Fri Oct 2, 2026 | 07:31 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

साइनस में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं? फेफड़ो के डॉक्टर से जानें

साइनस डाइट (Sinus Diet): साइनस की समस्या वाले लोगों को उन चीजों से परहेज करना चाहिए जो कि कफ बढ़ाते हैं। आइए, जानते हैं इसके अलावा कौन से फूड्स इस समस्या में मददगार साबित हो सकते हैं।
साइनस में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं? फेफड़ो के डॉक्टर से जानेंसाइनस में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं? फेफड़ो के डॉक्टर से जानें

साइनस डाइट (Sinus Diet): साइनसाइटिस को ठीक करने वाला कोई खास खाना नहीं है, लेकिन ठीक होने के दौरान सही खान-पान से सेहत और शरीर में पानी का स्तर (हाइड्रेशन) बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यह हम नहीं Dr. Koushik.N, Consultant - Pulmonologist & Sleep Medicine Specialist, Aster RV Hospital, Bangaluru का कहना है। इसके अलावा Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहते हैं कि विटामिन सी से भरपूर चीजों को खाना इस इंफेक्शन में फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा भी इन दोनों डॉक्टर्स न कई टिप्स शेयर किए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए हाइड्रेशन का महत्व

Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि साइनसाइटिस, यह पैरानेजल साइनस में सूजन है, जो नाक के आस-पास की हड्डियों के अंदर की खाली जगहें होती हैं। साइनस की अंदरूनी परत एक पतली झिल्ली से बनी होती है जो म्यूकस बनाती है। आम तौर पर, यह म्यूकस हेयर सेल्स की मदद से आगे बढ़ता है और छोटे छेदों के जरिए नाक के अंदरूनी हिस्से (नेजल कैविटी) में चला जाता है। साइनसाइटिस तब शुरू होता है जब यह ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक हो जाता है। ऐसा अक्सर इंफेक्शन या एलर्जी की वजह से होने वाली सूजन के कारण होता है। इससे जल्द ही, सिर में दर्द होने लगता है, चेहरे पर दबाव या दर्द महसूस होता है, और गाढ़ा म्यूकस नाक को बंद कर देता है। ऐसे में इस बीमारी में पानी की कमी से बचना बेहद जरूरी है।

Dr. Koushik.N कहते हैं कि शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से म्यूकस गाढ़ा हो सकता है और उसे निकालना मुश्किल हो सकता है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना बहुत फायदेमंद होता है। इससे साइनस की दिक्कत कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

साइनस डाइट में सूप को जरूर करें शामिल

Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि साइनस डाइट में पानी के अलावा आप अपनी डाइट में सूप को शामिल कर सकते हैं जो कि गर्म है, इम्यूनिटी बूस्टर है और शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखने में मददगार है। यह बलगम को पतला और ढीला रखता है, जिससे साइनस को खाली होने में मदद मिलती है और इंफेक्शन के दौरान होने वाले दर्द भरे दबाव से राहत मिलती है। इसके अलावा आप बिना अल्कोहल वाले अन्य तरल पदार्थ शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

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साइनस में क्या खाना चाहिए?

इस सवाल पर डॉक्टर कहते हैं कि संतुलित आहार का सेवन इस स्थिति में बेहद मददगार साबित हो सकता है। संतुलित आहार में आपको

  • फल
  • सब्जियां
  • साबुत अनाज
  • दालें
  • नट्स और सीड्स
  • पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए।

विटामिन C से भरपूर चीजों को खाएं

डॉ. सुनील कहते हैं कि विटामिन C से भरपूर चीजों को खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को ठीक से काम करने के लिए जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। विटामिन C से भरपूर चीजों में आप

  • खट्टे फल
  • अमरूद
  • आंवला
  • शिमला मिर्च और टमाटर को खा सकते हैं।

हालांकि, विटामिन C खुद साइनस का इलाज नहीं है। Nutrition and Metabolic Insights के अनुसार विटामिन सी से भरपूर फूड्स में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि इस स्थिति में इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और साइनस की समस्या से लड़ने में मददगार है। इसके अलावा यह रिसर्च बताती है कि विटामिन सी श्वसन मार्ग की सतह पर तरल पदार्थ के सामान्य स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे श्लेष्मा नलिका की सफाई की प्रभावशीलता में सुधार होता है।

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साइनस में क्या नहीं खाना चाहिए?

Dr. Koushik.N, Consultant कहते हैं कि ऐसी कोई तय लिस्ट नहीं है कि साइनस की समस्या वाले लोगों को किन चीजो से परहेज करना चाहिए। हालांकि, अगर किसी खास खाने की चीज से एलर्जी या इनटॉलेरेंस की वजह से बार-बार लक्षण दिखते हैं, तो डॉक्टर से इस बारे में बात करनी चाहिए। हालांकि, आपको कुछ फूड्स के सेवन से बचना चाहिए जैसे-

  • हाई हिस्टामाइन वाले फूड जैसे प्रोसेस्ड मीट, टमाटर और फर्मेंटेड चीजें जैसे वाइन और बीयर संवेदनशील लोगों में नाक के टिशू में सूजन और कंजेशन का कारण बन सकती हैं।
  • बीयर, वाइन, कॉफी और सोडा, ड्यूरेटिक की तरह काम करते हैं और शरीर में पानी की कमी करते हैं और म्यूकस को चिपचिपा और गाढ़ा बना देते हैं, जिससे उसे बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है और रुकावट पैदा होती है।
  • ग्लूटेन वाले फूड के सेवन से बचें जैसे गेहूं और जौ जो कि साइनस की समस्या का कारण बन सकते हैं।

निष्कर्ष:

गर्म खाना या पेय पदार्थ नाक की बंदन (कंजेशन) से कुछ समय के लिए राहत दे सकते हैं, लेकिन वे अंदरूनी इन्फेक्शन या सूजन को खत्म नहीं करते हैं। लोगों को इस दावे को लेकर भी सावधान रहना चाहिए कि डेयरी प्रोडक्ट्स से हमेशा बलगम (म्यूकस) ज्यादा बनता है। साइनस की समस्या वाले हर व्यक्ति के लिए डेयरी को पूरी तरह छोड़ देने का कोई ठोस कारण नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि अगर साइनस के लक्षण लगातार बने रहें, चेहरे पर तेज दर्द हो, आँखों के आस-पास सूजन हो, तेज बुखार हो या लक्षण असामान्य रूप से लंबे समय तक रहें, तो सिर्फ खान-पान में बदलाव करने के बजाय किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से जांच करवानी चाहिए।

FAQ

  • साइनस के मरीजों के लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स कौन से हैं?

    साइनस के मरीजों को एंटी इंफ्लमेटेरी फूड्स का सेवन करना चाहिए जिसमें कि आप काली मिर्च, लौंग और तमाम प्रकार हर्ब्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं जो कि सूजन कम करने के साथ इम्यूनिटी कम करते हैं।
  • साइनस में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सुपरफूड्स कौन से हैं?

    साइनस में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सुपरफूड्स में आप अनानास का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आप काली मिर्च, लहसुन, अदरक और हल्दी का सेवन कर सकते हैं जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 02, 2026 18:07 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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