Wed Oct 28, 2026 | 02:32 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

बेहद कारगर है अजवाइन लहसुन वाला सरसों का तेल, एक बार बनाएं और इन 5 कारणों से पूरी सर्दी करें इस्तेमाल

अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल, सर्दियों में घर पर बनाकर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाता है। इसे लगाने और मसाज करने से कई फायदे मिल सकते हैं, जानते हैं इस बारे मे एक्सपर्ट की राय।
बेहद कारगर है अजवाइन लहसुन वाला सरसों का तेल, एक बार बनाएं और इन 5 कारणों से पूरी सर्दी करें इस्तेमालबेहद कारगर है अजवाइन लहसुन वाला सरसों का तेल, एक बार बनाएं और इन 5 कारणों से पूरी सर्दी करें इस्तेमाल

अजवाइन, लहसुन और सरसों का तेल, तीनों ही एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है, जो कि जोड़ों के दर्द को कम करने के साथ सर्दियों में होने वाली कई समस्याओं को कम करने में मददगार है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि अजवाइन, लहसुन और सरसों का तेल शरीर में गर्माहट पैदा कर सकती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है और जोड़ों के दर्द और सूजन में कमी आती है। इसके अलावा भी सेहत के लिए अजवाइन लहसुन वाला सरसों का तेल बेहद फायदेमंद है, जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।

अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल के फायदे

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि अजवाइन, लहसुन और सरसों का तेल मुख्य रूप से शरीर की सूजन और अकड़न को दूर करने में मददगार है। इस तेल की मालिश से शरीर में गर्माहट पैदा होने के साथ दर्द में कमी आती है और कई अंगों का तनाव और थकान कम होता है। साथ ही आप इन 5 समस्याओं में इस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे-

1. मसल पेन में

अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल मसल पेन कम करने के साथ एक्सरसाइज के बाद होने वाली थकान को कम करने में मददगार है। कुछ लोगों को सर्दियों में सुबह उठते ही मांसपेशियों का दर्द परेशान करने लगता है और ऐसे में अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल को गुनगुना करके इसे लगाना, मसल को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह रातभर रहने वाली थकान को भी कम करने में मददगार है। खास बात यह है कि अजवाइन, लहसुन और सरसों का तेल में एंटी-स्पास्मोडिक यानी ऐंठन रोधी गुण होते हैं जो कि मांसपेशियों की ऐंठन से राहत दिलाते हैं।

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2. गर्दन दर्द में

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि गर्दन दर्द में अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल फायदेमंद है। यह एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि गर्दन दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। ScienceDirect में प्रकाशित इस स्टडी की मानें, तो अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल, एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। अजवाइन में थाइमोल, गामा-टेर्पिनिन और पी-साइमीन जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट होते हैं। ये सूजन पैदा करने वाले रास्तों जैसे COX और LOX को रोकते हैं और प्रोस्टाग्लैंडिंस को कम करते हैं, जो टिशूज में सूजन और दर्द का कारण बनते हैं। इसके अलावा यह गर्दन की उन मांसपेशियों को आराम देने में मदद करती है जो गलत तरीके से बैठने-उठने (पोस्चर), तनाव या हल्की मोच के कारण सख्त या अकड़ी हुई हो जाती हैं।

3. कान में दर्द होने पर

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि कान में दर्द होने पर हमेशा से ही लहसुन और सरसों का तेल इस्तेमाल होता रहा है। डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर आप इसमें अजवाइन मिला भी रहे हैं तो इस्तेमाल से पहले तेल को छान लें और तब कान में डालें जो कि दर्दनाशक की तरह काम करता है औक दर्द कम करने के साथ आपको बेहतर महसूस करवा सकता है।

4. गैस की समस्या में

गैस की समस्या में आप अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल इस्तेमाल करते हैं। डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि यह बेहतरीन तरीके से काम करता है। यह तेल वातनाशक है जो कि पेट में एसिड प्रोडक्शन को कम करने के साथ लगातार होने वाली एसिडिटी, बदहजमी और गैस की समस्या को कम करने में मददगार है। इसके इस्तेमाल का सही तरीका यह है कि आप इस तेल को अपनी नाभि में लगाएं, जिससे एसिडिटी की दिक्कत काफी हद तक कम हो जाती है।

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5. छाती की जकड़न में

छाती की जकड़न को कम करने में अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल काफी फायदेमंद है। आमतौर पर बच्चों में इसका इस्तेमाल काफी कारगर तरीके से किया जाता है। अजवाइन लहसुन और सरसों का तेल छाती में मलने से गर्माहट पैदा होती है जिससे छाती में जमा बलगम पिघलने लगता है और खांसी-जुकाम में कमी आती है। इसके अलावा अगर आपको सर्दी लग गई हो तो आप इस तेल को गुनगुना करके अपने पैरों के तलवों और उंगलियों पर लगा सकते हैं।

घर पर कैसे बनाएं अजवाइन, लहसुन वाला सरसों का तेल?

अजवाइन और लहसुन वाला सरसों का तेल बनाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है बस आपको करना यह है कि सरसों का तेल लें और इसमें 1 चम्मच अजवाइन और लहसुन की कुछ कलियां डालकर पका लें और इस तेल को छानकर रख लें। ठंडा होने पर तेल को बॉटल में भर लें और लंबे समय तक इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि यह तेल एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है जिसका इस्तेमाल स्किन की कई सस्याओं में भी मददगार है। इससे खुजली कम हो सकती है या किसी घाव में इंफेक्शन कम हो सकता है, लेकिन यह एक आयुर्वेदिक फॉर्मूला है बल्कि, किसी समस्या का मेडिकल हल नहीं इसलिए इन में से कोई भी दिक्कत लंबे समय से हो रही है तो डॉक्टर को दिखाएं।

FAQ

  • सरसों का तेल नाभि में डालने से क्या होता है

    सरसों का तेल नाभि में डालने से पाचन बेहतर होता है, शरीर में नमी बढ़ती है और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। इसके अलावा सर्दी-जुकाम में भी लोग इसे ऐसे ही इस्तेमाल करते हैं।
  • लहसुन का तेल कान में डालने के फायदे

    लहसुन का तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से भरपूर जो कि कान में इंफेक्शन को रोकता है। इसके अलावा काम दर्द में भी काफी राहत पहुंचा सकता है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 28, 2026 11:23 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma