Wed Oct 7, 2026 | 12:54 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या आप भी बिना ध्यान दिए खाना खाते हैं? जानें इसका पाचन और वजन पर असर

क्या आप जानते हैं कि बिना ध्यान दिए खाना खाना न सिर्फ आपका वजन बढ़ाता है, बल्कि आपके पाचन तंत्र पर भी बुरा असर डालता है? आखिर ऐसा क्यों और कैसे होता है? आइए, जानते हैं एक्सपर्ट से।
क्या आप भी बिना ध्यान दिए खाना खाते हैं? जानें इसका पाचन और वजन पर असर
क्या आप भी बिना ध्यान दिए खाना खाते हैं? जानें इसका पाचन और वजन पर असर

आपने देखा होगा कि छोटे बच्चों को खाना खिलाने के लिए अक्सर पेरेंट्स मोबाइल की मदद लेते हैं। पेरेंट्स का कहना है कि मोबाइल में बिना वीडियो देखे बच्चा खाना ही नहीं खाता है। असल बात यह है कि आज के समय में बच्चे ही नहीं, बल्कि वयस्क भी ऐसे ही हो गए हैं। खाना खाते वक्त कुछ लोग मोबाइल फोन देखकर खाना खाते हैं, तो कुछ लोग एंटरटेनमेंट के लिए टीवी ऑन कर देते हैं। क्या आप जानते हैं कि बिना ध्यान दिए खाना खाने पर इसका सीधा और बुरा असर आपके पाचन और वजन पर पड़ सकता है? आइए, Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से इनके बीच कनेक्शन के बारे में जानते हैं।

बिना ध्यान दिए खाना खाने का पाचन पर असर

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पाचन क्रिया धीमी होना

जब आप ध्यान केंद्रित करके खाना खाते हैं, तो पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम (PSNS) एक्टिव हो जाता है। इसे रेस्ट एंड डाइजेस्ट मोड कहते हैं। इसके विपरीत अगर कोई काम करते हुए या मोबाइल देखते हुए खाना खाता है, तो इसकी वजह से शरीर तनाव मोड में रहता है, जिससे पाचक एंजाइम्स और लार का उत्पादन कम मात्रा में होता है। ऐसे में अपच, गैस और ब्लोटिंग जैसी कई समस्याएं होती हैं।

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कम चबाना

जब आप खाना खाने के साथ-साथ कई तरह के अन्य काम करते हैं, तो इसकी वजह से खाना कम चबाते हैं और तेजी से खाना खत्म करने पर अधिक जोर देते हैं। पाचन का सबसे महत्वपूर्ण और पहली शर्त है, खाने को प्राॅपर तरीके से चबाना। ध्यान भटका कर खाने के कारण आप इस कदम को स्किप कर देते हैं, जिससे आपके पेट को सारा भारी काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है और न्यूट्रिएंट्स का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप पेट में सूजन या ब्लोटिंग जैसी समस्या होने लगती है।

बिना ध्यान दिए खाना खाने का वजन पर असर

साल 2013 में Harvard Health Publishing में प्रकाशित एक स्टडी से पता चलता है कि अक्सर जो लोग काम करते हुए या मोबाइल देखते हुए खाना खाते हैं, उन्हें अंदाजा ही नहीं होता है कि उन्होंने कितनी मात्रा में भोजन किया है। असल में कई कामों में व्यस्तता के चलते दिमाग को पेट भरे होने का संकेत देरी से मिलता है। ऐसे में कुछ लोग ओवर ईटिंग कर बैठते हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि ओवर ईटिंग वेट गेन का एक बड़ा कारण है। यहां तक कि कुछ लोग काम की बोरियत को दूर करने के लिए कुछ न कुछ स्नैकिंग करते रहते हैं। वक्त-बेवक्त अनहेल्दी स्नैकिंग करना भी वेट गेन को बढ़ावा देता है। यही नहीं, ध्यान केंद्रित न करते हुए खाना खाने से पेट भरे होने की तृप्ति का एहसास भी नहीं होता है। स्वाद के कारण लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, जिससे वजन बढ़ने लगता है।

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निष्कर्ष

चाहे लंच हो, डिनर हो या दिन का कोई भी मील हो, जरूरी है कि आप ध्यान केंद्रित करके ही भोजन करें। अगर आप ध्यान दिए बिना खाना खाते हैं, तो न सिर्फ ओवर ईटिंग करने का जोखिम बढ़ जाता है, बल्कि काम के चलते तेजी से खाने के कारण मुंह में लार का उत्पादन कम होता है, जिससे पाचन क्रिया पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में ब्लोटिंग या पेट में सूजन जैसी परेशानी होने लगती है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि खाना पूरा ध्यान लगाकर खाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या टीवी देखते हुए खाने से वाकई वजन बढ़ता है? 

    हां, क्योंकि ध्यान भटकने से दिमाग को पेट भरने का सिग्नल देर से मिलता है और व्यक्ति अनजाने में ओवर ईटिंग कर बैठता है।
  • माइंडफुल ईटिंग क्या है?

    बिना किसी भटकाव (फोन/टीवी) के, शांत मन से भोजन को चबा-चबाकर खाना।
  • खराब पाचन का वजन से क्या संबंध है?

    जब भोजन ठीक से नहीं पचता, है तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और पोषक तत्वों का अवशोषण रुक जाता है। ऐसे में शरीर में फैट जमा होने लगता है यानी वजन बढ़ने लगता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Meera Tagore
  • May 26, 2026 08:43 IST

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