Thu Oct 15, 2026 | 01:34 AM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

क्या जुकाम-बुखार में शिशु को ब्रेस्टफीड कराना सुरक्षित है? जानें डॉक्टर की राय

आजकल मौसम में जिस तरह से बदलाव हो रहा है, उसमें ब्रेस्टफीडिंग करा रही मांओं को भी सर्दी-जुकाम या बुखार हो रहा है। ऐसे में क्या उन्हें अपने शिशु को ब्रेस्टफीड कराना चाहिए? डॉक्टर ने इस बारे में विस्तार से बताया।
क्या जुकाम-बुखार में शिशु को ब्रेस्टफीड कराना सुरक्षित है? जानें डॉक्टर की रायक्या जुकाम-बुखार में शिशु को ब्रेस्टफीड कराना सुरक्षित है? जानें डॉक्टर की राय

बच्चे के जन्म के बाद मां की पहली प्राथमिकता ब्रेस्टफीडिंग कराना होती है, लेकिन अगर मां को सर्दी-जुकाम हो जाए, तो वे ब्रेस्टफीडिंग कराना बंद कर देती हैं। दरअसल, आजकल भीषण गर्मी के बाद कभी बारिश हो रही है, तो ऐसे में बीमार पड़ना आम हो गया है। जिन महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया है, उनकी डिलीवरी के बाद इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और इंफेक्शन की वजह से बुखार, सर्दी और जुकाम होना सामान्य है। इस कंडीशन में उनके दिमाग में एक ही सवाल होता है कि क्या उन्हें ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए या नहीं? इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Chetna Jain, Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon से बात की।

बीमार होने पर स्तनपान कराना चाहिए?

डॉ. चेतना कहती हैं, “ज्यादातर मामलों में मां के बीमार होने पर भी ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए। यह शिशु के लिए सेफ है, इसलिए सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी कंडीशन में मां को ब्रेस्टफीडिंग जारी रखनी चाहिए, लेकिन कुछ स्थितियों में मां को ब्रेस्टफीड नहीं कराना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।”

सर्दी-जुकाम में ब्रेस्टफीडिंग कराना क्यों सही है?

डॉ. चेतना ने कहा, “जब मां बीमार होती है, तो उसका शरीर बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनाता है। ये एंटीबॉडीज ब्रेस्टफीडिंग के जरिए शिशु को भी मिलती है और इससे शिशु को इंफेक्शन से बचाने में मदद करती हैं। इसके अलावा, शिशु सारा दिन मां के पास ही रहता है, तो अक्सर देखा गया है कि मां को बीमारी के लक्षण दिखने से पहले ही शिशु उस बैक्टीरिया या वायरस के संपर्क में आ चुका होता है। इसलिए मां को स्तनपान कराना चाहिए, ताकि मां की एंटीबॉडीज शिशु के शरीर में भी पहुंच सकें।”

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ब्रेस्टफीडिंग कब नहीं करानी चाहिए?

डॉ. चेतना जैनने बताया कि महिलाओं को इन स्थितियों में ब्रेस्टफीडिंग कराने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।

  • HIV - कुछ मामलों में डॉक्टर की गाइडलाइन के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग कराई जा सकती है।
  • कीमोथेरेपी या रेडियोएक्टिव दवाइयां लेने पर डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी है।
  • कुछ गंभीर और संक्रामक बीमारियों में बिना डॉक्टर की सलाह के स्तनपान कराना जोखिमभरा हो सकता है।

बीमार मां ब्रेस्टफीडिंग कराते समय ध्यान रखे ये बातें

डॉ. चेतना के मुताबिक, “अगर किसी महिला को टीबी, वायरल बीमारी, COVID-19 या फ्लू हुआ है, तो मां को मास्क पहनना चाहिए, साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए।”

  1. किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें।
  2. बच्चे के पास खांसते/छींकते समय सावधानी रखें।
  3. बीमारी में मां को पूरा आराम करना चाहिए।
  4. पानी, सूप और नारियल पानी प्रचुर मात्रा में लेना चाहिए।
  5. हल्का और पौष्टिक खाना जरूरी है।
  6. मां दूध को पंप से निकालकर भी शिशु को दे सकती है।

निष्कर्ष

मां का दूध शिशु के लिए हमेशा फायदेमंद और सुरक्षित होता है। इसलिए बीमार होने पर मां को स्तनपान बंद नहीं कराना चाहिए, लेकिन दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। यह ध्यान रखें कि हर दवा स्तनपान के लिए सेफ नहीं होती। इसलिए मां को दवा का खास ध्यान रखना चाहिए। 

FAQ

  • क्या बीमार होने पर दवा लेते समय स्तनपान कराया जा सकता है?

    कुछ दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन कोई भी दवा लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से पूछें, ताकि बच्चे पर इसका कोई दुष्प्रभाव न पड़े।
  • क्या जुकाम होने पर स्तनपान कराना ठीक है?

    सर्दी-जुकाम जैसी आम बीमारियों में में साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए शिशु को स्तनपान कराया जा सकता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 30, 2026 12:33 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Apr 30, 2026 12:33 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain