अगर आपके शरीर का कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा रहता है, तो आपको इसे कंट्रोल करने की जरूरत है। दरअसल, बढ़ा हुआ कोलेस्टॉल आपकी धमनियों को नुकसान पहुंचाने के साथ दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है। Dr. Ujjawal Kumar, Senior Consultant - Cardiology, Sarvodaya Hospital, Sector-8, Faridabad कहते हैं कि कोलेस्ट्रॉस जब बढ़ता है, तो बैड फैट लिपिड्स धमनियों में जाकर जमा होने लगते हैं, इससे न सिर्फ ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है बल्कि, इसकी वजह से आपके दिल पर भी गहरा असर हो सकता है कैसे? समझते हैं डॉक्टर से कि कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना धमनियों की सेहत कैसे बिगाड़ सकता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से क्या होता है?
Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं कि जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है खास कि बैड कोलेस्ट्रॉल तो बैड फैट लिपिड के कण रक्त वाहिकाओं की दीवारों से चिपक जाते हैं और अपनी एक सख्त परत बना लेते हैं जिन्हें आम भाषा में प्लाक' (plaque) कहा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में 'एथेरोस्क्लेरोसिस' (atherosclerosis) कहते हैं जिसमें धमनियां बहुत ज्यादा प्रभावित होती हैं।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से धमनियों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
डॉ. कुमार कहते हैं कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से धमनियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है और लगभग इनकी पूरी बनावट प्रभावित हो जाती है जैसे-
1. धमनियों का रास्ता संकरा होना
डॉ. कुमार कहते हैं कि LDL कोलेस्ट्रॉल रक्त में मौजूद अन्य पदार्थों के साथ मिलकर धमनियों की दीवारों के अंदर मोटी और सख्त परतें बना लेते हैं और जैसे-जैसे प्लाक जमा होता जाता है धमनियों का रास्ता संकरा हो जाता है। जैसे-जैसे प्लाक बढ़ता है, यह धमनियों के अंदर की जगह को सिकोड़ देता है, जिससे खून का गुजरना मुश्किल हो जाता है।
इसे भी पढ़ें: हाई कोलेस्ट्रॉल में कैसी हो डाइट, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें क्या खाएं और किन चीजों से बनाए दूरी?
2. धमनियां सख्त हो जाती हैं
प्लाक बढ़ने की वजह से धमनियां अपना स्वाभाविक लचीलापन खो देती हैं और सख्त हो जाती हैं। आगे डॉ. कुमार कहते हैं कि ब्लड सर्कुलेट करने के लिए दिल पर प्रेशर पड़ता है क्योंकि खून को आगे बढ़ाने के लिए दिल को बार-बार इसे धकेलना पड़ता है जिससे दिल का काम बढ़ जाता है।
arteries_health
3. हाई बीपी की दिक्कत हो जाती है
डॉ. कुमार कहते हैं कि हाई बीपी की दिक्कत का एक मुख्य कारण यही है क्योंकि जब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और धमनियों का प्रेशर बढ़ता है ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और ऐसे लोगों को हाई बीपी की समस्या हो जाती है। इससे खून का सामान्य प्रवाह रुक जाता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक तथा अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा पैरो में रक्त का प्रवाह कम होने से ऐंठन हो सकती है, चलने पर दर्द हो सकता है या ऐसे घाव हो सकते हैं जो देर से भरते हैं। साथ ही पित्ताशय में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल जमा हो सकता है और सख्त होकर पथरी का रूप ले सकता है।
इसे भी पढ़ें: शरीर में दिखने वाले हाई कोलेस्ट्रॉल के 7 संकेत, अक्सर लोग कर देते हैं नजरअंदाज
धमनियों को स्वस्थ रखें?
डॉ. कुमार कहते हैं कि अपनी धमनियों को स्वस्थ और लचीला बनाए रखने के लिए, सबसे पहले तो नियमित कार्डियोवैस्कुलर और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज करें। धमनियों को लचीला रखने के लिए नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाने और रक्त वाहिकाओं को फैलाने के लिए तेज चलना, साइकिल चलाना या तैरना जैसी चीजों को करें। इसके अलावा डाइट में ओमेगा-3, एंटीऑक्सीडेंट और डाइटरी नाइट्रेट से भरपूर चीजों को शामिल करें और आर्टरी फ्रेंडली फूड्स खाएं जैसे-
- पालक, केल और मेथी में नाइट्रेट होते हैं जो नाइट्रिक ऑक्साइड में परिवर्तित होकर धमनियों की दीवारों को आराम पहुंचाते हैं।
- एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल और एवोकाडो सूजन को कम करने और रक्त वाहिकाओं की परत की रक्षा करने में मदद करते हैं।
- लहसुन में एलिसिन होता है जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है
- रोजाना मुट्ठी भर बादाम या अखरोट खाने से एंडोथेलियल कार्यप्रणाली और कोलेस्ट्रॉल संतुलन में सुधार होता है।
साथ ही तंबाकू से बचें और तनाव को नियंत्रित रखें। साथ ही पैरों और पूरे शरीर में रक्त संचार बनाए रखने के लिए, हर 30 मिनट में कुछ देर के लिए खड़े हो जाएं या थोड़ा टहल लें। साल 2025 में प्रकाशित NIH की स्टडी बताती है कि बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से आर्टेरियोस्क्लेरोसिस (arteriosclerosis) की समस्या बढ़ती है जिसमें कि धमनियां कड़ी हो जाती हैं और संकरी हो जाती हैं। धूम्रपान (Smoking) भी इसके एक कारणों में से एक है।
निष्कर्ष:
अंत में डॉ. कुमार कहते हैं कि पहले माना जाता था कि HDL कोलेस्ट्रॉल हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन हाल के अध्ययनों ने इसके किसी भी निवारक या सुरक्षात्मक प्रभाव की पुष्टि नहीं की है। सिर्फ कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करना ही स्वस्थ रहने की गारंटी नहीं है। कुछ दवाएं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को ठीक करती हैं, वे जरूरी नहीं कि दिल के दौरे के जोखिम को कम करें। धमनियां की सेहत सिर्फ हाई कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित नहीं होती बल्कि, हाई बीपी, डायबिटीज और मोटापा जैसे अन्य कारक भी धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं।
अंतिम सलाह यही है कि दिल के दौरे या स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से बचने और इलाज के लिए केवल कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट देखने के बजाय समग्र स्वास्थ्य और अन्य जोखिम कारकों पर भी ध्यान दें।
FAQ
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या न खाएं?
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर सबसे पहले तो हाई प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन से बचें। इसके अलावा ज्यादा फैटी फूड्स के सेवन से भी बचें।गर्म पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है क्या?
गर्म पानी पीने से सीधे तौर पर कोलस्ट्रॉल कम नहीं होता बल्कि, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है जो कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह बन सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 31, 2026 20:42 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Ujjawal Kumar
-1793459043828.webp)