हम में से ज्यादातर लोग अपनी स्किन केयर में कुछ टिप्स को हमेशा से शामिल करते रहें हैं जो कि स्किन को साफ करने के साथ त्वचा की बनावट को बेहतर बनाने में मददगार हो जैसे कि चेहरे पर ब्लीच और डी टैन लगाना। डी टैन की बात करें तो ये चेहरे की टैनिंग कम करने के साथ स्किन की सफाई में मददगार है तो ब्लीच बालों को हल्का सुनहरा रंग देने के साथ त्वचा को अंदर से साफ करने में मददगार है। ब्लीच का इस्तेमाल स्किन पोर्स को साफ करता है और इसे फेशियल और मसाज के लिए तैयार करता है। पर यहीं एक सवाल आता है कि जब आप महीने में दो बार फेशियल और क्लीनअप करवाते हैं तो ब्लीच कितनी बार करवाया जा सकता है? क्या कोई इसका नियम है? आइए, जानते हैं इस बारे में Dr. Vijay Singhal, Senior Consultant Dermatology Shri Balaji Action Medical Institute Delhi से।
ब्लीच कितने दिन में लगाना चाहिए?
Dr. Vijay Singhal बताते हैं कि ब्लीच कितने दिन में लगानी चाहिए, यह पूरी तरह आपकी स्किन टाइप पर निर्भर करता है। अगर आप अपने मन से जब चाहे तब ब्लीच लगाते रहेंगे तो इससे आपकी त्वचा सेंसिटिव होकर खराब हो सकती है। इतना ही आपके चेहरे की बनावट भी प्रभावित हो सकती है इसलिए आपको सोच समझकर ही चेहरे के लिए ब्लीच का इस्तेमाल करना चाहिए जैसे एक नियम है आप महीने में 1 बार अपने चेहरे को नॉर्मली ब्लीच कर सकते हैं। इसके बाद चेहरे पर ब्लीच लगाने के लिए आप इस स्किन टाइप नियम को फॉलो कर सकते हैं। जैसे
नॉर्मल या ऑयली स्किन के लिए
अगर आपकी स्किन नॉर्मल या ऑयली स्किन है तो आप 20–25 दिन के अंतर पर ब्लीच कराना सुरक्षित माना जाता है। ऑयली स्किन पर ब्लीच एक गहरे क्लींजर की तरह काम करता है जो त्वचासे अतिरिक्त तेल, गंदगी को हटाता है और रोमछिद्रों को साफ करता है, जिससे त्वचा तुरंत चमकदार और मैट दिखती है। यह एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करता है, काले धब्बों को हल्का करता है और चेहरे के बालों को कम करता है। हालांकि, इसका अत्यधिक उपयोग जलन, रूखापन और त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसे भी पढ़ें: त्वचा पर लगाएं नींबू और केसर का फेस पैक, ऑयली स्किन की सारी प्रॉब्लम होगी दूर
ड्राई स्किन वालों के लिए
ड्राई स्किन वालों के लिए 30–40 दिन का गैप रखना चाहिए और इसके बाद चेहरे को ब्लीच करना चाहिए। दरअसल, ड्राई स्किन ज्यादा ब्लीच करने से और ड्राई हो जाती है और त्वचा की बनावट प्रभावित रहती है। इससे स्किन पोर्स अपने नेचुरल ऑयल को खो देते हैं और ड्राई होकर खुजली और खुश्की का कारण बनने लगते हैं। इसलिए आपको इन बातों का ध्यान रखते हुए अपनी ड्राई स्किन के लिए ब्लीच का इस्तेमाल करना चाहिए।

सेंसिटिव स्किन वालों के लिए
ब्लीच, सेंसिटिव स्किन वालों के लिए ज्यादा नुकसानदेह हो सकती है और इसकी बनावट को प्रभावित कर सकती है इसलिए ऐसे स्किन पर इसे जल्दी-जल्दी लगाने से बचें। आपको लगभग 40 दिन के गैप पर चेहरे के लिए ब्लीच का इस्तेमाल करना चाहिए और इसके बाद भी लंबे समय तक इसे चेहरे पर लगाने से बचना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: फेस ब्लीच करवा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान, जानें क्या करें और क्या नहीं?
ध्यान रखें कि बार-बार ब्लीच करने से स्किन में जलन, रैशेज और पिग्मेंटेशन की समस्या हो सकती है। ब्लीच से पहले पैच टेस्ट जरूर करें और बाद में मॉइस्चराइजर व सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा हेल्दी और सुरक्षित बनी रहे। इसके अलावा ये बिलकुल भी न भूलें कि ब्लीच एक एक्सफोलिएटर की तरह काम करता है, मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाता है और रोमछिद्रों को साफ करता है लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल स्किन पोर्स को नुकसान भी पहुंचा सकता है इसलिए इसका इस्तेमाल संभलकर करें।
FAQ
चेहरे को बिल्कुल साफ कैसे करें?
चेहरे को बिलकुल साफ करने के लिए आपको स्किन को एक्सफोलिएट करने के साथ अंदर से साफ करना होगा और इसके लिए आप कुछ क्लींजिंग इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए।घर पर ब्लीच कैसे बनाएं?
घर पर ब्लीच बनाने के लिए आपको पपीते को पीसकर इसमें एक्टिवेटर मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए। ये फ्रूट ब्लीच की तरह काम करेगा और स्किन को साफ करने में सॉफ्ट तरीके से मददगार हो सकता है।एक अच्छा प्राकृतिक ब्लीच क्या है?
नींबू एक नेचुरल ब्लीच है जिसका इस्तेमाल आप स्किन की क्लींनजिंग के लिए कर सकते हैं। आप इसे किसी भी सॉफ्ट चीज में मिलाकर लगा सकते हैं जो कि त्वचा की बनावट को बेहतर बनाने में मददगार है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 30, 2026 12:22 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 30, 2026 12:22 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Vijay Singhal