प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अक्सर खुजली की दिक्कत होने लगती है। खासकर कि दूसरी और तीसरी तिमाही में महिलाओं को ये दिक्कत ज्यादा होती है। जैसे-जैसे पेट में बच्चे का आकार बढ़ता है पेट और ब्रेस्ट की स्किन में खिंचाव आता है जिससे खुजली होने लगती है। इसके अलावा शरीर में हार्मोनल बदलाव जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का बढ़ना शरीर की सेंसिटिविटी को बढ़ाता है जिससे खुजली की समस्या बहुत ज्यादा परेशान करती है। इसके अलावा लिवर में पित्त बढ़ने की वजह से भी आपको ये दिक्कत परेशान कर सकती है जिसकी वजह से तीसरी तिमाही में हथेलियों और तलवों में खुजली की समस्या हो सकती है। साथ ही नमी की कमी भी प्रेग्नेंसी में खुजली का कारण बन सकती है, ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी स्किन को नमी प्रदान करने के साथ खिंचाव को कम करने वाले घरेलू उपाय को आजमाएं जैसे कि ये तेल। जानते हैं इस बारे में Dr. Shilparani A, Assistant Professor, Dept. of Prasuti tantra and Streeroga, SDM College of Ayurveda and Hospital, Hassan और Dr. Deepak Joshi, Ayurveda Expert Pravek Kalp से।
प्रेग्नेंसी में खुजली की समस्या होने पर लगाएं अजवाइन और हींग का तेल
प्रेग्नेंसी में अगर आपको बहुत ज्यादा खुजली परेशान करे तो आप इन दो चीजों से तेल बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको अजवाइन और हींग का इस्तेमाल करना है और इससे तेल तैयार करना है। इसके लिए आपको करना ये है कि
- अजवाइन और हींग को सरसों के तेल में डालकर पका लें।
- इस तेल को छान लें और इसे अपने शरीर पर लगाएं।
इसके अलावा आप ये कर सकते हैं कि एक चुटकी हींग को नारियल तेल या बादाम तेल जैसे किसी अन्य तेल में मिलाकर हल्का गर्म करें। इसमें अजवाइन मिलाकर गर्म करें और फिर शरीर इसे शरीर पर लगाएं। ये खुजली को कम करने के साथ दर्द में आराम दिलाने में मददगार है।
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प्रेग्नेंसी में अजवाइन हींग का तेल लगाने के फायदे
Dr. Shilparani A बताती हैं कि अजवाइन का तेल, जिसे कैरम ऑयल (Carom oil) भी कहा जाता है, अपनी तीखी और गर्म तासीर के लिए जाना जाता है। इसकी प्रभावशीलता इसमें मौजूद सक्रिय यौगिकों, मुख्य रूप से थाइमोल (thymol) और कारवाक्रोल (carvacrol) होने के कारण है ये प्रेग्नेंसी में होने वाली खुजली के लिए कारगर उपाय है। इस तेल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और सूजनरोधी गुण होते हैं।

अब बात हींग की करें तो हींग, फेरुला प्रजाति की जड़ों के लेटेक्स से प्राप्त एक गोंद है। आयुर्वेद में, यह अपनी गर्म तासीर (उष्ण वीर्य), सूजनरोधी और रोगाणुरोधी गुणों के लिए जानी जाती है। अध्ययनों के अनुसार, हींग में प्राकृतिक एंटीहिस्टामाइन गुण होते हैं जो एलर्जी और त्वचा की जलन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, हींग में फेरुलिक एसिड (ferulic acid) और अम्बेलिफेरोन (umbelliferone) जैसे यौगिक होते हैं, जो त्वचा के ऊतकों में सूजन और रेडनेस को कम करते हैं। हींग में मौजूद सल्फर एंटीफंगल के रूप में भी काम कर सकता है और खुजली को दूर करने में काफी कारगर है।
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हालांकि, अजवाइन, विशेष रूप से इससे बना तेल या उच्च औषधीय खुराक में, गर्भाशय संकुचन और संभावित रूप से गर्भपात का कारण बन सकती है। पैच टेस्ट के बाद ही इसका प्रयोग करें। प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से पहले अजवाइन के तेल की 1-2 बूंदों को किसी वाहक तेल जैसे नारियल तेल या जोजोबा तेल में मिलाकर पतला किया जा सकता है। पैच टेस्ट के बाद ही प्रयोग करें। दिन में एक या दो बार से अधिक प्रयोग न करें। गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में इसका प्रयोग न करना बेहतर है।
FAQ
प्रेग्नेंसी में खुजली क्यों होती है?
प्रेग्नेंसी में खुजली होने के तीन कारण हैं पहला स्ट्रेचिंग, दूसरा शरीर में पित्त का बढ़ना और तीसरा हार्मोनल असंतुलन। ऐसे में दोनों को कंट्रोल करना चाहिए और इसके लिए आप अपने डॉक्टर से दवा ले सकते हैं।गर्भावस्था में कहाँ-कहाँ खुजली होती है?
गर्भावस्था में शरीर के कई अंगों में खुजली होती है। पहले तो पेट और ब्रेस्ट पर। दूसरा, पीठ, हाथ, पैरों और तलवों में और इसी प्रकार ये खुजली आपको अपने पूरे शरीर में महसूस हो सकती है।प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा खुजली हो तो क्या करें?
प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा खुजली होने पर आपको करना ये है कि आप डॉक्टर को दिखाएं और उनके द्नारा दी गई दवाओं का इस्तेमाल करें।
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Current Version
Jan 27, 2026 14:23 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 27, 2026 14:23 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Deepak Joshi