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बच्चे के दिल को रखना है हेल्दी तो अपनाएं ये 5 टिप्स

आज के समय में बच्चों में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों के दिल को हेल्दी रखने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।
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बच्चे के दिल को रखना है हेल्दी तो अपनाएं ये 5 टिप्स

दिल से जुड़ी समस्याएं आज के समय में बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पहले के समय में हार्ट से जुड़ी बीमारियां बुजुर्गों में आम होती थी, लेकिन आज के समय में दिल की बीमारियां बच्चों और युवाओं में भी देखने को काफी मिल रही है। कम उम्र में ही ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक आदि समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में लोग अपने साथ-साथ अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी काफी परेशान रहते हैं। बच्चों के दिल के स्वास्थ्य को हेल्दी रखना माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। बचपन में अपनाई गई कुछ आदतों के का असर आपके बच्चों के स्वास्थ्य पर जीवन भर रहता है, जो उनके दिल को हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में आइए दिल्ली के शाहदरा में स्थित एस.डी.एन. अस्पताल के पीडिअट्रिशन डॉ. ललित हरि प्रसाद सिंह से जानते हैं कि बच्चे के दिल को हेल्दी कैसे रखें? (dil ko healthy rakhne ke liye kya karen)


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बच्चों के दिल की सेहत को हेल्दी कैसे रखें? - How to keep child heart healthy in hindi?

पीडिअट्रिशन डॉ. ललित हरि प्रसाद सिंह के अनुसार, बच्चों के दिल को स्वस्थ रखने से न सिर्फ उनके बचपन से दिल की बीमारियों का जोखिम कम होता है, बल्कि ये बड़े होने पर भी हार्ट को हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए आप अपने बच्चों के दिल को हेल्दी रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें-

1. पौष्टिक और संतुलित डाइट

बच्चे के भोजन में संतुलित आहार शामिल करना बहुत जरूरी है। आप अपने बच्चे के खाने में साबुत अनाज, ड्राई फ्रूट्स, दाल, अंकुरित अनाज, दूध, दही, मौसमी सब्जियां और फल शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा ज्यादा फाइबर वाले फूड्स जैसे ब्राउन राइस, चना राजमा (heart ko healthy kaise rakhe kya khaye) आदि बच्चों के शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते है। साथ ही ध्यान दें कि बच्चों को बहुत ज्यादा तला, मसालेदार और जंक फूड खिलाने से बचें, क्योंकि ये उनके दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डालता है।

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2. नियमित शारीरिक गतिविधि

दिल की सेहत को बेहतर रखने के लिए नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना बहुत जरूरी है। बच्चों को रोजाना कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधियां करनी चाहिए। फिर चाहे उसमें वह दौड़े, कूदे, साइकिल चलाना, फुटबॉल आदि तरह की गेम खेले। बच्चों को घर के अंदर टीवी और मोबाइल पर स्क्रीन टाइम ज्यादा बिताने के स्थान पर खेलने कूदने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे।

3. स्क्रीन टाइम सीमित करें

ज्यादा मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर का इस्तेमाल करने से बच्चों की लाइफस्टाइल और शरीर दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए 5 से 17 साल तक की उम्र में 2 घंटे से ज्यादा का स्क्रीन टाइम बच्चों के लिए हानिकारक होता है, जो मोटापा का कारण बनता है और दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है।

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4. पर्याप्त नींद लें

नींद बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए, उम्र के हिसाब से बच्चों को पर्याप्त मात्रा में सोना जरूरी है। अच्छी नींद बच्चों के हार्मोन को संतुलित रखने, वजन कंट्रोल करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं, जिससे दिल पर कम दबाव पड़ता है। इसके साथ ही, बच्चों के सोने और उठने का समय तय रखें, नियमित समय पर सोने और उठने से उनकी नींद पूरी करने और दिल के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिलती है।

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5. नियमित स्वास्थ्य जांच

भले ही बच्चा हेल्दी दिखता है, लेकिन साल में एक बार उनका हेल्थ चेकअप जरूर करवाना चाहिए। डॉक्टर चेकअप के दौरान दिल की धड़कन, वजन, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल आदि चीजों की जांच करते हैं। अगर परिवार में पहले से किसी को दिल से जुड़ी बीमारी रही है तो बच्चों के नियमित जांच से उन्हें होने वाली किसी भी बीमारी का शुरुआत में पता लगाया जा सकता है।

निष्कर्ष

बच्चों का दिल हेल्दी रखना काफी मुश्किल है, लेकिन आप इन आदतों को उनके लाइफस्टाइल में शामिल करके उन्हें हेल्दी रख सकते हैं, और दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं। इसलिए, आप पौष्टिक भोजन, नियमित एक्सरसाइज, सीमित स्क्रीन टाइम आदि बातों का ध्यान रखें।
Image Credit: Freepik

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FAQ

  • दिल की बीमारी वाले बच्चे के लक्षण क्या हैं?

    दिल की बीमारी वाले बच्चों में अलग-अलग तरह के लक्षण नजर आते हैं, जिसमें सांस लेने में तकलीफ, स्किन और होंठों का नीला पड़ना, विकास बहुत धीरे होना और थका-थका महसूस करना है।
  • दिल कमजोर होने पर क्या लक्षण होते हैं?

    दिल के कमजोर होने पर कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जिससे सांस फूलना, ज्यादा थकान, पैरों और टखनों में सूजन, चक्कर आना और दिल की धड़कन का अनियमित होना। इसके अलावा, लगातार खांसी या घरघराहट भी कमजोर दिल का संकेत होता है।
  • हार्ट को मजबूत कैसे करें?

    दिल को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करने, हेल्दी और संतुलित आहार लेना, वजन कंट्रोल करना, स्मोकिंग और तनाव से बचने की कोशिश करें।

 

 

 

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  • Current Version

  • Nov 30, 2025 08:12 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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