Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

गर्मि‍यों में PCOS कंट्रोल के लिए पिएं ये आयुर्वेदिक ड्रिंक्स, हार्मोन बैलेंस करने में मिलेगी मदद

PCOS के लक्षण और गर्मी से राहत के ल‍िए आयुर्वेद‍िक जड़ी-बूटि‍योंं से बनी हेल्‍दी ड्र‍िंक्‍स का सहारा ले सकते हैं। इन ड्र‍िंक्‍स से शरीर को ठंडक भी म‍िलता है और हार्मोन्‍स को बैलेंस रखने में भी मदद म‍िलती है।

PCOS मह‍िलाओं में होने वाली एक हार्मोनल समस्‍या है ज‍िसके कारण पीर‍ियड्स अन‍ियम‍ित हो जाते हैं, वजन बढ़ने लगता है, हेयर फाॅल जैसे लक्षण नजर आते हैं। गर्मि‍यों में PCOS के लक्षण ज्‍यादा परेशान करते हैं क्‍योंक‍ि इस मौसम में ड‍िहाइड्रेशन से हार्मोन्‍स और मेटाबॉल‍िज्‍म का संतुलन ब‍िगड़ सकता है। PCOS और गर्मी को मैनेज करने के ल‍िए कुछ हेल्‍दी आयुर्वेद‍िक ड्र‍िंक्‍स का सहारा ले सकते हैं। इनके सेवन से गर्मी से, तो राहत म‍िलेगी ही साथ ही हार्मोन्‍स भी बैलेंस रहेंगे। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. हल्‍दी का पानी- Turmeric Water

हल्‍दी का पानी शरीर में सूजन और वजन कम करने में मदद करता है जो क‍ि PCOS में एक बड़ी समस्‍या होती है। 2023 में Heliyon नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, हल्‍दी के पानी का सेवन करने से PCOS में सूजन, ऑक्‍सीडेट‍िव स्‍ट्रेस और इंंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस को कम करने में मदद म‍िली।

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2. दालचीनी का पानी- Cinnamon Water

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दालचीनी इंसुल‍िन सेंस‍िट‍िव‍िटी को कंंट्रोल करने में मदद म‍िलती है और इसके पानी को पीने से शरीर को ठंडक भी म‍िलती है क्‍योंक‍ि दालचीनी की तासीर ठंडी होती है। अन‍ियमि‍त पीर‍ियड्स में भी दालचीनी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। 2017 में Scientific Journal Of Medical Research नामक जर्नल में प्रकाशि‍त एक स्‍टडी के मुताब‍िक, PCOS के मरीजों में अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए दालचीनी का सेवन फायदेमंद रहा।

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3. त्र‍िफला का पानी- Triphala Water

गर्मि‍यों में PCOS के मरीज त्र‍िफला के पानी का सेवन कर सकते हैं। त्र‍िफला में एंंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इससे हार्मोन्‍स को बैलेंस करने में मदद म‍िलती है। 2024 में International Journal Of Science And Research नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, त्र‍िफला प्रजनन स्‍वास्‍थ्‍य को सपोर्ट करता है। यह हार्मोन्‍स को बैलेंस करता है और शरीर को ड‍िटॉक्‍स करने में मदद करता है।

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4. शतावरी- Shatavari

शतावरी एक जड़ी-बूटी है जो मह‍िलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए और शरीर को ठंडक देने के ल‍िए फायदेमंद मानी जाती है। 2018 में International Journal Of Pharmaceutical Sciences And Research नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, शतावरी का सेवन करने से PCOS के लक्षणों में कमी देखी गई।

न‍िष्‍कर्ष:

PCOS के मरीज लक्षणों को कंंट्रोल करने के ल‍िए और गर्मि‍यों में शरीर को ठंंडक देने के ल‍िए त्र‍िफला, शतावरी, हल्‍दी और दालचीनी का पानी पी सकते हैं। क‍िसी भी ड्र‍िंक को डाइट में शाम‍िल करने से पहले डॉक्‍टर की सलाह लेना न भूलें।

FAQ

  • PCOS के लक्षण क्‍या हैं?

    अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर अनचाहे बाल, मुंहासे, हेयर फॉल, गर्भधारण में द‍िक्‍कत वगैरह।
  • PCOS में कैसी डाइट लें?

    PCOS में लो ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स वाली चीजें जैसे सब्‍ज‍ियांं, फल, साबुत अनाज वगैरह का सेवन कर सकते हैं। प्रोसेस्‍ड फूड्स, चीनी और जंक फूड से बचें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 30, 2026 17:26 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 30, 2026 17:26 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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