डायबिटीज के मरीजों को अक्सर मीठा खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में जब मिठाई खाने का मन करता है, तो कई लोग बाजार में मिलने वाली शुगर-फ्री मिठाई खरीद लेते हैं। उन्हें लगता है कि इसमें चीनी नहीं है, इसलिए इसे खाने से ब्लड शुगर नहीं बढ़ेगा लेकिन यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. एम. शीतल कुमार के अनुसार, डायबिटीज में किसी भी फूड को चुनते समय केवल उसमें मौजूद चीनी ही नहीं, बल्कि कुल कार्बोहाइड्रेट और उसकी न्यूट्रिशन वैल्यू पर भी ध्यान देना चाहिए।
दरअसल, शुगर-फ्री मिठाइयों में चीनी की जगह अलग-अलग तरह के स्वीटनर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसके साथ ही उनमें मैदा, दूध, खोया या अन्य ऐसे पदार्थ हो सकते हैं, जो शरीर में ब्लड ग्लूकोज के लेवल को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या शुगर-फ्री मिठाई वास्तव में डायबिटीज के लिए सुरक्षित है?
डॉ. एम. शीतल कुमार के अनुसार, डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में कुछ शुगर-फ्री मिठाइयां खा सकते हैं, लेकिन इसके लिए मिठाई में क्या-क्या मिला है इसको समझना जरूरी है। शुगर-फ्री मिठाइयों में सामान्य चीनी की जगह आर्टिफिशियल स्वीटनर या दूसरे मीठे पदार्थों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही इनमें मैदा, दूध, खोया, सूखे मेवे, फैट और अन्य कार्बोहाइड्रेट मौजूद हो सकते हैं, जो शरीर में ग्लूकोज के लेवल को प्रभावित कर सकते हैं।
डॉ. एम. शीतल कुमार सलाह देते हैं कि मिठाई खरीदते समय केवल सामने लिखे शुगर-फ्री लेबल पर भरोसा न करें। उसके न्यूट्रिशन वैल्यू में कुल कार्बोहाइड्रेट, चीनी, कैलोरी और इस्तेमाल किए गए स्वीटनर की जानकारी भी देखें। डायबिटीज के हर मरीज की जरूरत अलग होती है, इसलिए मिठाई की सही मात्रा उसकी ब्लड शुगर की स्थिति, दवाओं और भोजन की कुल मात्रा पर निर्भर करती है।
is sugar free sweets safe for diabetes
साल 2024 में Frontiers in Nutrition में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, आर्टिफिशियल स्वीटनर बिना कैलोरी बढ़ाए मीठे का स्वाद देते हैं, जिससे वजन कंट्रोल और तुरंत ब्लड शुगर न बढ़ने में मदद मिलती है। हालांकि, ये आंत के बैक्टीरिया यानी गुट माइक्रोबायोटा को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबोलिक हेल्थ को लेकर कुछ चिंताएं पैदा होती हैं। चूंकि इसके प्रभावों पर मिले-जुले रिजल्ट सामने आए हैं, इसलिए डायबिटीज के मैनेजमेंट में इनके उपयोग को लेकर पूरी सावधानी और आगे और रिसर्च की जरूरत है।
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शुगर-फ्री मिठाई खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकती है?
डॉ. एम. शीतल कुमार बताते हैं कि किसी मिठाई में नॉर्मल चीनी न होने का मतलब यह नहीं है कि उसमें कार्बोहाइड्रेट भी नहीं हैं। उदाहरण के लिए, दूध, खोया, मैदा या कुछ प्रकार के आटे से बनी मिठाइयों में कार्बोहाइड्रेट हो सकते हैं। शरीर इन्हें पचाकर ग्लूकोज में बदल सकता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना रहती है। इसके अलावा, कुछ शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स में माल्टिटोल जैसे शुगर अल्कोहल का इस्तेमाल किया जाता है। इनका ब्लड शुगर पर असर अलग-अलग हो सकता है और कुछ लोगों में ज्यादा मात्रा लेने से पेट फूलने या दस्त की समस्या भी हो सकती है।
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किन बातों का रखें ध्यान?
- डॉ. एम. शीतल कुमार सलाह देते हैं कि शुगर-फ्री होने के बावजूद मिठाई को ज्यादा मात्रा में न खाएं।
- कुल कार्बोहाइड्रेट, एक्स्ट्रा चीनी और स्वीटनर की जानकारी जरूर देखें।
- मीठा खाने की इच्छा होने पर ध्यान रखें कि कहीं आप ज्यादा न खाएं।
- अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार भोजन के बाद शुगर की जांच करें, ताकि पता चल सके कि किसी खास फूड का आपके शरीर पर क्या असर पड़ता है।
डायबिटीज में कौन सी मिठाई खाएं?
डॉ. एम. शीतल कुमार सलाह देते हैं कि डायबिटीज में ऐसी मिठाई चुनना बेहतर हो सकता है जिसमें एक्स्ट्रा चीनी कम हो और जिसकी कुल कार्बोहाइड्रेट मात्रा आपकी डाइट प्लानिंग के अनुकूल हो। बिना चीनी मिलाए घर पर तैयार की गई मिठाई भी अपने आप पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती, क्योंकि उसमें मौजूद दूध, फल, आटा या अन्य सामग्री कार्बोहाइड्रेट दे सकती है। इसी तरह, गुड़, शहद और खजूर से बनी मिठाइयों को भी डायबिटीज के लिए चीनी का सुरक्षित विकल्प नहीं मानना चाहिए। इनमें मौजूद नेचुरल शुगर भी ब्लड ग्लूकोज को बढ़ा सकती है। यदि आपको इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं दी गई हैं, तो अपने भोजन में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।
निष्कर्ष
डायबिटीज में शुगर-फ्री मिठाई सीमित मात्रा में खाना कुछ लोगों के लिए सही है, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं है। मिठाई में मौजूद कुल कार्बोहाइड्रेट, कैलोरी, स्वीटनर और खाने की मात्रा ब्लड शुगर पर असर डाल सकते हैं। इसलिए केवल शुगर-फ्री लेबल देखकर फैसला न करें। डॉक्टर जी. कृष्ण मोहन रेड्डी की सलाह के अनुसार, बैलेंस डाइट, नियमित ब्लड शुगर की निगरानी और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार भोजन की प्लानिंग बनाना डायबिटीज को कंट्रोल रखने में जरूरी है।
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FAQ
क्या शुगर-फ्री मिठाई खाने से वजन बढ़ सकता है?
अगर मिठाई में कैलोरी ज्यादा है और आप जरूरत से ज्यादा खाते हैं, तो वजन बढ़ सकता है। शुगर-फ्री होने का मतलब कैलोरी-फ्री होना नहीं है।क्या डायबिटीज के मरीज शुगर-फ्री चॉकलेट खा सकते हैं?
कुछ लोग सीमित मात्रा में शुगर-फ्री चॉकलेट खा सकते हैं। हालांकि, खरीदने से पहले उसमें मौजूद कुल कार्बोहाइड्रेट, कैलोरी, फैट और स्वीटनर की जांच करनी चाहिए।क्या डायबिटीज में स्टीविया से बनी मिठाई खा सकते हैं?
स्टीविया जैसे कम या बिना कैलोरी वाले स्वीटनर सामान्य चीनी की तुलना में फायदेमंद विकल्प हो सकते हैं लेकिन मिठाई में मौजूद कुल कार्बोहाइड्रेट भी देखना जरूरी है।
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Oct 16, 2026 16:09 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr M Sheetal Kumar
