कई लोग रोजाना सुबह नींद से उठने के बाद कच्चा लहसुन खाते हैं। माना जाता है कि खाली पेट रोजाना सुबह कच्चा लहसुन खाने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है और हार्ट हेल्थ में भी सुधार होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कच्चे लहसुन का सेवन किया जाना सबके लिए फायदेमंद नहीं है?
Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana बताते हैं, "जो लोग ब्लड थिनर ले रहे हैं, उन्हें भूलकर भी कच्चे लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। यह सही नहीं है। यहां तक कि कई अन्य मेडिकल कंडीशंस भी हैं, जैसे एसिडिटी, आईबीएस आदि, जिनमें कच्चे लहसुन से दूर रहना चाहिए। बहरहाल, अगर किसी को अपनी डाइट में कच्चा लहसुन शामिल करना है, तो उन्हें पहले इस संबंध में एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।"
कब कच्चे लहसुन का सेवन न करें?
Wehen to avoid eating raw garlic daily
1. ब्लड थिनर लेने पर
National Center for Complementary and Integrative Health की मानें, तो अगर किसी को ब्लीडिंग से जुड़ी समस्या है, तो उन्हें कच्चा लहसुन नहीं खाना चाहिए। इस संबंध में एक्सपर्ट विस्तार से समझाते हैं, लहसुन की तासीर गर्म होती है। इसमें कई ऐसे तत्व होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से खून को पतला करते (थक्का जमने से रोकने) हैं। इसलिए, ध्यान रखें इस बात का कि एस्पिरिन जैसी दवाओं के साथ इसका सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर ब्लीडिंग (खून बहने) का खतरा बढ़ सकता है।
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2. एसिड रिफ्लक्स की समस्या
Dr. Shrey Sharma की मानें, तो लहसुन की तासीर गर्म और तीखी होती है, जो शरीर में पित्त दोष (गर्मी और एसिडिटी बढ़ाने वाले तत्व) को काफी बढ़ा देती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ एसिड रिफ्लक्स से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन करने से मना करते हैं। कच्चा लहसुन खाने पर पेट और भोजन नली की नाजुक परत में जलन, एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स यानी खट्टी डकारें आने की समस्या तुरंत शुरू हो सकती है।
3. अल्सर होने पर
who should avoid eating raw garlic daily
Dr. Shrey Sharma कहते हैं, "पेट में अल्सर है या आपका पेट काफी सेंसिटिव है, तो बेहतर है कि आप कच्चा लहसुन न खाएं। दरअसल, कच्चे लहसुन में पाया जाने वाला कंपाउंड पेट की लाइनिंग में इरिटेशन पैदा कर सकता है, पेट की जलन की बढ़ा सकता है और गैस्ट्राइटिस की कंडीशन को बिगाड़ सकता है। इसलिए, अगर आप पेट से जुड़ी समस्या जैसे अल्सर से दो-चार हैं, तो बेहतर है कि कच्चे लहसुन के सेवन से दूर रहें।"
4. IBS होने की स्थिति में
आयुर्वेद की मानें, तो आईबीएस यानी इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम या कमजोर पाचन क्षमता वालों को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। आपको बता दें कि आईबीएस में व्यक्ति की पाचनाग्नि अनियमित या कमजोर हो जाती है। कच्चा लहसुन अपने प्राकृतिक रूप में पचने में काफी भारी होता है, जो पेट को ठीक करने के बजाय आंतों के नाजुक संतुलन को और बिगाड़ सकता है। गर्म तासीर वाला लहसुन स्वस्थ व्यक्ति के लिए सही है या यह वात दोष को संतुलित कर सकता है, लेकिन इसकी अत्यधिक गर्मी पित्त को तुरंत भड़का देती है।
5. सर्जरी होने पर
अगर किसी की सर्जरी होने वाली है या सर्जरी हुई है, तो उन्हें भी लहसुन का सेवन करने से बचना चाहिए। विशेषज्ञ साफ-साफ सलाह देते हैं कि सर्जरी के कम से कम सप्ताह पहले इसका सेवन बंद कर दें। इसी तरह, अगर सर्जरी हुई है, तो इसका सेवन कब शुरू करना है, इस बारे में एक्सपर्ट की सलाह ले लें। यही नहीं, एक्सपर्ट यह भी बताते हैं कि जिन लोगों को इससे एलर्जी है, उन्हें भी इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
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कच्चा लहसुन खाने के नुकसान
- ब्लोटिंग की समस्याः कच्चा लहसुन खाने से ब्लोटिंग, गैस आदि की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से पेट में दर्द भी हो सकता है।
- मुंह से बदबूः कच्चे लहसुन में सल्फर नाम का कंपाउंड होता है। इसका सेवन करने से मुंह से बदबू आने की समस्या हो सकती है।
- त्वचा संबंधी समस्याः लहसुन का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अगर आप अतिरिक्त मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।
- लो ब्लड प्रेशरः लहसुन में ब्लड प्रेशर को कम करने के गुण होते हैं। इसलिए, कच्चा लहसुन हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए फायदेमंद है, लेकिन हाइपोटेंशन के मरीजों के लिए यह हानिकारक है।
- ब्लीडिंग का रिस्कः इसका जिक्र हमने पहले भी किया है कि लहसुन में ब्लड थिनिंग प्रॉपर्टी होती है। यह ब्लीडिंग के रिस्क को बढ़ा सकता है। इसलिए, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
कितनी लहसुन की कलियां एक दिन में खाएं?
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बताते हैं कि अगर आप रोजाना कच्चा लहसुन खाते हैं, तो दिन में महज एक से दो लहसुन की कलियों का सेवन करना पर्याप्त होता है। हालांकि, कोई सटीक दिशा-निर्देश नहीं है। व्यक्ति के स्वास्थ्य के आधार पर वह लहसुन की कलियां चुन सकता है।
निष्कर्ष
इसमें कोई दो राय नहीं है कि लहसुन पोषक तत्वों से भरपूर है। हालांकि, इसका सेवन किन लोगों को करना चाहिए और किन लोगों को नहीं, इसकी सटीक जानकारी आपके पास होनी चाहिए। अगर आप अधिक मात्रा में कच्चा लहसुन खाते हैं, तो मुंह से बदबू आना, एसिड रिफ्लक्स और पाचन संबंधी कई समस्याएं ट्रिगर हो सकती हैं। इसका भरपूर लाभ उठाने के लिए सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।
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FAQ
हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग की समस्या में कच्चा लहसुन खा सकते हैं?
नहीं, यह सही नहीं है। लहसुन में प्राकृतिक रूप से एंटी-क्लॉटिंग गुण होते हैं और इसकी गर्म तासीर ब्लड फ्लो को और अधिक बढ़ा सकती है, जिससे महिलाओं में कमजोरी या एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।फैटी लिवर से पीड़ित मरीजों के लिए कच्चा लहसुन फायदेमंद है या नुकसानदेह?
सीमित मात्रा में पकाया हुआ लहसुन फैटी लिवर के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन अगर मरीज को लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति है, तो उन्हें कच्चा लहसुन नहीं खाना चाहिए।
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Sep 28, 2026 17:24 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
