कोव‍िड होने पर भी पॉजिट‍िव आ सकती है डेंगू की र‍िर्पोट, जानें इस समय कितने तरह के डेंगू से आपको रहना है सावधान

अगर आपको कोरोना है आपकी कोवि‍ड र‍िपोर्ट पॉजिट‍िव आती है तो आपको क्‍या करना चाह‍िए, चल‍िए समझते हैं कोव‍िड और डेंगू का संबंध 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 12, 2021
कोव‍िड होने पर भी पॉजिट‍िव आ सकती है डेंगू की र‍िर्पोट, जानें इस समय कितने तरह के डेंगू से आपको रहना है सावधान

कोरोना होने पर भी आपका डेंगू टेस्ट पॉजिटिव है? कोव‍िड के चलते नए-नए लक्षण और समस्‍याएं सामने आ रही हैं। कुछ मरीजों को कोरोना होने के बाद भी उनकी टेस्‍ट र‍िपोर्ट में डेंगू पॉज‍िट‍िव न‍िकला। वहीं कुछ डॉक्‍टरों का मानना है क‍ि डेंगू के मरीज को भी कोरोना हो सकता है। अगर आप समय रहते लक्षण समझ लें तो दवा बदलकर इलाज क‍िया जा सकता है। डॉक्‍टरों को ये समझने में परेशानी हो रही है क‍ि मरीज को डेंगू है या कोव‍िड या दोनों के लक्षण हैं। इस परेशानी के चलते डेंगू के मरीजों को कोव‍िड पॉज‍िट‍िव समझकर भर्ती कर ल‍िया जाता है और बाद में डेंगू न‍िकलता है। आज हम जानेंगे क‍ि कोरोना होने पर डेंगू टेस्‍ट पॉज‍िट‍िव आने पर आपको क्‍या करना है और क‍ितने तरह के डेंगू है जि‍नसे आपको सावधान रहने की जरूरत है। ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ में डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्‍ट‍िट्यूट ऑफ मेड‍िकल साइंसेज के अस‍िसटेंट प्रोफेसर डॉ संजीत कुमार सिंह से बात की। 

dengue and corona

कोव‍िड के साथ डेंगू की र‍िपोर्ट भी पॉज‍िट‍िव आने पर क्‍या करें? (Corona with dengue positive report)

कोव‍िड का असर डेंगू पर जरूर पड़ता है। ज‍िन लोगों को कोरोना के लक्षण हैं और आपकी टेस्‍ट र‍िपोर्ट में डेंगू न‍िकल रहा है वो सबसे पहले अपना आरटी-पीसीआर टेस्‍ट करवा लें। उस टेस्‍ट से पहले आप कोव‍िड की पुष्‍ट‍ि करें। अगर आपकी र‍िपोर्ट पॉज‍िटिव आती है और डेंगू की र‍िपोर्ट भी पॉज‍िट‍िव आती है तो सबसे पहले आप अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें। सबसे पहले फीवर उतरना जरूरी है। उसके बाद आपकी दवाओं में बदलाव क‍िए जाएंगे। दो से तीन द‍िनों के बाद आप फ‍िर से अपना डेंगू टेस्‍ट करवाएं। कोव‍िड के चलते टेस्‍ट के र‍िजल्‍ट पहले गलत बता सकते हैं इसलिए एक और बार टेस्‍ट करवाएं। वहीं कुछ डॉक्‍टर्स का मानना है क‍ि घरों में रहने के कारण भी डेंगू के केस बढ़ रहे हैं। घरों में गंदगी या पानी वाली जगह से मच्‍छर आप पर हमला कर सकते हैं। इस परेशानी से बचने के लि‍ए आप कोव‍िड के सभी न‍ियमों का पालन करें ताक‍ि आपको कोव‍िड और अन्‍य बीमारियां न हों। 

इसे भी पढ़ें- कोव‍िड और डेंगू के लक्षणों में क्या फर्क है? क्या प्लेटलेट्स कम होना सिर्फ डेंगू का लक्षण है?

डेंगू और कोरोना में अंतर कैसे पहचानें? (Identifying difference between dengue and corona)

  • एडीज मच्‍छर के कारण डेंगू का इंफेक्‍शन होता है वहीं सॉर्क-कोव-2 वायरस के चलते कोव‍िड होता है जि‍सके चलते र‍ेस्‍प‍िरेट्ररी ऑर्गन इंफेक्‍टेड हो जाते हैं और एक से दूसरे को इंफेक्‍शन फैल जाता है। 
  • डेंगू का फीवर दो से सात द‍िनों तक रह सकता है। वहीं कोव‍िड में फीवर 5 से 8 द‍िन या उससे ज्‍यादा समय के ल‍िए रह सकता है। 
  • डेंगू होने पर फीवर, स‍िर में दर्द, आंखों में दर्द, जी म‍िचलाना, उल्‍टी, रैशेज हो सकते हैं वहीं कोव‍िड में सांस लेने में परेशानी, मसल्‍स में दर्द, गले में खराश आद‍ि लक्षण हो सकते हैं। 
  • डेंगू के मरीजों में मुख्‍य तौर पर छोटे बच्‍चे, डायब‍िटीज, अस्‍थमा या हार्ट मरीजों को डेंगू का र‍िस्‍क ज्‍यादा होता है वहीं कोव‍िड में ज्‍यादा उम्र वाले लोग, रेस्‍प‍िरेट्ररी ड‍िसीज के मरीज, क‍िडनी के मरीज, कैंसर के मरीज आद‍ि को बीमारी का ज्‍यादा र‍िस्‍क रहता है।
  • डेंगू में उल्‍टी, ब्‍लीड‍िंग, सांस लेने में परेशानी, लीवर का साइज बढ़ना वॉर्न‍िंग साइंस माने जाते हैं वहीं कोव‍िड में सांस लेने में परेशानी, चेस्‍ट में दर्द, ऑक्‍सीजन लेवल ग‍िरना वॉर्न‍िंग साइंस माने जाते हैं। 

