Tue Oct 20, 2026 | 10:00 AM IST

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एंटी इंफ्लेमेटरी है हींग का तेल, इन 5 समस्याओं में करें इस्तेमाल

Hing ke tel ke fayde: हींग में दर्दनाशक और सूजनरोधी गुण होता है, जिस वजह से पेट दर्द से लेकर कई समस्याओं में इसके इस्तेमाल का सुझाव दिया जाता है। आइए, जानते हैं सेहत से जुड़ी कुछ ऐसी दिक्कतों के बारे में जिसमें की हींग का तेल फायदेमंद है।
एंटी इंफ्लेमेटरी है हींग का तेल,  इन 5 समस्याओं में करें इस्तेमालएंटी इंफ्लेमेटरी है हींग का तेल, इन 5 समस्याओं में करें इस्तेमाल

Hing ke tel ke fayde: हींग को भूनकर और इसे तेल में मिलाकर नाभि पर लगाने से पेट दर्द कम हो जाता है। कुछ इसी तरह के इस्तेमाल हैं जो कि सदियों से हींग से जुड़े घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होते आए हैं। आयुर्वेद में हींग को कई समस्याओं का हल माना गया है और इसका एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल गुण कई स्थितियों से रिकवरी में सहायक है। जब बात हींग के तेल की आती है, तो कुछ ऐसे ही लाभ हैं जो आम लोगों में काफी प्रचलित है और यह कितने कारगर हैं इस बारे में विस्तार से जानकारी के लिए हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की।

हींग के तेल के 5 फायदे

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं हींग का तेल का इस्तेमाल स्कैल्प से जुड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद है। सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस जिसमें स्कैल्प में इंफेक्शन हो जाता है, इस स्थिति में इस तेल का इस्तेमाल मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा भी आप इन समस्याओं में हींग के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे-

1. जोड़ों के दर्द में फायदेमंद

हींग का तेल जोड़ों के दर्द में काफी फायदेमंद है। डॉ. श्रेय कहते हैं कि हींग की तासीर गर्म होती है जो कि शरीर में वात दोष को बैलेंस करने में मदद करता है जिससे जोड़ों के दर्द में भी कमी आती। इसका सूजनरोधी गुण, जोड़ों में सूजन, मांसपेशियों की अंकड़न और दर्द को कम करता है। सर्दियों में सोने से पहले जोड़ों पर हींग के तेल की हल्की मालिश करने से गर्माहट पैदा होती है जिससे ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और जोड़ों का दर् कम होता है।

2. पेट दर्द में

अगर आपको पेट में दर्द हो रहा है तो इसे कम करने के लिए हींग के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। डॉ. श्रेय कहते हैं कि हींग में वातहर गुण होता है और यह पाचन तंत्र में फंसी गैस को तोड़ने और बाहर निकालने में मदद करती है। इसके अलावा यह आंतों की मांसपेशियों को आराम देती है, जिससे ऐंठन और मरोड़ से राहत मिलती है। इस प्रकार से पेट के लिए खाकर की अपच और एसिडिटी की समस्या मे हींग के तेल का इस्तेमाल कापी फायदेमंद है।

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3. नील निशान वाली चोट में

डॉ. श्रेय कहते हैं कि आपने कई बार देखा होगा कि अचानक से कभी चोट लग गई और इससे शरीर पर नीले निशान पड़ गए। इस प्रकार की चोट, जिसमें ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और खून एक जगह ठहर जाता है इसमें हींग के तेल का इस्तेमाल काफी कारगर हो सकता है। इस तेल को शरीर पर लगाने से ब्लड सर्कुलेशन लेज होता है, चोट वाली जगह पर गर्माहट पैदा होती है और दर्द व नील निशान में कमी आती है।

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4. पुरानी सूजन में कारगर

Mediators of Inflammation नामक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित यह शोध बताती है कि फेरुला असाफोटिडा (Ferula assafoetida) से प्राप्त हींग मनुष्यों में एथेरोस्क्लेरोटिक बीमारियों (Atherosclerotic diseases) जैसी पुरानी सूजन संबंधी बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिए एक नया और प्रभावी विकल्प हो सकता है। इसलिए डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर आपके शरीर में कहीं भी पुरानी सूजन वाली समस्या है तो आप हींग का तेल गुनगुना करके लगा सकते हैं।

5. श्वसन संबंधी समस्याओं में

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि श्वसन संबंधी समस्याओं में हींग के तेल का इस्तेमाल काफी कारगर हो सकता है। इसका कि एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरल और एंटीबायोटिक प्रभाव, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सूखी खांसी जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं में फेफड़ों की सूजन कम करने में मदद कर सकता है। छाती पर हींग का लेप लगाने से कफ को साफ करने और छाती की जकड़न को दूर करने में मदद मिल सकती है।

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निष्कर्ष:

अंत में डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि हींग का तेल काफी फायदेमंन माना गया है और आयुर्वेदि में इसका इस्तेमाल काफी व्यापक तौर पर किया जाता है। यह वात से जुड़ी बीमारियों के लिए काफी फायदेमंद है। बस आपको ध्यान रखना है कि आप ज्यादा मात्रा में इसका इस्तेमाल न करें और असली हींग का इस्तेमाल करें क्योंकि बाजार में मिलने वाली हींग मिलावटी हो सकती है जिससे आपको ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा आप घर पर हींग का तेल तैयार कर रहे हैं तो हमेशा सरसों के तेल का इस्तेमाल करें क्योंकि यह भी एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल गुणों से भरपूर है और दोनों मिलकर एक पावरफुल एंटी इंफ्लेनेटरी कॉम्बिनेशन बना सकते हैं।

FAQ

  • हींग कब नहीं खाना चाहिए?

    अगर किसी को ब्लीडिंग डिसऑर्डर है या खून से जुड़ी किसी बीमारी की दवा चल रही है तो आपको हींग के सेवन से बचना चाहिए। इसके अलावा हाई बीपी की दवा जिन लोगों की चल रही है उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • क्या खाली पेट हींग खा सकते हैं?

    हां, आप खाली पेट हींग खा सकते हैं जिसका इस्तेमाल आपको पेट से जुड़ी समस्याओं को कम कर करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह मेटाबॉलिज्म तेज करने में भी मददगार है।

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Pallavi Kumari

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पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 20, 2026 08:17 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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