Fri Oct 9, 2026 | 06:59 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

सुबह उठते ही एसिडिटी होती है? आपकी ये 5 खराब आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

सुबह-सुबह ए‍स‍िड‍िटी होने से पूरे द‍िन खट्टी डकार, ब्‍लोट‍िंग, पेट में इर‍िटेशन जैसी समस्‍याएं होती है। इसका कारण कुछ खराब आदतें हो सकती हैं जो पाचन को खराब कर देती हैं। जानें ऐसी पांच खराब आदतों के बारे में।
सुबह उठते ही एसिडिटी होती है? आपकी ये 5 खराब आदतें हो सकती हैं जिम्मेदारसुबह उठते ही एसिडिटी होती है? आपकी ये 5 खराब आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

पाचन समस्‍याओं के कारण अक्‍सर लोगों को दवाओं का सेवन करना पड़ता है। गैस, ब्‍लोट‍िंग, एस‍िड‍िटी, अपच जैसी समस्‍याएं बार-बार होने का मतलब है डाइट में बदलाव की जरूरत है। जब पेट का एस‍िड फूड पाइप के जर‍िए ऊपर की ओर आने लगता है तब एस‍िड‍िटी महसूस होती है। कभी-कभी एस‍िड‍िटी होना सामान्‍य बात है, लेक‍िन आए द‍िन एस‍िड‍िटी होने का मतलब है आप कुछ ऐसी आदतों को फॉलो कर रहे हैं, तो पाचन के ल‍िए अच्‍छी नहीं हैं। गलत समय पर खाना या गलत चीजों के सेवन से एस‍िड‍िटी की समस्‍या बढ़ सकती है। पांच आदतें जो सुबह एस‍िड‍िटी का कारण बन सकती हैं के बारे में जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. रात को देर से खाना या सोने से पहले भारी भोजन करना

रात को देर से खाएंगे या रात को हैवी खाएंगे, तो पेट के ल‍िए खाने को पचाना मुश्‍क‍िल होगा। हैवी मील्‍स को पचाने में ज्‍यादा समय लगता है खासकर ऑयली, ज्‍यादा म‍िर्च-मसाले और फैट वाले फूड्स। जब व्‍यक्‍त‍ि खाने के तुरंत बाद लेट जाता है, तो पेट का एस‍िड खाने की नली की तरफ ऊपर आने लगता है। इससे एस‍िड र‍िफ्लक्‍स, चेस्‍ट बर्न‍िंग और एस‍िड‍िटी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

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2. खाने के तुरंत बाद सोना

आजकल लोगोंं की द‍िनचर्या बहुत व्‍यस्‍त हो गई है। इधर लोग खाते हैं और उधर सो जाते हैं। खाने के तुरंत बाद सो जाएंगे, तो एस‍िड र‍िफ्लक्‍स की समस्‍या बढ़ सकती है। इससे बचने के ल‍िए खाने के बाद छोटी वॉक पर जाएं। इससे डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद म‍िलेगी।

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3. ड‍िनर न करना और लंबे समय तक भूखा रहना

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कुछ लोग वेट लॉस के ल‍िए ड‍िनर नहीं करते या लंबे समय तक भूखे रहते हैं। यह आदत पाचन को खराब कर सकती है और सुबह एस‍िड‍िटी का कारण बन सकती है। एस‍िड‍िटी से बचने के ल‍िए खाना न खाने के बजाय हेल्‍दी खाएं। संतुल‍ित आहार लें और पाचन को बेहतर रखें।

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4. ज्‍यादा स्‍ट्रेस में रहना

ज्‍यादा स्‍ट्रेस में रहने के कारण पाचन खराब हो सकता है। एंग्‍जायटी औश्र स्‍ट्रेस से पाचन खराब हो जाता है ज‍िससे एस‍िड‍िटी, ब्‍लोट‍िंग और अपच जैसी समस्‍याएं होने लगती हैं। स्‍ट्रेस के कारण ओवरईट‍िंग या जल्‍दी खाना या जंक फूड खाने जैसी खराब आदतें व‍िकस‍ित हो जाती हैं। एस‍िड‍िटी से बचने के ल‍िए स्‍ट्रेस कम करें। इसके ल‍िए डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज और योग की मदद लें।

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5. कार्बोनेटेड ड्र‍िंक्‍स का ज्‍यादा सेवन करना

ज्‍यादा कोल्‍ड ड्र‍िंक्‍स, सोडा या कार्बोनेटेड ड्र‍िंक्‍स का ज्‍यादा सेवन करने से कुछ लोगों में एस‍िड‍िटी की समस्‍या हो सकती है। इन ड्रि‍ंक्‍स से एस‍िड‍िटी की समस्‍या हो सकती है और पाचन खराब हो सकता है। कार्बोनेटेड ड्र‍िंक्‍स में अक्‍सर अत‍िर‍िक्‍त कैफीन, शुगर और आर्टि‍फ‍िश‍ियल इंग्रीड‍िएंट्स होते हैं ज‍िससे पेट की समस्‍याएं हो सकती हैं। कार्बोनेटेड ड्र‍िंक्‍स के बजाय हर्बल ड्र‍िंक्‍स या घर पर बने ताजा जूस और स्‍मूदीज का सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

सुबह उठते ही एस‍िड‍िटी की समस्‍या से बचना चाहते हैं, तो रात को समय पर भोजन करें, सोने से पहले लाइट मील लें, खाने के तुरंत बाद सोने से बचें, लंबे समय तक भूखे न रहें, स्‍ट्रेस से बचें और शुगरी एवं कार्बोनेटेड ड्र‍िंक्‍स का सेवन न करें।

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    May 13, 2026 19:51 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 13, 2026 19:51 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha