Consultant Medical Gastroenterologist & Hepatologist, Clinical Director At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

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1. बच्‍चों को हैंड हाइजीन की जानकारी दें

बच्‍चोंं को गर्मि‍यों में पेट के इंफेक्‍शन से बचाने के ल‍िए हाथों की सफाई को प्राथम‍िकता दें। माता-प‍िता जानते हैं क‍ि बच्‍चे हर चीज को छूते हैं ज‍िससे जर्म्स उनके हाथों पर जमा हो जाते हैं। बच्‍चों को हैंड हाइजीन के बारे में बताएं। खाने से पहले, टॉयलेट इस्‍तेमाल करने के बाद और खेलने के बाद अपने हाथों को साबुन से 20 सेकंड तक धोएं।

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2. घर के बाहर सैन‍िटाइजर का इस्‍तेमाल

बच्‍चों को घर से ज्‍यादा बाहर सुरक्ष‍ित रखने की जरूरत है। बाहर जाते समय जर्म्स से सुरक्षा के ल‍िए बच्‍चे अल्‍कोहल-बेस्‍ड सैन‍िटाइजर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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3. टीकाकरण और असामान्‍य लक्षणों पर गौर करें

बच्‍चों की इम्‍यून‍िटी कमजोर होती है और वे जल्‍दी बीमार हो जाते हैं इसल‍िए समय-समय पर जरूरी वैक्‍सीन जैसे रोटावायरस या अन्‍य शॉट लगवाएंं। अगर बच्‍चे में उल्‍टी, बुखार, दस्‍त जैसे लक्षण नजर आएं, तो डॉक्‍टर की सलाह लें।

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4. बच्‍चों को इंसुलेटेड ट‍िफ‍िन दें

बच्‍चों को गर्म‍ियों में इंंसुलेटेड बॉक्‍स में खाना पैक करके दें ताक‍ि खाना खराब न हो। गर्मि‍यों में ऐसी बच्‍चों को लंंच में पूरी-सब्‍जी या अन्‍य तली-भुनी चीजें न दें इससे पाचन ब‍िगड़ सकता है।

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5. गर्म‍ियों में पानी की कमी से बचना चाह‍िए

अगर बच्‍चा ड‍िहाइड्रेशन का श‍िकार है, तो उसे जल्‍दी इंफेक्‍शन हो सकता है। स्‍कूल जाने वाले बच्‍चों के बैग में डॉक्‍टर की सलाह से बताया हुआ इलेक्‍ट्रोलाइट ड्र‍िंक जरूर रखें। इसके साथ ही बच्‍चों को उबला हुआ या फ‍िल्‍टर क‍िया हुआ पानी ही प‍िलाएं। नल का पानी या बाहर बर्फ का पानी पीने से बच्‍चे को रोकें, इससे पेट का इंफेक्‍शन होने का खतरा बढ़ सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

बच्‍चों को पेट के इंफेक्‍शन से बचाने के ल‍िए हैंड हाइजीन का ख्‍याल रखें, बच्‍चों को पानी की कमी से बचाएं, बच्‍चों को सैन‍िटाइजर का इस्‍तेमाल करना स‍िखाएं, बच्‍चों को ट‍िफि‍न में ताजा खाना दें, वैक्‍सीनेशन कराएं और असामान्‍य लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।

FAQ

  • पेट का इंफेक्‍शन कैसे फैलता है?

    दूष‍ित खाना या पानी का सेवन, हाइजीन की कमी या जर्म्स के संपर्क में आने के कारण पेट में इंफेक्‍शन हो सकता है।
  • पेट का इंफेक्‍शन क‍ितने द‍िन तक रहता है?

    पेट का इंफेक्‍शन दो से पांच द‍िन में ठीक हो जाता है, गंभीर मामलों में अध‍िक समय लग सकता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 30, 2026 19:02 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 30, 2026 19:02 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr KS Somasekhar Rao

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