Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

थ्रेडिंग के बाद खुजली-रेडनेस बढ़ जाती है? ये घरेलू उपाय देंगे राहत

क्‍या थ्रेड‍िंग के बाद आपकी त्‍वचा में भी खुजली और रेडनेस बढ़ जाती है? अगर हां, तो परेशान न होंं। कोकोनट ऑयल, गुलाब जल जैसे व‍िकल्‍पों की मदद से खुजली को दूर कि‍या जा सकता है।

थ्रेड‍िंग (Threading) एक हेयर र‍िमूवल मेथड है ज‍िसकी मदद से अनचाहे बालों को हटाया जाता है। वैसे तो सुरक्ष‍ित ढंंग से की कई थ्रेड‍िंग से कोई गंभीर समस्‍या नहीं होती, लेक‍िन थ्रेड‍िंग के बाद कई लोग त्‍वचा में खुजली या रेडनेस की श‍िकायत करते हैं। इसका कारण है हाइजीन का ख्‍याल न रखना या आपकी त्‍वचा ज्‍यादा सेंस‍िट‍िव होना। थ्रेड‍िंग के तुरंत बाद हल्‍की खुजली होना सामान्‍य है लेक‍िन अगर आपको लंबे समय तक त्‍वचा में रैशेज, इर‍िटेशन या दाने जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं, तो उस पर गौर करें और इलाज करवाएं। थ्रेड‍िंग के बाद होने वाली खुजली को दूर करने के ल‍िए कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद भी ले सकते हैं। इन उपायों को आगे व‍िस्‍तार से जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. ऑयली स्‍क‍िन में गुलाब जल लगाएं- Use Rose Water For Oily Skin

  • ऑयली स्‍क‍िन वालों के ल‍िए खुजली दूर करने का बेस्‍ट घरेलू उपाय है गुलाब जल।
  • गुलाब जल त्‍वचा के पीएच लेवल को बैलेंस करता है जो क‍ि थ्रेड‍िंग के दौरान खराब हो जाता है।
  • गुलाब जल पोर्स को बंद क‍िए बगैर त्‍वचा को हाइड्रेट करता है।
  • गुलाब जल में भी एंंटी-इंंफ्लेमेटरी गुण होते हैं ज‍िससे रेडनेस और खुजली का इलाज होता है।

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2. ड्राई स्‍क‍िन में कच्‍चे दूध से खुजली दूर करें- Use Raw Milk For Dry Skin Itching

  • कच्‍चे दूध को त्‍वचा पर लगाने के ल‍िए कॉटन बॉल में दूध को डालें और उसे त्‍वचा पर हल्‍के हाथ से लगाएं।
  • पांच से दस म‍िनट रखकर ठंडे पानी से चेहरे को धो लें। ऐसा करने से खुजली जल्‍द दूर होगी।
  • दूध में मौजूद लैक्‍ट‍िक एस‍िड, म‍िल्‍क फैट्स और प्रोटीन मौजूद होते हैं ज‍िससे ड्राई पैच की समस्‍या दूर होती है और त्‍वचा को नमी म‍िलती है।
  • कच्‍चा दूध त्‍वचा को ठंडक देता है ज‍िससे त्‍वचा में खुजली, रेडनेस और इरि‍टेशन को दूर करने में मदद म‍िलती है।

3. सभी स्‍क‍िन टाइप के ल‍िए बेस्‍ट है कोकोनट ऑयल- Coconut Oil Is Best For All Skin Type

  • थ्रेड‍िंग के बाद त्‍वचा में खुजली या रेडनेस हो गई है, तो कोकोनट ऑयल का इस्‍तेमाल करें। यह हर स्‍क‍िन टाइप के ल‍िए खुजली दूर करने का आसान घरेलू उपाय है।
  • कोकोनट ऑयल में लॉरिक एसिड (Lauric Acid) होता है ज‍िसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
  • इस ऑयल की मदद से रेडनेस और त्‍वचा की जलन दूर हो जाती है।
  • कोकोनट ऑयल में एंटी-बैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं ज‍िससे त्‍वचा की लेयर को इंफेक्‍शन के ख‍िलाफ सुरक्षा म‍िलती है और त्‍वचा पर एक्‍ने या लाल दानों की समस्‍या दूर होती है।

4. थ्रेड‍िंग से पहले धागे को सैन‍िटाइज करें- Sanitize Thread Before Use

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अगर आप पार्लर में थ्रेड‍िंग करवाने जाते हैं और आपको अक्‍सर दाने या रैशेज हो जाते हैं, तो थ्रेड‍िंग के ल‍िए इस्‍तेमाल क‍िए जाने वाले धागे पर गौर करें। कई पार्लर में बि‍ना सैन‍िटाइज क‍िए ही धागे को एक से ज्‍यादा लोगों की त्‍वचा पर इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। यही नहीं बल्‍क‍ि कई पार्लर में धागे को काटने के ल‍िए ब्‍लेड या कैंसी की जगह दांत लगाते हैं ज‍िससे थ्रेड‍िंग करवाने से सेप्‍स‍िस (Sepsis) होने का खतरा बढ़ जाता है। इसल‍िए थ्रेड‍िंग के दौरान सावधानी बरतें और अच्‍छे पार्लर में ही थ्रेड‍िंग करवाएं और कोश‍िश करें क‍ि इसे रेगुलर न करवाएंं।

न‍िष्‍कर्ष:

थ्रेड‍िंग के बाद खुजली या रेडनेस को दूर करने के ल‍िए कोकोनट ऑयल, गुलाब जल या कच्‍चे दूध का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। पार्लर में इस्‍तेमाल क‍िए गए धागे को चेक करें क‍ि वो सैन‍िटाइज है या नहीं क्‍योंक‍ि वह त्‍वचा में इंफेक्‍शन होने का एक आम कारण है।

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FAQ

  • थ्रेडिंग के बाद मेरी त्वचा में खुजली क्यों होती है?

    थ्रेड‍िंग के ठीक बाद त्‍वचा में हल्‍की रेडनेस होना सामान्‍य बात है, लेक‍िन अगर लंबे समय तक खुजली, रेडनेस या दाने नजर आएं, तो इसका कारण इंफेक्‍शन हो सकता है या धागे को सैनेटाइज न करने की वजह से भी त्‍वचा में इर‍िटेशन हो सकता है।
  • थ्रेडिंग के बाद क्या लगाना चाहिए?

    थ्रेड‍िंग के बाद त्‍वचा पर कोकोनट ऑयल, गुलाब जल या कच्‍चा दूध लगा सकते हैं। अगर ऑयली स्‍क‍िन है, तो नीम या एलोवेरा जेल भी अप्‍लाई कर सकते हैं।
  • थ्रेडिंग के क्या नुकसान हैं?

    थ्रेड‍िंग करवाने के बाद त्‍वचा के रोमछि‍द्र खुल जाते हैं ज‍िससे गंदगी और बैक्‍टीर‍िया पोर्स के अंदर चले जाते हैं। ज्‍यादा थ्रेड‍िंग करवाने से खुजली, रेडनेस या रैशेज हो सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 09, 2026 13:23 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 09, 2026 13:23 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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