नींद पूरी न होने पर तरह-तरह की बीमारियां और शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। माना जाता है कि सेक्स ड्राइव पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। सवाल है, क्या यह वाकई सच है? आखिर इनका आपस में क्या कनेक्शन है और यह नींद को कैसे प्रभावित करता है? दरअसल, रोजाना पर्याप्त नींद न लेने से हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जो सीधे तौर पर सेक्स ड्राइव को कम करते हैं। आइए, इस बारे में और विस्तार से जानते हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने नवी मुंबई स्थित मेडिकवर अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट और सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विजय दहिफले से बात की।
क्या खराब नींद सेक्स ड्राइव को कम कर सकती है?
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खराब नींद सेक्स ड्राइव को कई तरह से प्रभावित करती है और ऐसा पुरुष तथा महिला दोनों के साथ हो सकता है-
1. टेस्टोस्टेरोन में गिरावटः खराब नींद लेना या पर्याप्त नींद न लेने के कारण पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिर जाता है। यह हार्मोन सेक्स हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है। अगर इस हार्मोन के स्तर में गिरावट आती है कि यौन इच्छा में कमी आने लगती है। इसका असर पुरुष और महिला दोनों पर पड़ता है।
The World Journal of Men's Health (WJMH) में प्रकाशित एक वैज्ञानिक समीक्षा लेख के अनुसार, पर्याप्त और अच्छी नींद यौन स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। नींद की कमी या नींद से जुड़ी बीमारी सीधे तौर पर यौन इच्छा और सेक्शुअल परफॉरमेंस को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।
2. एस्ट्रोजन में गिरावटः इसी तरह खराब नींद लेने से महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है। यह हार्मोन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी की वजह से महिलाओं को योनि में सूखापन और सेक्स के प्रति उत्तेजना की कमी महसूस हो सकती है।
3. स्ट्रेस हार्मोन का बढ़नाः कहने की जरूरत नहीं कि जब आप अच्छी और गहरी नींद नहीं लेते हैं, तो इसकी वजह से स्ट्रेस का स्तर बढ़ जाता है। स्ट्रेस बढ़ने की वजह से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है। कोर्टिसोल सेक्स हार्मोन को ब्लॉक करता है और यौन इच्छा के स्तर को भी कम करता है। इसका मतलब है कि नींद की कमी के कारण जैसे-जैसे तनाव बढ़ेगा, सेक्शुअल चाहत में भी कमी आने लगती है।
4. मानसिक थकानः जब कोई लंबे समय से अच्छी और गहरी नींद नहीं लेता है, तो ऐसे में व्यक्ति मानसिक रूप से थकान और कमजोरी महसूस करने लगता है। यह स्थिति पुरुष और महिला दोनों के साथ हो सकती है। वैसे भी मानसिक थकान लोगों को अंदर तक परेशान कर देती है, जिससे यौन इच्छा कम हो जाती है। इसके अलावा, कम नींद लेने का निजी और कामकाजी जीवन पर भी असर पड़ता है। अगर कामकाजी जीवन सही न हो, तो सेक्शुअल रिलेशनशिप में भी सुधार की संभावना कम हो जाती है।
5. ब्लड फ्लो में कमीः अच्छी नींद नहीं लेने की वजह से ब्लड फ्लो भी बाधित होने लगता है। दरअसल, जब कोई अच्छी नींद नहीं लेता है, तो शरीर में स्ट्रेस बढ़ जाता है। ऐसे में ब्लड वेसल्स को नुकसान होने लगता है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर पुरुषों में इरेक्शन की समस्या पैदा कर सकता है। निश्चित रूप से इस तरह की समस्या पुरुषों में यौन इच्छा को कम करती है।
6. एनर्जी के स्तर में कमीः नींद न लेने से शरीर में एनर्जी का स्तर भी कम हो जाता है। आमतौर पर गहरी नींद में शरीर रिकवरी मोड में चला जाता है, जिससे व्यक्ति नींद से उठने के बाद एनर्जेटिक महसूस करता है। वहीं अगर व्यक्ति अच्छी नींद नहीं लेता है, तो ऐसे में शारीरिक रूप से थकान बनी रहती है, जिससे कमजोरी भी महसूस होती है। इस स्थिति में एनर्जी के स्तर में भी गिरावट आती है। ऊर्जा में कमी होने पर सेक्स ड्राइव भी कम हो जाती है।
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सेक्स ड्राइव में सुधार करने के लिए क्या करें?
सेक्स ड्राइव में सुधार करने के लिए सबसे पहले अपनी नींद की समस्या को दूर करें। इसके लिए यहां बताए गए टिप्स अपना सकते हैं, जैसे-
- रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। रात को अच्छी नींद लेने से एंडोक्राइन सिस्टम सही तरह से काम करना शुरू कर देता है।
- स्लीप हाइजीन में सुधार करें। इसका मतलब है कि रोजाना एक निश्चित समय पर सोने जाएं, कमरे में सोने से पहले अंधेरा कर दें और मोबाइल स्क्रीन को खुद से दूर रखें।
- समय-समय पर अपनी जांच कराएं। अगर आप नियमित रूप से 7-8 घंटे की नींद नहीं ले पा रहे हैं, तो संभवतः ऐसा स्लीप एपनिया या अन्य समस्या के कारण हो सकता है।
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निष्कर्ष
हर व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वह रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। अच्छी नींद लेने से मन अच्छा रहता है, हार्मोन संतुलित रहते हैं और एनर्जी के स्तर में भी सुधार होता है। इस तरह स्वास्थ्य बेहतर रहता है, जिससे सेक्शुअल हेल्थ पर पॉजिटिव असर पड़ता है। यहां बताए गए तमाम उपायों को अपनाने के बावजूद सेक्स ड्राइव के स्तर में गिरावट आ रही हो, तो बेहतर है कि एक बार डाॅक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करवाएं।
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FAQ
क्या स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) जैसी बीमारी सीधे तौर पर पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) का कारण बन सकती है?
हां, स्लीप एपनिया के कारण रात में बार-बार ऑक्सीजन का स्तर गिरता है, जिससे ब्लड वेसल्स क्षतिग्रस्त होती हैं और शरीर में टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन घटकर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो सकती है।सोने से कितनी देर पहले स्क्रीन बंद कर देनी चाहिए ताकि मेलाटोनिन हार्मोन प्रभावित न हो?
डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि सोने से कम से कम 1 घंटे पहले सभी डिजिटल स्क्रीन बंद कर देनी चाहिए।
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Current Version
Aug 28, 2026 09:43 IST
Modified By : Meera Tagore Aug 28, 2026 09:43 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vijay S Dahiphale
