Mulethi benefits for Ulcer: मुंह में छाले कई बार लंबे समय तक रह-रहकर होते हैं और पूरी से ठीक नहीं होते। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे ठंडा-गर्म खाना खाना, जूठा खाना, ज्यादा मिर्च मसाले वाला खाना खाना और विटामिन बी 12 की कमी। हालांकि, इस स्थिति में डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए लेकिन कई बार कुछ घरेलू उपचारों का इस्तेमाल भी मुंह के अल्सर को कम करने में मदद कर सकता है जैसे कि मुलेठी। इसी बारे में हमने Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru से बात की।
मुंह के छाले में कैसे मददगार है मुलेठी?
एडविना बताती हैं कि मुलेठी को हमेशा से ही सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है खासकर कि मुंह और श्वसन से जुड़ी समस्याओं में। मुलेठी में मौजूद पोषक तत्वों में विटामिन, पोटैशियम और बायोएक्टिव तत्व जैसे ग्लाइसीराइजिन, एनेथोल, स्टेरोल्स, टैनिन, फ्लेवोनोइड्स, बायोटिन और सैपोनिन जैसे बायोएक्टिव इंग्रीडिएंट्स होते हैं। यह शरीर को भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं और कई प्रकार के इंफेक्शन से बचाव में मददगार है।
अब बात मुंह के छाले की करें तो मुलेठी का एंटी इंफ्लेमेटरी गुण अल्सर को कम करने में मददगार है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड 'कार्बेनोक्सोलोन (carbenoxolone)' मुंह और पेट के अल्सर को ठीक करने में खास भूमिका निभाता है। यह म्यूकोसल परत की सूजन को ठीक करने की प्रक्रिया को तेज करने और अल्सर होने के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है।
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इंफेक्शन कम करने में मददगार
मुलेठी में ग्लाइसीराइजिन (glycyrrhizin) जैसे एक्टिव कंपाउंड होते हैं जो सूजन को कम करते हैं और घाव वाली जगह के आस-पास के दर्द से राहत दिलाते हैं। इससे मुंह के छाले के कारण होने वाले दर्द में कमी आती है और थोड़ी राहत मिलती है।
जलन कम होती है
मुलेठी, अल्सर पर एक सुरक्षात्मक परत बनाती है जिससे माउथ अल्सर में होने वाली जलन कम होती है। दरअसल, माउथ अल्सर में खाना खाने में दिक्कत होती है क्योंकि बार-बार खाने या लार से होने वाली जलन से बचाती है। इसके अलावा इसका हीलिंग गुण टिश्यू को दोबारा बनने में मदद करते हैं, जिससे घाव जल्दी भरता है। इसके अलावा मुलेठी में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो खुले अल्सर में सेकेंडरी इंफेक्शन को रोकते हैं। ये अल्सर को हील करने में मदद करती है।
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Iranian Journal of Medical Sciences जर्मल में प्रकाशित इस स्टडी की मानें तो मुलेठी का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में गैस्ट्राइटिस, पेप्टिक अल्सर के लक्षणों, खांसी और गले की खराश जैसी समस्याओं के लिए किया जा सकता है। मुलेठी के अर्क का इस्तेमाल अलग-अलग रूपों में किया गया है, जैसे कि पेस्ट, पैच और माउथवॉश, जिनमें इसकी मात्रा 1% या 5% होती है। मुलेठी थेरेपी के बाद ठीक होने में 4-8 दिन लगने की उम्मीद होती है।
इसके अलावा डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि मुलेठी में मौजूद 'ग्लाइसीराइज़िन' नाम का एक्टिव कंपाउंड शरीर को आराम देने और सूजन कम करने में मदद कर सकता है। लैब और कुछ सीमित इंसानी स्टडीज से पता चलता है कि मुलेठी से बनी चीजे मुंह के छालों, एसिडिटी से पेट की परेशानी और ऊपरी श्वसन तंत्र (upper respiratory tract) में जलन जैसे लक्षणों से राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज या दवा मानने के बजाय एक सहायक उपाय के तौर पर ही देखना चाहिए।
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माउथ अल्सर में मुलेठी का इस्तेमाल कैसे करें?
डाइटिशिन बताती हैं कि माउथ अल्सर में मुलेठी पाउडर का इस्तेमाल बेहद मददगार है। आपको करना ये है कि आप मुलेठी का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं जो कि बेहद कारगर है। इसके अलावा आप मुलेठी की लकड़ी को मुंह में रखकर धीमे-धीमे चूस सकते हैं। इसके अलाव आप मुलेठी के पाउडर को शहद में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं जो कि माउथ अल्सर में सबसे कारगर उपाय है।
निष्कर्ष:
अंत में एडविना कहती हैं कि ग्लाइसीराइजिन वाली मुलेठी का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जैसे ब्लड प्रेशर बढ़ना, पोटैशियम का स्तर कम होना, सूजन, दिल की धड़कन का असामान्य होना और शरीर में तरल पदार्थ का जमा होना (fluid retention)। साथ ही, यह ब्लड प्रेशर की कुछ दवाओं के साथ भी रिएक्शन कर सकती है। इसलिए, हाई ब्लड प्रेशर, दिल या किडनी की बीमारी, पोटैशियम की कमी वाले लोगों या गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना औषधीय मात्रा में इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
FAQ
माउथ अल्सर कितने दिनों में ठीक होता है?
माउथ अल्सर ठीक होने में ज्यादा से ज्यादा हफ्ता या 15 दिन का समय लग सकता है। बस आपको करना ये है कि आप इंफेक्शन को कम करने वाली चीजों को अपना सकते हैं जैसे पान खाएं, गर्म पानी से कुल्ला करें और बर्फ की सिकाई करें।मुंह में बार-बार छाले होने के कारण
मुंह में बार-बार छाले होने के पीछे एक बड़ा कारण है ज्यादा तेल मसाले वाली चीजों को खाना जिससे इंफेक्शन हो। इसके अलावा जूठा खाने से भी ये दिक्कत हो सकती है।
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Sep 02, 2026 19:11 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj