Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

बार-बार दवा की झंझट खत्‍म, गैस या एसिडिटी से बचने के ल‍िए ऐसे करें दिन की शुरुआत

क्‍या आप भी गैस या एस‍िड‍िटी से बचने के ल‍िए बार-बार दवाओं का सेवन करते हैं? अगर हां, तो इसके झंंझट से राहत पाएं और सुबह की शुरुआत कुछ हेल्‍दी आदतों के साथ करें ताक‍ि डाइजेशन बेहतर हो सके। जानें आसान तरीके।

गैस और एस‍िड‍िटी आज के समय में एक कॉमन समस्‍या बन चुकी है। फि‍ज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी की कमी, प्रोसेस्‍ड चीजोंं का अध‍िक सेवन, स्‍ट्रेस और अन‍ियम‍ित खानपान के कारण अक्‍सर डाइजेशन खराब हो जाता है। डाइजेशन को बेहतर बनाने के ल‍िए लोग अक्‍सर दवाओं का सेवन करते हैं। कुछ लोग तो रोजाना ही पाचन समस्‍याओंं के ल‍िए दवा खाते हैं। दवाओंं का ज्‍यादा सेवन सेहत के ल‍िए हान‍िकारक हो सकता है। ऐसे में जानते हैं गैस और एस‍िड‍िटी से बचने के ल‍िए द‍िन की शुरुआत क‍िन आदतों के साथ करें? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. सौंफ, जीरा और अजवाइन के पानी से द‍िन की शुरुआत करें

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  • एक ग‍िलास पानी में आधा टीस्‍पून सौंफ, जीरा और अजवाइन को म‍िक्‍स करें।
  • यह पानी छानकर पी सकते हैं।
  • सौंफ की मदद से ब्‍लोट‍िंग की समस्‍या दूर होती है।
  • जीरा डाइजेशन को बेहतर बनाता है।
  • अजवाइन की मदद से पेट की गैस को कम करने में मदद म‍िलती है और गट मूवमेंट बेहतर होता है।

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2. खाने के बाद वज्रासन की मुद्रा में बैठें

  • खाने के बाद वज्रासन की मुद्रा में बैठने से डाइजेशन बेहतर होता है।
  • खाने के बाद इस पोजीशन में पांच से 10 म‍िनट बैठना चाह‍िए।
  • घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं और एड़ियों पर शरीर का वजन रखें।
  • पीठ सीधी रखें, हाथ घुटनों पर रखें और सामान्य सांस लेते हुए 5 से 10 मिनट तक इसी मुद्रा में बैठें।
  • इस पोजीशन की मदद से पाचन अंगों में ब्‍लड फ्लो बेहतर होता है।
  • साथ ही गैस और एस‍िड‍िटी की समस्‍या को दूर करने में भी मदद म‍िलती है।

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3. गैस या एसिडिटी से बचने के ल‍िए सुबह क्‍या खाएंं?

  • गैस और एस‍िड‍िटी से बचने के ल‍िए ऐसी चीजों का सेवन करें ज‍िससे गट हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िले।
  • फाइबर र‍िच फूड्स जैसे होल ग्रेन्‍स और सब्‍ज‍ियां खाएं।
  • खीरा और कोकोनट वॉटर को अपनी डाइट में शाम‍िल करें।
  • हर्बल चाय जैसे ज‍िंजर और सौंफ को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएंं।

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4. गैस या एसिडिटी से बचने के ल‍िए सुबह क्‍या न खाएंं?

  • गैस या एसिडिटी से बचने के ल‍िए सुबह सुुबह ऐसी चीजों का सेवन न करें ज‍िससे डाइजेशन धीमा होता है।
  • तली-भुनी और ऑयली चीजों का ज्‍यादा सेवन करने से बचें।
  • कैफीन युक्‍त ड्र‍िंक्‍स जैसे चाय या कॉफी का ज्‍यादा सेवन करने से भी बचें।
  • रात को देर से खाना न खाएं और ज्‍यादा म‍िर्ची वाली चीजोंं के सेवन से बचें।

न‍िष्‍कर्ष:

गैस या एस‍िड‍िटी से बचने के ल‍िए सुबह सौंफ, जीरा और अजवाइन के पानी का सेवन करें, खाने के बाद वज्रासन की मुद्रा में बैठें और डाइट में फाइबर र‍िच फूड्स, हर्बल टी, दही को शाम‍िल करें। तला-भुना या ज्‍यादा प्रोसेस्‍ड चीजों से परहेज करें।

FAQ

  • एस‍िड‍िटी के लक्षण क्‍या हैं?

    एस‍िडि‍टी के कारण सीने में जलन होती है, खट्टी डकार आती हैं, पेट में जलन होती है या खाने के बाद असहज महसूस होता है और बार-बार गैस बन सकती है।
  • गैस दूर करने के घरेलू उपाय क्‍या हैं?

    पेट में गैस होने पर सौंफ खाएंं, अदरक का सेवन करें, अजवाइन और काला नमक वाले पानी का सेवन करें और हल्‍की वॉक करें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 04, 2026 19:34 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 04, 2026 19:34 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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