Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

प्रेग्नेंसी में ज्यादा गर्मी क्यों लगती है? डॉक्टर से जानें कारण और उपाय

प्रेग्नेंसी का समय हर महिला के लिए बेहद खास होता है लेकिन इस दौरान शरीर में इतने बदलाव आते हैं कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी होती हैं। यहां जानिए, प्रेग्नेंसी में ज्यादा गर्मी क्यों लगती है?

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प्रेग्नेंसी का समय हर महिला के लिए एक खास और यादगार अनुभव होता है और यह वह समय होता है जब एक नया जीवन उसके भीतर पनप रहा होता है। इस दौरान प्रेग्नेंट महिला शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से कई बदलावों से गुजरती है, साथ ही इस खूबसूरत सफर के दौरान कुछ असहज करने वाली स्थितियां भी सामने आती हैं, जिनमें से एक है शरीर में ज्यादा गर्मी महसूस होना। कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसा लगता है कि उन्हें हर समय पसीना आ रहा है या वे सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस कर रही हैं, भले ही मौसम ठंडा क्यों न हो।

यह सवाल अक्सर महिलाओं के मन में आता है कि आखिर प्रेग्नेंसी में इतनी गर्मी क्यों लगती है? क्या यह सामान्य है या किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत है? दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक परिवर्तन होते हैं जो इस गर्मी का कारण बन सकते हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने लखनऊ के मा-सी केयर क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉक्टर और स्तनपान सलाहकार डॉ. तनिमा सिंघल (Dr. Tanima Singhal, Pregnancy educator and Lactation Consultant at Maa-Si Care Clinic, Lucknow) से बात की-

प्रेग्नेंसी में ज्यादा गर्मी क्यों लगती है? - Why Do You Feel Hot During Pregnancy

1. हार्मोनल बदलाव

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का लेवल तेजी से बढ़ता है। ये हार्मोन शरीर के तापमान को कंट्रोल करने में प्रभाव डालते हैं। प्रोजेस्टेरोन शरीर में गर्मी उत्पन्न करने वाली प्रोसेस को तेज कर देता है, जिससे महिला को ज्यादा गर्मी महसूस होती है। इसके अलावा, ये हार्मोन शरीर की पसीने की ग्रंथियों को भी ज्यादा एक्टिव कर देते हैं, जिससे शरीर अधिक गर्म लगता है और पसीना ज्यादा आता है।

2. ब्लड सर्कुलेशन में बढ़ोत्तरी

प्रेग्नेंसी में शिशु को पोषण देने के लिए महिला के शरीर में अच्छे ब्लड सर्कुलेशन की जरूरत होती है जिसको शरीर में पंप करने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर गर्म महसूस करता है। अधिक ब्लड फ्लो की वजह से त्वचा की सतह पर गर्माहट बढ़ जाती है, जिससे विशेषकर चेहरे, हाथों और पैरों में गर्मी का एहसास अधिक होता है।

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3. बढ़ा हुआ मेटाबॉलिज्म

प्रेग्नेंट महिला का मेटाबॉलिक रेट सामान्य से अधिक हो जाता है। इसका मतलब है कि शरीर ज्यादा एनर्जी जला रहा है और यह प्रक्रिया शरीर के तापमान को बढ़ा देती है। मेटाबॉलिज्म जितना तेज होगा, शरीर उतनी ही अधिक गर्मी महसूस करेगा। इसीलिए, कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान सामान्य से अधिक पसीना आता है और उन्हें लगातार कूलर या एसी की जरूरत महसूस होती है।

4. वजन बढ़ना

प्रेग्नेंसी में वजन का बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। जैसे-जैसे शरीर में फैट का प्रतिशत बढ़ता है, शरीर की गर्मी को बाहर निकलने में कठिनाई होती है। चर्बी से शरीर का तापमान भीतर ही बना रहता है और बाहर निकल नहीं पाता। इससे गर्मी का एहसास और बढ़ जाता है।

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5. गर्म मौसम और प्रेग्नेंसी

अगर प्रेग्नेंसी गर्मियों में हो रही हो, तो स्थिति और भी कठिन हो सकती है। बाहरी तापमान पहले से ही अधिक होता है और शरीर पहले से गर्म महसूस कर रहा होता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का भी खतरा बढ़ जाता है। गर्मी के कारण सिरदर्द, चक्कर, थकावट और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

why do you feel hot during pregnancy

प्रेग्नेंसी में ज्यादा गर्मी लगे तो क्या करें? - What To Do When Feeling Hot During Pregnancy

