जब मरीज कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते हैं, तो उसमें कई बार नजर आता है कि ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल सामान्य से ज्यादा है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे ब्लड शुगर लेवल की मात्रा अधिक होना, थायराइड होना, अल्कोहल का अधिक सेवन, कुछ दवाओं का सेवन जैसे बीपी की दवा या हार्मोनल दवाएं या स्टेरॉइड्स लेने के कारण भी ट्राइग्लिसराइड्स लेवल ज्यादा हो सकता है। ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर ज्यादा होने के पीछे कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी जिम्मेदार हैं जो कोलेस्ट्राॅल लेवल को नुकसान पहुंचाते हैं और ट्राइग्लिसराइड्स को बढ़ाते हैं जैसे रिफाइंड कार्ब्स, शुगर, प्रोसेस्ड फूड्स वगैरह। आइए जानते हैं किन फूड्स से परहेज करना बेहतर है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
Mayo Clinic के मुताबिक, जब हम खाना खाते हैं, तो शरीर अतिरिक्त कैलोरी को ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है। इसका इस्तेमाल तुरंत एनर्जी के लिए नहीं किया जाता है इसलिए ये फैट सेल्स में जमा हो जाते हैं। जब शरीर को भोजन के दौरान एनर्जी की जरूरत होती है, तो हार्मोन ट्राइग्लिसराइड्स को एनर्जी के लिए रिलीज करते हैं। अगर ज्यादा कैलोरी लेते हैं, खासकर कार्ब्स का अधिक सेवन करते हैं, तो ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल ज्यादा हो सकता है।
| ट्राइग्लिसराइड्स लेवल | रेंज |
| सामान्य स्तर | 150 mg/dL से कम |
| बॉर्डरलाइन | 150-199 mg/dL |
| हाई लेवल | 200-499 mg/dL |
| बहुत ज्यादा | 500 mg/dL या उससे अधिक |
ट्राइग्लिसराइड्स ज्यादा होने पर इन चीजों से करें परहेज
| हाई ट्राइग्लिसराइड्स में क्या खाएं? | हाई ट्राइग्लिसराइड्स में क्या न खाएं? |
| प्रोटीन और फाइबर रिच फूड्स | चीनी युक्त चीजें जैसे केक, मिठाई |
| होल ग्रेन्स जैसे ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस | रिफाइंड कार्ब्स जैसे मैदा, सफेद ब्रेड, पेस्ट्री, नूडल्स |
| फल जैसे सेब, संतरा, मौसमी, अमरूद | मीठे ड्रिंक जैसे कोल्ड ड्रिंक, मीठे पैकेज्ड जूस |
| सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली, लौकी, भिंडी | प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड्स जैसे बिस्किट, कुकीज, चिप्स |
| नट्स और सीड्स | तली-भुनी चीजें, अल्कोहल, धूम्रपान |
Harvard Medical School के मुताबिक,
अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो आपको खासतौर पर उन चीजों से सावधान रहना चाहिए, जिनमें सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। ये चीजें एलडीएल (लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन) या बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ा सकती हैं। LDL धमनियों की दीवारों में जमा हो सकता है।
1. चीनी युक्त चीजें
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जब हम ज्यादा चीनी युक्त चीजें खाते हैं, तो वह फैट में बदलकर, ब्लड में ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को बढ़ा सकते हैं। पैक्ड फूड्स, केक-पेस्ट्री, मिठाई, रिफाइंड शुगर, शहद, गुड़, सॉफ्ट ड्रिंक्स के सेवन से परहेज करना चाहिए।
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2. प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड्स
पैक्ड इंस्टेंट फूड्स, कुकीज, केक, चिप्स या अन्य डिब्बाबंद चीजों के सेवन से परहेज करें। इन चीजों में चीनी, कार्ब्स और सैचुरेटेड फैट्स का मात्रा ज्यादा हो सकती है। इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होकर ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को बढ़ा सकती है।
