Fri Sep 18, 2026 | 05:49 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

वजन कम करते समय मीठा खाने की क्रेविंग क्यों बढ़ जाती है? एक्सपर्ट से जानें

जब आप वेट लॉस करते हैं तो शुगर लो हो जाता है जिससे मीठे की क्रेविंग बढ़ती है। इसे कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक्सपर्ट से जानते हैं इस क्रेविंग को कंट्रोल कैसे करें और किन बातों का रखें ध्यान?
वजन कम करते समय मीठा खाने की क्रेविंग क्यों बढ़ जाती है? एक्सपर्ट से जानेंवजन कम करते समय मीठा खाने की क्रेविंग क्यों बढ़ जाती है? एक्सपर्ट से जानें

मीठा खाने से तेजी से वजन बढ़ता है और हैरानी की बात ये है कि जब आप वेट लॉस कर रहे होते हैं तो मीठे की क्रेविंग तेजी से बढ़ती है और इसे खाने पर मजबूर कर देती है। Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहती हैं कि वजन कम करने के दौरान मीठा खाने की इतनी तेज इच्छा इसलिए होती है क्योंकि डाइटिंग के दौरान कम खाना खाने से शरीर को एनर्जी के लिए तुरंत मिलने वाले स्रोतों की जरूरत महसूस होती है। ऐसे में मीठा खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और बॉडी बेहतर महसूस करती है। 

वजन कम करते समय मीठा खाने की इच्छा क्यों बढ़ जाती है?

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि वजन कम करते समय मीठा खाने की इच्छा असल में कई कारणों से बढ़ जाती है। सबसे पहले तो पसंदीदा खाने की चीजों को पूरी तरह से छोड़ देने से उन्हें खाने की मानसिक क्रेविंग बढ़ जाती है जिससे मीठे की क्रेविंग हो सकती है। इसके अलावा जैसे ही आप वेट लॉस के लिए एक तय डाइट फॉलो करते हैं बॉडी में एनर्जी शिफ्ट आता है। शुगर असंतुलित होता है। इससे शरीर और एनर्जी की मांग करता है जिससे मीठा खाने की इच्छा और बढ़ जाती है।

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डाइट की कमी से हो सकती है मीठे की क्रेविंग

दरअसल, ध्यान देने वाली बात यह है कि डाइट में ज्यादा कार्ब्स होते से यह बहुत जल्दी पच जाते हैं जिससे बार-बार खाने की क्रेविंग होती है और ऐसे में मीठा खाने की ज्यादा इच्छा होती है। इस स्थिति में आपको प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए जो कि मीठे की क्रेविंग को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही प्रोटीन उन हार्मोन्स को कंट्रोल करने में मदद करता है जिससे बार-बार भूख लगती है।

लंबे समय तक फास्टिंग करने से

वेट लॉस डाइट फॉलो करने के दौरान अगर आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं, तो आपको मीठा खाने की क्रेविंग हो सकती है। ऐसे में डाइट फॉलो करते समय अपने खाने की टाइमिंग का खास ख्याल रखें और जिस समय जैसी डाइट फॉलो करने के लिए कहा गया हो उसे ही फॉलो करें।

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वेट लॉस में मीठे की क्रेविंग होने के अन्य कारण

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि मीठे की क्रेविंग होने के पीछे असली कारण शरीर में शुगर की कमी नहीं है क्योंकि क्रेविंग पर आदतों, भावनाओं, तनाव, नींद, खाने की उपलब्धता और कुछ खास तरह के खाने का भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा

  • नींद की कमी और ज्यादा तनाव की वजह से बहुत मीठा खाने का मन हो सकता है। साल 2018 में Journal of Health Psychology में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, क्रोनिक तनाव का फूड क्रेविंग पर सीधा प्रभाव पड़ता है। तनाव के समय होने वाली क्रेविंग्स आमतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थों के लिए होती हैं जिनमें शक्कर, चॉकलेट, कार्बोहाइड्रेट और फैट की मात्रा अधिक होती है।
  •  किसी खास समय पर, जैसे रात के खाने के बाद, बार-बार मीठा खाने से आदत के कारण जबरदस्त क्रेविंग हो सकती है, भले ही शरीर को अतिरिक्त एनर्जी की जरूरत न हो।
  • बहुत ज्यादा पाबंदी वाली डाइट इस असर को और बढ़ा सकती है क्योंकि व्यक्ति को लगता है कि कुछ खास तरह का खाना मना है, जिससे उन चीजों पर ध्यान ज्यादा जाता है।

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वेट लॉस में क्रेविंग कंट्रोल कैसे करें?

डाइट एक्सपर्ट एडविना का सुझाव है कि आमतौर पर, ज्यादा पाबंदी लगाने के बजाय एक बेहतर तरीका यह है कि डाइट में 

  • प्रोटीन से भरे फूड्स
  • सब्जियों
  • फलों
  • साबुत अनाज
  • दालों
  • डेयरी या उसके सही विकल्पों और हेल्दी फैट को शामिल करें।

साथ ही, सही समय पर अपनी पसंद का खाना सीमित मात्रा में खाने की छूट भी दी जा सकती है। फलों जैसी प्राकृतिक रूप से मीठी चीजों को खाने से मीठा खाने की इच्छा पूरी हो सकती है और साथ ही फाइबर और पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।

निष्कर्ष:

हालांकि, अगर लगातार या बहुत ज्यादा क्रेविंग हो रही हो, तो इसे दूसरे लक्षणों और खाने की आदतों के साथ भी देखा जाना चाहिए, खासकर तब जब यह सामान्य रूप से खाने या वजन को नियंत्रित करने में बाधा डाल रही हो। ऐसे में आपको सबसे पहले अपने डाइट एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए और जरूरत पड़े तो किसी डॉक्टर का भी सुझाव लें।

FAQ

  • लंबे समय तक फास्टिंग, मीठे की क्रेविंग को कैसे प्रभावित करती है?

    वेट लॉस डाइट के दौरान लंबे समय तक भूखे रहने से शुगर लो हो जाता है जिससे शरीर को तुरंत एनर्जी की जरूरत महसूस होती है और मीठे की क्रेविंग बढ़ जाती है।
  • क्या डाइट में प्रोटीन की कमी से मीठे की क्रेविंग होती है?

    हां, अगर डाइट में प्रोटीन कम और कार्ब्स ज्यादा हैं, तो कार्ब्स के जल्दी पचने के कारण बार-बार मीठे की क्रेविंग हो सकती है।

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Disclaimer

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 18, 2026 16:32 IST

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