1. हाइड्रेशन बनाए रखें

दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। साथ ही नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी जैसी नेचुरल ड्रिंक्स का सेवन करें ताकि शरीर ठंडा रहे और डिहाइड्रेशन न हो।

2. ढीले और सूती कपड़े पहनें

कॉटन और लाइट फैब्रिक के ढीले कपड़े पहनने से शरीर को सांस लेने में आसानी होती है और पसीना जल्दी सूख जाता है।

3. ठंडी जगह पर रहें

जहां तक संभव हो, दिन के गर्म समय में बाहर जाने से बचें। घर के पंखे, कूलर या एयर कंडीशनर का उपयोग करें।

4. हल्का और पौष्टिक भोजन लें

ज्यादा तेल-मसालेदार खाने से शरीर की गर्मी और बढ़ सकती है। इसलिए हल्का, सुपाच्य और ठंडक देने वाला भोजन जैसे फल, दही, खीरा, तरबूज आदि खाएं।

5. नियमित नहाएं

दिन में एक या दो बार ठंडे पानी से स्नान करने से शरीर की गर्मी कम होती है और ताजगी मिलती है।

6. फिजिकल एक्टिविटी

हल्की एक्सरसाइज जैसे प्रेग्नेंसी योगा या वॉकिंग से शरीर का तापमान संतुलित रहता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा मेहनत करने से शरीर गर्म हो सकता है।

निष्कर्ष

प्रेग्नेंसी में गर्मी लगना एक सामान्य लेकिन असहज करने वाली स्थिति हो सकती है। इसका मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव, ब्लड सर्कुलेशन का बढ़ना और बढ़ा हुआ मेटाबॉलिज्म है। लेकिन कुछ आसान उपायों को अपनाकर इस गर्मी से राहत पाई जा सकती है। साथ ही, अगर स्थिति असामान्य लगे तो डॉक्टर से सलाह लेना बिलकुल भी न टालें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • क्या गर्मी गर्भ में बच्चे को प्रभावित करती है?

    अगर मां का शरीर ज्यादा गर्म हो जाए या उसे डिहाइड्रेशन हो जाए तो गर्भ में पल रहे बच्चे पर कुछ हद तक प्रभाव पड़ सकता है। शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ने से भ्रूण के विकास पर असर पड़ सकता है, विशेषकर प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में। ज्यादा पसीना, चक्कर आना, थकावट या हीट स्ट्रोक जैसी स्थितियां मां और शिशु दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को गर्मी में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाना जरूरी है।
  • गर्भवती महिला को गर्मी में क्या खाना चाहिए?

    गर्मी के मौसम में गर्भवती महिला को ऐसी डाइट लेनी चाहिए जो शरीर को ठंडक पहुंचाए और पोषण भी दे। उसे ताजे फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा और खीरा अधिक मात्रा में खाने चाहिए। दही, छाछ, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर को हाइड्रेट और ठंडा रखते हैं। हल्का, सुपाच्य और कम मसालेदार खाना जैसे मूंग की दाल, हरी सब्जियां, और दलिया उपयुक्त होते हैं। तले-भुने, अधिक तेल और मिर्च वाले भोजन से बचना चाहिए।
  • गर्भ में बच्चे की ग्रोथ के लिए क्या खाएं?

    गर्भ में बच्चे की सही ग्रोथ के लिए गर्भवती महिला को संतुलित और पोषक डाइट लेनी चाहिए। प्रोटीन युक्त फूड्स पदार्थ जैसे दालें, अंडे, दूध, पनीर, दही और सूखे मेवे बच्चे की मांसपेशियों और ऊतकों यानी टिश्यू के विकास में सहायक होते हैं। आयरन युक्त भोजन जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर और अनार खून की कमी को दूर करते हैं। फोलिक एसिड युक्त फूड्स जैसे पालक, ब्रोकली और फल गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में मदद करते हैं।

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Akanksha Tiwari

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Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 27, 2025 12:29 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 27, 2025 12:29 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal

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