3. रिफाइंड कार्ब्स रिच फूड्स
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सफेद ब्रेड, मैदा की रोटी, बर्गर, पिज्जा, बेकरी आइटम, नूडल्स, सफेद चावल, मीठे सीरियल्स वगैरह अधिक सेवन करने से बचें। रिफाइंड कार्ब्स रिच फूड्स में फाइबर की मात्रा कम हो सकती है और इनका अधिक सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल और इंसुलिन लेवल तेजी से बढ़ सकता है जिससे ट्राइग्लिसराइड्स लेवल भी बढ़ सकता है।
4. अल्कोहल और धूम्रपान
अल्कोहल और धूम्रपान के कारण कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कंट्रोल करना एक चुनौती बन सकती है। इसलिए इनसे परहेज करें। इससे हार्ट को भी नुकसान पहुंचता है और कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल बिगड़ सकती है।
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5. तली-भुनी चीजें
ट्राइग्लिसराइड्स लेवल ज्यादा होने पर तली हुई चीजों के अधिक सेवन से परहेज करें। इनका अधिक सेवन करने से वजन बढ़ सकता है और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल बढ़ सकता है। समोसा, कचौड़ी, पकौड़े, पूरी, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स वगैरह का सेवन करने से बचना चाहिए।
ट्राइग्लिसराइड्स ज्यादा होने पर किन चीजों का सेवन करें?
- ओमेगा 3 फैटी एसिड्स को डाइट में शामिल करें। जैसे बादाम, अखरोट, ब्लैक सीड्स, चिया सीड्स।
- होल ग्रेन्स जैसे ओट्स, क्विनोआ।
- सिट्रिस फ्रूट्स, बेरीज, सेब।
- अलग-अलग रंगों की सब्जियां।
- दालें और चना।
- ऑलिव ऑयल।
- प्रोटीन और फाइबर युक्त चीजों का सेवन करें।
हाई ट्राइग्लिसराइड्स में क्या करें?
- वेट लॉस करें। 5 से 10 प्रतिशत वेट लॉस से भी ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
- ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करें।
- फाइबर युक्त फूड्स का सेवन करें जैसे होल ग्रेन्स, स्प्राउट्स, सलाद, फल वगैरह को डाइट में शामिल करें।
- एक्सरसाइज करें कम से कम 45 मिनट।
- अगर ट्राइग्लिसराइड्स लेवल 500 (mg/dL) या उससे ज्यादा है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष:
ट्राइग्लिसराइड्स लेवल ज्यादा होने पर चीनी युक्त चीजें, प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड्स, रिफाइंड कार्ब्स रिच फूड्स, अल्कोहल, धूम्रपान और अधिक तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए। ट्राइग्लिसराइड्स ज्यादा होने पर वजन कम करें, अगर ट्राइग्लिसराइड्स लेवल 500 से ज्यादा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। ट्राइग्लिसराइड्स ज्यादा होने पर डाइट में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स युक्त फूड्स, होल ग्रेन्स, सिट्रस, बेरीज, सेब, सब्जियां, दाल, चना, ऑलिव चना वगैरह का सेवन करें। डाइट में प्रोटीन और फाइबर इंटेक को बढ़ाएं।
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FAQ
हाई ट्राइग्लिसराइड्स में चावल खाना बंद कर देना चाहिए?
चावल को पूरी तरह बंद करने के बजाय मात्रा को सीमित करें, चावल को सब्जियों के साथ मिक्स करके खाएं जिसमें सब्जियों की मात्रा को ज्यादा रखें। डाइट में फाइबर की मात्रा ज्यादा रखने का प्रयास करें।क्या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने पर दूध पी सकते हैं?
हां, दूध लिया जा सकता है। हालांकि, अगर वेट लॉस कर रहे हैं, तो लो फैट या स्किम्ड मिल्क जैसे विकल्प चुन सकते हैं।
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Sep 21, 2026 15:37 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh
