Fri Sep 11, 2026 | 07:31 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

हेल्दी लगने वाले ये फूड्स चूस लेते हैं आपकी सारी एनर्जी, खाने के बाद हो सकती है भारी थकान

हेल्दी लगने वाले कई ऐसे फूड आइटम्स होते हैं, जो खाने में स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन हमारी एनर्जी के स्तर को घटा देते हैं। जानें, इनके बारे में।

स्वस्थ रहने के लिए हम हेल्दी फूड्स का सेवन करते हैं। इन फूड्स के जरिए हमें जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जो हमें एक्टिव और एनर्जेटिक बने रहने में मदद करते हैं। क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे हेल्दी फूड्स हैं, जो पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद ज्यादा मात्रा में इनका सेवन करने से एनर्जी का स्तर गिर सकता है? इस लेख में हम ऐसे ही फूड आइटम्स का जिक्र करेंगे। इस संबंध में विस्तार से जानने के लिए हमने Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की है।

थकान बढ़ाने वाले फूड्स

healthy looking foods that drain your energy 01 (15)

वेजिटेबल स्मूदीः ज्यादातर वेजिटेबल स्मूदी खाने में स्वादिष्ट होते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके बावजूद, विशेषज्ञ बताते हैं कि वेजिटेबल स्मूदी जितने हेल्दी दिखते हैं, ये स्वास्थ्य को उतना ही नुकसान पहुंचाते हैं। दरअसल, स्मूदी का सेवन करने से पोषक तत्व तेजी से एब्जाॅर्ब होते हैं और इसमें शुगर कंटेंट भी काफी ज्यादा होता है। वेजिटेबल स्मूदी का सेवन करने से ब्लड शुगर इंबैलेंस हो सकता है डाइजेस्टिव फटीग जैसी दिक्कत हो सकती है।

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फ्लेवरयुक्त दहीः हममें से कई लोग खाने का स्वाद बदलने के लिए फ्लेवरयुक्त दही का सेवन करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह भी आपकी एनर्जी के स्तर को गिरा सकता है? फ्लेवरयुक्त दही में शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। जब आप इसका सेवन करते हैं, तो इसकी वजह से तेजी से शुगर स्पाइक करता है और एनर्जी के स्तर पर इसका असर नजर आने लगता है।

काॅफीः आमतौर पर काॅफी एनर्जेटिक बने रहने के लिए पिया जाता है, लेकिन सच्चाई ये है कि काॅफी सिर्फ हमारी थकान को छिपाती है, दूर नहीं करती है। जब कोई अधिक मात्रा में काॅफी पी लेता है, तो कैफीन एडेनोसाइन को ब्लॉक कर देता है। जब कैफीन का असर खत्म होने लगता है, तो शरीर में जमा हुआ एडेनोसाइन मस्तिष्क में तेजी से भर जाता है। परिणामस्वरूप अचानक अत्यधिक थकान महसूस होने लगती है, जिसे कैफीन क्रैश भी कहा जाता है।

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रिफाइंड कार्ब्स: रिफाइंड व्हाइट कार्ब्स जैसे सफेद ब्रेड, पास्ता, पेस्ट्री ब्लड शुगर को तेजी से स्पाइक करते हैं। इसलिए, जब आप इसका सेवन करते हैं, तो ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है और उतनी ही तेजी से थोड़ी देर बाद ब्लड शुगर के स्तर में गिरावट आती है। ऐसे में शरीर थकान और ऊर्जा की कमी महसूस करने लगता है। इसके विज्ञान को समझें। रिफाइंड कार्ब्स में फाइबर या किसी भी तरह के विशेष पोषक तत्व नहीं हैं। ये तुरंत पच जाते हैं, जिससे इंसुलिन का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है जो स्थिति को जरूरत से ज्यादा सुधारने की कोशिश करता है। नतीजतन, थकान, मस्तिष्क में धुंधलापन और अधिक ऊर्जा खत्म होने लगती है।

निष्कर्ष

हमारी रोजमर्रा की खानपान की आदतों में कई ऐसी चीजें शामिल हैं, जो ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के बजाय घटा देती हैं। इन्हीं का जिक्र हमने लेख में किया है। अगर आपने भी इन चीजों को अपनी रेगुलर डाइट का हिस्सा बना रखा है, तो आज इन्हें अपनी डाइट से बाहर निकाल दें या सेवन की मात्रा सीमित कर लें। हां, अगर डाइट में कोई अहम बदलाव कर रहे हैं, तो बेहतर है कि आप एक्सपर्ट की सलाह ले लें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या सभी प्रकार के दही एनर्जी लेवल घटाते हैं?

    नहीं, सादा दही या ग्रीक योगर्ट (बिना चीनी वाला) ऊर्जा के लिए बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं।
  • कॉफी का सेवन कैसे करें कि कैफीन क्रैश न हो?

    कॉफी का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए।
  • क्या स्मूदी की जगह साबुत फल-सब्जियां खाना बेहतर है?

    एक्सपर्ट्स की मानें तो साबुत फल और सब्जियां खाने से शरीर को पूरा फाइबर मिलता है और शुगर स्तर भी स्पाइक नहीं करता है इसलिए इसे बेहतर माना जा सकता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Meera Tagore
  • Apr 30, 2026 18:36 IST

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