Mon Sep 28, 2026 | 12:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

घुटने के दर्द में कितना कारगर है हल्दी, काली मिर्च और अदरक का कॉम्बिनेशन? जानें डाइट में कैसे करें शामिल

इन तीन चीजों में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण हैं और साथ ही यह दर्दनाशक भी हैं। इसके अलावा भी घुटने के दर्द में इनका इस्तेमाल काफी कारगर माना जाता है, क्यों जानते हैं इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय।
घुटने के दर्द में कितना कारगर है हल्दी, काली मिर्च और अदरक का कॉम्बिनेशन? जानें डाइट में कैसे करें शामिलघुटने के दर्द में कितना कारगर है हल्दी, काली मिर्च और अदरक का कॉम्बिनेशन? जानें डाइट में कैसे करें शामिल

घुटने का दर्द अक्सर लोगों को बहुत ज्यादा परेशान करती है। समय के साथ यह बढ़ता जाता है, ऐसे में अगर आप डाइट में इन 3 चीजों को शामिल कर लें जैसे हल्दी, काली मिर्च और अदरक तो आपका दर्द कम हो सकता है। दरअसल, Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana बताते हैं कि घुटनों का दर्द असल में शरीर में वात असंतुलन की वजह से होता है ऐसे में हल्दी, काली मिर्च और अदरक तीनों ही वात बैलेंस करने के साथ दर्द कम करने वाले हैं। इसके अलावा भी घुटने के दर्द में इन चीजों के सेवन के कई फायदे हैं, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

घुटने के दर्द में कितना कारगर है हल्दी, काली मिर्च और अदरक का कॉम्बिनेशन

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं वात बढ़ जाने के कारण घुटने में काफी जगड़न होती है और हल्का दर्द बना रहता है। ऐसे में हल्दी, काली मिर्च और अदरक को आप डाइट में शामिल करते हैं तो ये एंटी इंफ्लेमेटरी तरीके से काम करता है और शरीर में हो रही सूजन को कम करने में मदद करता है। हालांकि, ये डी-जनरेशन के कारण घुटने में हो रहे दर्द को कम नहीं करता है मतलब जो हमारी कार्टिलेज को डैमेज हुआ है, उसमें ये 3 काम नहीं करते है। इसके अलावा भी इन 3 मसालों के कई फायदे हैं-

घुटने के दर्द में कैसे असरदार है हल्दी?

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि घुटने के दर्द में हल्दी इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि इसमें एक एक्टिव इंग्रीडिएंट है करक्यूमिन (curcumin) जो कि इंफ्लेमेटरी पाथवे को ब्लॉक कर देता है। साल 2025 में BMC Complementry Medicine and Therapies में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि हल्दी का बायोएक्टिव इंग्रोडिएंट करक्यूमिन घुटने के दर्द को आइबुप्रोफेन जैसी मानक नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (एनएसएआईडी) के समान प्रभावी ढंग से कम कर सकता है।

इसे भी पढ़ें: घुटने का दर्द 40 की उम्र के बाद क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें किन बातों का रखें ध्यान

घुटने के दर्द में कैसे असरदार है काली मिर्च?

डॉ. श्रेय बताते हैं कि घुटने के दर्द में काली मिर्च काफी फायदेमंद है। काली मिर्च का पाइपरिन शरीर में उन इंफ्लेमेटरी मार्कर्स को रोकने में मदद करता है जो जोड़ों में सूजन और परेशानी का कारण बनते हैं। डॉ. श्रेय कहते हैं कि जब आप काली मिर्च को हल्दी के साथ लेते हैं तो ये अवशोषण को बढ़ाता है। इन्हें मिलाकर इस्तेमाल करने से घुटने के अकड़न से राहत मिलती है। नियमित रूप से आहार में शामिल करने से जोड़ों की अकड़न कम होती है और समय के साथ शरीर की गतिशीलता में सुधार होता है।

घुटने के दर्द में कैसे असरदार है अदरक?

डॉ. श्रेय बताते हैं कि अदरक में जिंजरोल और शोगोल नाम के शक्तिशाली प्लांट केमिकल्स होते हैं। Wiley जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च पेपर में बताया गया है कि अदरक में मिलने वाले कंपाउंड सूजन पैदा करने वाले रास्तों को रोकते हैं और शरीर में प्रो-इंफ्लेमेटरी पदार्थों जैसे प्रोस्टाग्लैंडिंस और साइटोकाइन्स के बनने को कम करते हैं। इस प्रकार से यह घुटनों के दर्द में काफी प्रभावी और असरदार है।

01 (62)01 (62)

इसे भी पढ़ें: घुटने में ग्रीस बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए? हड्डी के डॉक्टर से जानें

डाइट में कैसे शामिल करें हल्दी, काली मिर्च और अदरक?

डॉ. श्रेय बताते हैं कि हल्दी, काली मिर्च और अदरक को डाइट में शामिल करने का अच्छा तरीका है कि आप इसे खाना खाने के आधे घंटे में ले सकते हैं। हालांकि, अगर बाद में ले रहे हैं तब दोनों के बीच 30 मिनट का गैप रखें। आप

  • हल्दी, काली मिर्च और अदरक की चाय या काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
  • आप हल्दी, काली मिर्च और अदरक तीनों को पीसकर और शहद में मिलाकर ले सकते हैं।
  • आप इन तीनों को उबालकर पानी बनाकर पी सकते हैं।

2020 में प्रकाशित Phytotherapy Research में बताया गया है कि हल्दी, काली मिर्च और अदरक का मिश्रण घुटनों के पुराने दर्द और सूजन को कम करने में बहुत मददगार है। यह देसी मिश्रण दर्द कम करने वाली नेप्रोक्सन (Naproxen) दवा के समान ही असर करता है। रिसर्च के अनुसार, इस हर्बल मिश्रण को दिन में दो बार लगातार 4 हफ्तों तक लेने से घुटनों के दर्द में अच्छा आराम मिल सकता है।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि हल्दी, काली मिर्च और अदरक तीनों को सेवन करें लेकिन सीमित मात्रा में। ज्यादा मात्रा में इन्हें लेने से शरीर की गर्मी बढ़ सकती है और पेट से जुड़ी कई सारी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा आपको एसिडिटी, ब्लोटिंग और बदहजमी की समस्या भी परेशान कर सकती है। साथ ही पेट की गर्मी बढ़ने की वजह से मुंह में छाले और शरीर पर दाने भी हो सकते हैं। इसके अलावा इस बात का ध्यान रखें कि सुबह खाली पेट इन जड़ी बूटियों को सेवन अकेले न करें। अगर आप ऐसा करना भी चाह रहे हैं तो आपको पहले डाइट एक्सपर्ट की राय लेनी चाहिए फिर इनका सेवन करना चाहिए क्योंकि यह तीनों ही गर्म प्रकृति वाले हैं जो नुकसानदेह हो सकते हैं।

FAQ

  • क्या हल्दी से शुगर का इलाज किया जा सकता है?

    हल्दी का करक्यूमिन ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मददगार है जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। 
  • खांसी में काली मिर्च का सेवन कैसे करें?

    खांसी में आप काली मिर्च को पीसकर इसे शहद में मिलाकर ले सकते हैं। इसके अलावा आप काली मिर्च को उबालकर और इसका पानी छानकर पी सकते हैं।

Read Next

→ चेहरे पर निखार बढ़ाएगा ओट्स, एक्सपर्ट से जानें इस्तेमाल के सही तरीके

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 28, 2026 10:42 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content