नीले रंग के खूबसूरत फूलों से बनने वाली चाय सिर्फ देखने में अच्छी नहीं लगती है बल्कि आयुर्वेद में भी इसे कई तरह से उपयोगी माना गया है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अपराजिता के फूलों से तैयार नीली चाय का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में किया जाता है। इसे मन को शांत रखने, भूख बढ़ाने और शरीर को पोषण देने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा, अपराजिता की चाय को स्किन की सेहत और लिगामेंट्स से जुड़ी समस्याओं के लिए भी उपयोगी बताया जाता है। आइए, आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं अपराजिता के नीले फूलों से बनी चाय के संभावित फायदे और इससे जुड़ी जरूरी सावधानियां।
नीले फूल वाली चाय के क्या फायदे हैं?
आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अपराजिता का वैज्ञानिक नाम Clitoria ternatea है। इसके नीले फूलों का इस्तेमाल हर्बल चाय बनाने के लिए किया जाता है। इस चाय की खासियत इसका नेचुरल नीला रंग है, इसमें पाए जाने वाले यौगिकों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। यही वजह है कि अपराजिता के फूलों पर उनके फायदों को लेकर रिसर्च की जा रही हैं।
1. तनाव कम करने और मन शांत रखने में मददगार
आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अपराजिता के फूलों की चाय का सेवन मन को शांत रखने में मददगार माना जाता है। तनाव और बेचैनी के कारण कई लोगों को नींद लेने में परेशानी होती है। ऐसे में गर्म हर्बल चाय पीना आराम महसूस करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अपराजिता की चाय सीधे तौर पर तनाव या चिंता को दूर करती है, इसे साबित करने के लिए अभी और स्टडीज की जरूरत है।
2. एसिडिटी और पाचन के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद में अपराजिता के फूलों का इस्तेमाल विभिन्न पारंपरिक नुस्खों में किया जाता है। डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अपराजिता की चाय एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी उपयोगी मानी जाती है। अगर आपको बार-बार खट्टी डकारें, पेट में जलन या भोजन के बाद भारीपन महसूस होता है, तो इसके पीछे के कारणों का पता लगाना जरूरी है। लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें और केवल हर्बल चाय पर निर्भर न रहें।
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3. स्किन पर निखार
अपराजिता के फूलों में मौजूद यौगिक एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी से जुड़े हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सेल्स को ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाले नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसी कारण अपराजिता की चाय को स्किन हेल्थ (Blue tea for skin glow) के लिए संभावित रूप से उपयोगी माना जाता है। स्किन को हेल्दी रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक भोजन करना, अच्छी नींद लेना और धूप से बचाव करना भी जरूरी है।
4. भूख बढ़ाने में फायदेमंद
डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, अपराजिता की चाय का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से भूख बढ़ाने और शरीर को पोषण देने के उद्देश्य से भी किया जाता है। हर्बल चाय में पोषक तत्वों की मात्रा सीमित हो सकती है, इसलिए शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैलेंस डाइट लेनी भी जरूरी है। अगर लंबे समय से भूख कम लग रही है या बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन घट रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
5. लिगामेंट्स की कमजोरी में फायदेमंद
आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, अपराजिता की चाय को लिगामेंट्स की कमजोरी से जुड़ी समस्याओं में भी उपयोगी माना जाता है।
blue tea benefits
साल 2025 में AIP Conference Proceedings जर्नल में प्रकशित रिसर्च से यह निष्कर्ष निकलता है कि अपराजिता (Butterfly pea flower Tea) के फूल और अन्य जड़ी-बूटियों (अदरक, इलायची, पुदीना, दालचीनी और धनिया) से बनी हर्बल चाय हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद है।
यह चाय डायबिटीज, तनाव और सूजन जैसी समस्याओं से बचाती है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। स्वाद और क्वालिटी की नजर से इसे 91% लोगों ने पसंद किया। यह पारंपरिक ब्लैक चाय का एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प है, जिसे आसानी से अपनाकर हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।
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अपराजिता की चाय पीते समय किन बातों का रखें ध्यान?
आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि अपराजिता की चाय का सेवन करने से पहले कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। पहली बार इसका सेवन करने पर कम मात्रा से शुरुआत करें और किसी तरह की एलर्जी या असहजता होने पर इसका सेवन बंद कर दें। प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं, नियमित दवाएं लेने वाले लोगों और किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसे शरीर को डिटॉक्स करने, एसिडिटी ठीक करने या किसी बीमारी का इलाज करने का प्रमाणित तरीका नहीं माना जाना चाहिए।
निष्कर्ष
अपराजिता के नीले फूलों से बनी चाय अपने नेचुरल रंग और संभावित एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण खास मानी जाती है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, इसका इस्तेमाल मन को शांत रखने, पाचन और स्किन की सेहत के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता है। हालांकि, तनाव, एसिडिटी, भूख बढ़ाने और लिगामेंट्स की कमजोरी जैसी समस्याओं में इसके फायदों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं। इसलिए इसे बैलेंस लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं, लेकिन किसी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह और इलाज को प्राथमिकता दें।
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FAQ
क्या अपराजिता की चाय खाली पेट पी सकते हैं?
खाली पेट अपराजिता की चाय पी सकते हैं लेकिन अगर इसे पीने से पेट में परेशानी या असहजता होती है, तो इसका सेवन बंद करें और डॉक्टर से सलाह लें।क्या अपराजिता की चाय में नींबू या शहद मिला सकते हैं?
स्वाद के लिए इसमें थोड़ा नींबू या शहद मिलाया जा सकता है। हालांकि, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को शहद की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।क्या अपराजिता की चाय रोज पीना सुरक्षित है?
अपराजिता की चाय का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है, खासकर अगर आप दवाएं लेते हैं।
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Oct 19, 2026 12:15 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