इसे भी पढ़ें- Dengue Day 2021: डेंगू से जल्दी रिकवरी के लिए कैसी होनी चाहिए आपकी डाइट? जानें एक्सपर्ट से

क‍ितने तरह के डेंगू से आपको स‍ुरक्ष‍ित रहने की जरूरत है? (Types of Dengue)

types of dengue

डेंगू मुख्‍य तौर पर तीन का होता है। डेंगू फीवर, डेंगू हैमोरेज‍िक फीवर और डेंगू शॉक स‍िन्‍ड्रोम। इस समय आपको सारे लक्षण कोरोना के लगेंगे पर ऐसा भी हो सकता है क‍ि आपको डेंगू के लक्षण हों। चल‍िए समझते हैं क‍िन लक्षणों के नजर आने पर होता है डेंगू- 

1. डेंगू फीवर (Dengue Fever)

डेंगू फीवर एक तरह का वायरल इंफेक्‍शन है जो एडीज मच्‍छर के काटने से होता है। डेंगू फीवर के लक्षणों में मुख्‍य है बुखार आना। डेंगू होने पर 3 से 7 द‍िनों तक बुखार रहता है। आंखों के पीछे की दर्द या तेज स‍िरदर्द होता है, मसल्‍स और ज्‍वॉइंट्स में पेन होता है। ये दर्द घुटने, एंकल और एल्‍बोज में दर्द हो सकता है। इसके अलावा आपके मुंह का स्‍वाद जा सकता है। भूख न लगना भी डेंगू का लक्षण माना जाता है। इसके अलावा पेट में दर्द, उल्‍टी और डायर‍िया भी हो सकता है। इसके अलावा डेंगू होने पर पैर और हाथ में रैशेज, स्‍क‍िन का छ‍िलना, हेयर लॉस, पीर‍ियड्स में कम ब्‍लीड‍िंग होना, थकान आद‍ि हो सकती है। 

 2. डेंगू हैमोरेज‍िक फीवर (Dengue Hemorrhagic Fever DHF) 

डेंगू हैमोरेज‍िक फीवर dengue hemorrhagic fever भी डेंगू का व‍िक्राल रूप है। मच्‍छर से होने वाले वायरल इंफेक्‍शन डेंगू  इसमें हैमोरेजिक फीवर का रूप ले लेता है। ऐसे मरीजों को तुरंत अस्‍पताल में भर्ती करवाना पड़ सकता है। इस तरह के डेंगू में भी फीवर आता है पर इसके लक्षण डेंगू से ज्‍यादा गंभीर हैं। ये उन लोगों को ज्‍यादा होता है जि‍नको पहले भी एक बार से ज्‍यादा डेंगू हुआ है। इस तरह के डेंगू में एब्‍डॉमिनल पेन, उल्‍टी, मसूड़ों से खून आना, उल्‍टी में ब्‍लड, थकान आद‍ि हो सकता है। इस तरह के फीवर से रेस्‍प‍िरेट्ररी प्रॉब्‍लम, ब्‍लीड‍िंग भी हो सकती है इसल‍िए समय रहते इलाज करवाएं। 

3. डेंगू शॉक स‍िन्‍ड्रोम (Dengue Shock Syndrome DSS)

डेंगू शॉक स‍िन्‍ड्रोम (dengue shock syndrome) डेंगू का सबसे खतरनाक रूप है। सबसे ज्‍यादा मौतें भी इसी में होती हैं। अगर आपको सही समय पर इलाज न म‍िले तो जान खतरे में पड़ सकती है। डेंगू शॉक स‍िन्‍ड्रोम होने पर बुखार आता है जो दो फेस में आ सकता है। एक फेस में फीवर 2 से 7 द‍िनों तक रहता है। इसमें आपकी स्‍क‍िन के रंग में भी बदलाव आ सकता है। इंटरनल ब्‍लीड‍िंग, उल्‍टी, प्‍लेटलेट्स कम होने जैसी समस्‍या भी हो सकती है इसल‍िए लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं। इसके अलावा पल्‍स ग‍िरना, ब्‍लड प्रेशर ग‍िरना भी इसके लक्षण हैं। 

डेंगू से बचने के लि‍ए अपने आसपास सफाई रखें, हाथों को अच्‍छी तरह सैनेटाइज करें। अगर आपके घर में क‍िसी बाल्‍टी या पॉट में पानी भरा रहता है तो उसे खाली कर दें, मच्‍छर यही पनपते हैं। 

Read more on Miscellaneous in Hindi 

Disclaimer