Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

‘Low Fat’ लिखे फूड्स हमेशा हेल्दी क्यों नहीं होते? जानें एक्सपर्ट से

Low Fat लिखे फूड्स हमेशा हेल्दी नहीं होते हैं, क्योंकि इसमें सोडियम और शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इससे सेहत को भारी नुकसान हो सकता है और वेट गेन भी हो सकता है।

अक्सर लोग Low Fat चीजों को खाना पसंद करते हैं। माना जाता है कि इस तरह की चीजों का सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता है और सेहत भी बेहतर रहती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई यह सच है? क्या वाकई Low Fat पोषक तत्वों युक्त खाने की चीजों की ओर इशारा करता है? अगर आप उन्हीं लोगों में से हैं, जो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए Low Fat चीजों का सेवन अधिक करते हैं, तो इस लेख में दी गई चेतावनियों की अनदेखी न करें। इस बारे में Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की 

Low Fat लिखे फूड्स हमेशा हेल्दी क्यों नहीं होते?

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Low Fat लिखे फूड्स वजन घटाने के लिए इन्हें हेल्दी विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसके पीछे कई वजहें जिम्मेदार हैं, जैसे-

अतिरिक्त चीनी का उपयोग

Low Fat का मतलब होता है कि उस खाद्य पदार्थ में बिल्कुल फैट नहीं है। फैट की कमी खाने का स्वाद खराब कर देती है। आमतौर पर स्वाद के बिना लोग खाने की चीजें खरीदने से बचते हैं। इसीलिए कंपनियां Low Fat फूड आइटम्स में अतिरिक्त चीनी का उपयोग करते हैं। सिर्फ चीनी ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल फ्लेवर और कॉर्न सिरप भी मिला दिया जाता है। ध्यान रखें कि फैट से ज्यादा शुगर सेहत के लिए खतरनाक है, जो वजन कम करने के बजाय बढ़ा देती है।

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रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से भरपूर

ज्यादातर लो-फैट स्नैक्स जैसे कुकीज, बिस्कुट या चिप्स आदि को बनाने के लिए रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट यानी मैदा और स्टार्च का उपयोग किया जाता है। इन चीजों का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर तेजी से स्पाइक कर जाता है। यही कारण है कि इनका सेवन करने के कुछ देर बाद ही आपको भूख लग जाती है। जब आप बार-बार खाना खाते हैं, तो वेट गेन का रिस्क अधिक हो जाता है।

हेल्दी फैट की कमी

सही तरह से फंक्शन करने के लिए शरीर को हेल्दी फैट की जरूरत होती है। जब हम Low Fat डाइट फाॅलो करते हैं, तो फैट को पूरी तरह डाइट से बाहर निकाल देते हैं। एक्सपर्ट की मानें, तो हमारा शरीर विटामिन ए, डी, ई और के तभी सोख पाता है, जब शरीर में जरूरत अनुसार फैट होता है। फैट की कमी की वजह से शरीर में जरूरी पोषक तत्व की कमी हो जाती है। ऐसे में शरीर में कमजोरी और थकान बढ़ सकती है

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निष्कर्ष

Low Fat को हेल्दी मानना सही नहीं है। जब किसी पैकेट बंद चीज में Low Fat लिखा हो, तो समझ जाएं कि इसमें अतिरिक्त शुगर और कैलोरी अधिक मात्रा में इस्तेमाल की गई है। इस तरह की चीजें डाइट में शामिल करने से वजन घटता नहीं है, बल्कि वजन बढ़ जाता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो नेचुरल चीजों का सेवन अधिक करें। पैकेट बंद चीजों का सेवन सीमित करें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • सेहत के लिए कौन सा फैट अच्छा होता है?

    हमारे शरीर के लिए अनसैचुरेटेड फैट अच्छा माना जाता है। इसके लिए आप नट्स, बादाम, अखरोट, जैतून के तेल आदि को डाइट का हिस्सा बनाएं।
  • पैकेट बंद लो-फैट चीजें खरीदते समय क्या ध्यान रखें?

    प्रोडक्ट के पीछे दिए गए न्यूट्रिशन लेबल में जांचें कि कहीं उसमें फैट कम करने के बदले शुगर या सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा तो नहीं है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 10, 2026 09:42 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 10, 2026 09:42 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

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