Mon Sep 28, 2026 | 08:05 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

ट्राइग्लिसराइड्स कम करने में मदद करेंगे ये 5 फूड्स, खुद एक्सपर्ट से बताया इन्हें हार्ट के लिए हेल्दी

ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ओट्स, दलिया और फाइबर से भरपूर इन फूड्स को खाना ट्राइग्लिसराइड कम करने में मदद कर सकता है। जानते हैं बाकी डाइट टिप्स के बारे में।
ट्राइग्लिसराइड्स कम करने में मदद करेंगे ये 5 फूड्स, खुद एक्सपर्ट से बताया इन्हें हार्ट के लिए हेल्दीट्राइग्लिसराइड्स कम करने में मदद करेंगे ये 5 फूड्स, खुद एक्सपर्ट से बताया इन्हें हार्ट के लिए हेल्दी

ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में ओट्स, चिया सीड्स और ओमेगा-3 से भरपूर इन फूड्स का सेवन कई समस्याओं से बचा सकता है। ऐसे में Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru का कहना है कि अगर आप डाइट में फैटी फिश, ओट्स और दलिया जैसी चीजों का सेवन करें तो ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा उन्होंने ऐसे 5 फूड्स को सुझाया जिन्हें खाने से आपको ट्राइग्लिसराइड बढ़ने की चिंता कभी नहीं होगी।

ट्राइग्लिसराइड्स कम करने वाले 5 फूड्स

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि ट्राइग्लिसराइड्स असल में अनहेल्दी फैट का एक प्रकार है जो कि ब्लड वेसेल्स में जमा हो जाते हैं और धमनियों की सेहत को प्रभावित करते हैं। शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से ब्लॉकेज, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इन फूड्स को डाइट में शामिल करने से ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है जैसे-

1. ओट्स

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि ओट्स में घुलनशील फाइबर होता है जो फैट के अवशोषण को मैनेज करने और ब्लड शुगर को बेहतर ढंग से कंट्रोल करने में मदद करता है। डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि ट्राइग्लिसराइड कम करने के लिए ओट्स को रात में पानी में भिगोकर रख दें और सुबह दूध में डालकर खाएं।

इसे भी पढ़ें: हाई ट्राइग्लिसराइड्स में किन चीजों का सेवन न करें? डायटीशि‍यन से जानें

2. फैटी फिश

डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी फैटी फिश में ओमेगा-3 फैट होता है जो ट्राइग्लिसराइड को कम करने में मदद कर सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप इन्हें बनाकर खा रहे हैं तो ज्यादा तेल मसाले में न बनाएं बल्कि, इसे भूनकर, नमक और हर्ब्स छिड़कर खाएं।

1 (21)1 (21)

3. नट्स और सीड्स

डाइट एक्सपर्ट एडविना का सुझाव है कि अखरोट, बादाम, चिया सीड्स और अलसी के बीज जैसे नट्स और बीजों से हेल्दी फैट, फाइबर और प्लांट-बेस्ड ओमेगा-3 मिलते हैं। JCI जर्नल में प्रकाशित इस शोध की मानें तो ओमेगा-3, शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स कम करते हैं और दिल को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। ओमेगा-3, लिवर में लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन बनाने की रफ्तार को धीमा करते हैं जिससे ट्राइग्लिसराइड का स्तर कम होने लगता है।

4. बीन्स, दालें, और सब्जियां

बीन्स और दालों में घुलनशील फाइबर होता है जो कि शरीर में लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा पालक, ब्रोकली, गाजर, बीन्स और लौकी जैसी सब्जियों से कम कैलोरी में फाइबर और पोषक तत्व मिलते हैं। इससे ट्राइग्लिसराइड लेवल को कम करने में मदद मिलती है।

इसे भी पढ़ें: क्या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ना कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जितना ही खतरनाक है? डॉक्टर से जानें

5. कौन सा फल ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है?

ट्राइग्लिसराइड्स कम करने के लिए सेब, संतरा, अमरूद और बेरीज जैसे फलों को भी सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है, लेकिन जूस के बजाय साबुत फल खाना बेहतर होता है क्योंकि फाइबर प्राकृतिक शुगर के रिलीज को धीमा करने में मदद करता है।

ट्राइग्लिसराइड कम करने के लिए क्या करें?

इस पर डाइट एक्सपर्ट एडविना कहती हैं कि ''मैं सलाह दूंगी कि आप अपने खाने में इन चीजों को शामिल करें और साथ ही मीठे ड्रिंक्स, मिठाइयां, बिस्कुट, मैदा, तली-भुनी चीजें, ज्यादा सफेद चावल, प्रोसेस्ड स्नैक्स और ज्यादा शराब पीने से बचें क्योंकि ज्यादा चीनी और कैलोरी से ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा सकते हैं।

ट्राइग्लिसराइड कम करने के लिए टिप्स

ट्राइग्लिसराइड कम करने के लिए आप डाइट एक्सपर्ट एडविना के सुझाव मान सकते हैं जैसे-

  • नाश्ते में ओट्स खाएं
  • लंच में दाल या बीन्स के साथ सब्जियां खाएं।
  • स्नैक के तौर पर थोड़े से नट्स या बीज लें
  • अगर आप मछली खाते हैं तो डिनर में मछली के साथ सब्जियां और साबुत अनाज लें जबकि शाकाहारी लोग प्रोटीन और हेल्दी फैट्स के लिए दालें, बींस, सोया, टोफू, चिया और अलसी के बीज का इस्तेमाल कर सकते हैं।

निष्कर्ष:

अंत में डाइट एक्सपर्ट एडविना का सुझाव है कि खाने की सही आदतों के साथ-साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन को सही बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर सही मेडिकल इलाज भी बहुत जरूरी है। हालांकि, समय-समय से ट्राइग्लिसराइड लेवल चेक करते रहें। ट्राइग्लिसराइड बढ़ने से रोकें क्योंकि इसका बढ़ना दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

FAQ

  • क्या पैदल चलने से ट्राइग्लिसराइड कम होता है?

    ट्राइग्लिसराइड कम करने में पैदल चलना फायदेमंद है। जब आप पैदल चलते हैं तो इससे शरीर में कैलोरी बर्न होने लगती है और ट्राइग्लिसराइड लेवल कम होने लगता है।
  • 250 ट्राइग्लिसराइड्स कितना खराब है?

    250 ट्राइग्लिसराइड्स लेवल हाई होता है। इससे आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है। 

Read Next

→ किन लोगों को भूलकर भी रोज नहीं खाना चाहिए कच्चा लहसुन? मानें एक्सपर्ट की सलाह

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 28, 2026 18:36 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Edwina Raj