Fri Sep 11, 2026 | 08:22 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

इंडियन थाली में इन 4 तरीकों से लगाएं प्रोटीन का तड़का, आसानी से होगा वेट लॉस

थाली में प्रोटीन बढ़ाने के ल‍िए कुछ आसान तरीकों की मदद ली जा सकती है। डाइट में जब प्रोटीन बढ़ता है, तो शरीर को ताकत म‍िलती है और वजन कम करने में मदद म‍िलती है और मेटाबॉल‍िज्‍म भी बढ़ता है।

हम बचपन से सुनते आ रहे हैं क‍ि अच्‍छी हेल्‍थ के ल‍िए प्रोटीन का सेवन करना चाह‍िए। पोपेय द सेलर मैन (Popeye the Sailor Man) कार्टून में पोपेय को जब पालक खाकर मजबूत बनता द‍िखाते थे, तो मन में यही बात आती थी क‍ि मैं भी बड़ी होने के ल‍िए खूब सारा प्रोटीन खाऊंगी और स्‍ट्रांग बन जाऊंगी, लेक‍िन ऐसा कुछ हुआ ही नहीं। उल्‍टा मैं मोटी हो गई लेक‍िन क‍िसी ने बताया ही नहीं क‍ि प्रोटीन का सेवन आख‍िर कैसे करना चाह‍िए? हम इंड‍ियन्‍स को असल में प्रोटीन का सेवन ठीक ने करना नहीं आता। हमें लगता है क‍ि प्रोटीन के सेवन का मतलब है दाल पी लेना, लेक‍िन इससे प्रोटीन की कमी को दूर नहीं क‍िया जा सकता। प्रोटीन को इंड‍ियन थाली का ह‍िस्‍सा बनाने के ल‍िए कुछ आसान तरीकों की मदद ली जा सकती है। इन तरीकों को व‍िस्‍तार से आगे जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

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1. हर मील के साथ प्रोटीन फूड्स को शाम‍िल करें- Include Protein Foods With Each Meal

हर मील के साथ कोई एक प्रोटीन स्रोत को शाम‍िल करें। इंड‍ियन लोगों को खाने के साथ प्रोटीन फूड्स खाने की आदत नहीं होती है इसल‍िए शुरू में इस बात पर गौर न करें क‍ि आप क‍ितना प्रोटीन खा रहे हैं? या प्रोटीन का कौन सा स्रोत चुन रहे हैं? केवल हर मील के साथ एक प्रोटीन र‍िच फूड को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।

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2. ऐसे फूड्स चुनें ज‍िसमें प्रोटीन की मात्रा ज्‍यादा और कार्ब्स की कम हो- Choose High Protein And Low Carb Foods

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ऐसे प्रोटीन फूड्स को चुनें ज‍िसमें प्रोटीन के साथ-साथ कार्ब्स की मात्रा भी शाम‍िल हो। हाई प्रोटीन फूड्स को चुनें, दाल या दूध-दही से शरीर को पर्याप्‍त प्रोटीन नहीं म‍िलता है। पर्याप्‍त प्रोटीन और लो कार्ब के ल‍िए अंडे, मीट, टोफू, पनीर, चीज (Cheese) और सोया चंक्‍स को शाम‍िल करें।

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3. प्रोटीन सप्‍लीमेंट्स भी चुन सकते हैं- You Can Choose Protein Supplements

ऐसा हो सकता है क‍ि डाइट में पर्याप्‍त प्रोटीन को शामि‍ल करने के बाद भी शरीर में प्रोटीन की कमी रह जाए। अगर डाइट से प्रोटीन की कमी पूरी नहीं होती है, तो आप प्रोटीन सप्‍लीमेंट्स का सेवन भी कर सकते हैं। केवल सप्‍लीमेंट्स के साथ कुछ बातों का ध्‍यान रखें जैसे सप्‍लीमेंट की ब्रांड अच्‍छी चुनें, सही मात्रा में सप्‍लीमेंट का सेवन करें और सबसे जरूरी डॉक्‍टर की सलाह के बाद ही सप्‍लीमेंट का सेवन शुरू करें।

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4. डाइट में प्रोटीन की मात्रा अचानक न बढ़ाएं- Do Not Increase Protein Quantity Too Fast

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डाइट में प्रोटीन की मात्रा को अचानक न बढ़ाएं क्‍योंक‍ि आपका लक्ष्‍य प्रोटीन का पर्याप्‍त सेवन है न क‍ि प्रोटीन का जरूरत से ज्‍यादा सेवन। यह गलत तरीका है। मान लें क‍ि आप प्रोटीन का सेवन नहीं करते हैं, तो अचानक 100 ग्राम प्रोटीन का सेवन न करें, बल्‍क‍ि धीरे-धीरे मात्रा को बढ़ाएं।

न‍िष्‍कर्ष:

प्रोटीन को डाइट में शाम‍िल करने के ल‍िए ऐसे फूड्स चुनें ज‍िनमें प्रोटीन ज्‍यादा और कार्ब्स कम हों। प्रोटीन सप्‍लीमेंट्स को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं, डाइट में प्रोटीन को अचानक न बढ़ाएं और हर मील के साथ प्रोटीन को शाम‍िल करने की कोश‍िश करें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 11, 2026 10:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 11, 2026 10:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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