Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

सर्दी से गलने लगी है नाखून के नीचे की त्वचा? खुद एक्सपर्ट ने बताया है इस इंफेक्शन के लिए घरेलू उपाय

Nakhun me infection ka ilaj: सर्दियों में अक्सर हमारा नाखून के अंदर की त्वचा गलने लगती है और खराब हो जाती है। ये इंफेक्शन है जिसके लिए आप एक्सपर्ट के बताए इस घरेलू उपचार की मदद ले सकते हैं।

Nakhun me infection ka ilaj: सर्दियों में लोगों को नाखून से जुड़ी समस्याएं बहुत ज्यादा परेशान करती हैं। कुछ लोगों के नाखून जहां काले पड़ जाते हैं तो कुछ लोगों को नाखून में खुजली होती है और त्वचा गलने लगती है। दरअसल,ये तमाम दिक्कतें असल में फंगल इंफेक्शन के लक्षण हैं जो कि समय के साथ बढ़ सकते हैं। अगर आप इसका ख्याल नहीं रखेंगे तो ये इंफेक्शन और तेजी से बढ़ने लगता है और दिक्कत इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि नाखून से खून और मवाद निकल सकता है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि आप नाखून में इंफेक्शन से बचने के लिए इस घरेलू उपचार की मदद लें जिसे Ayurvedic Dr. Shrey Sharma of Ramhans Charitable Hospital, Sirsa, Haryana ने बताया है।

नाखून में इंफेक्शन हो तो इस्तेमाल करें एप्सम साल्ट

नाखून में इंफेक्शन होने पर आप अपने एप्सम साल्ट (epsom salt for nail infection) की मदद ले सकते हैं। दरअसल, भले ही आपको ये जानकर हैरानी हो लेकिन आयुर्वेद डॉक्टर श्रेय शर्मा ने बताया है कि कैसे एप्सम साल्ट का मैग्नीशियम सल्फेट, फंगल इंफेक्शन में कारगर है। दरअसल, ये नमक एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है जो कि इंफेक्शन को कम करने के साथ घाव को सूखने और ठीक करने में मदद कर सकता है। इतना ही नहीं इस सॉल्ट के इस्तेमाल से घाव में होने वाली जलन और खुजली मे भी कमी आती है और व्यक्ति बेहतर महसूस कर सकता है।

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नाखून सड़ने पर एप्सम साल्ट का इस्तेमाल कैसे करें?

अगर आपका नाखून में सड़न या गलन नजर आ रही हो और खुजली व जलन परेशान कर रही हो तो आपको सबसे पहले एप्सम साल्ट को गर्म पानी में मिलाकर अपने नाखून को इसमें डालकर रखना चाहिए। आपको करना ये है कि एक गर्म पानी के टब में आधा से एक कप एप्सम नमक घोलकर 15-30 मिनट तक दिन में एक-दो बार भिगोएं। पैर में इंफेक्शन हो तो बड़े टब का इस्तेमाल करें और हाथ में इंफेक्शन हो तो छोटे टब का इस्तेमाल करें। इससे फंगल इंफेक्शन कम होने, सूखने और त्वचा को आराम मिलने में मदद मिलती है।

epsom salt remedies

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एसेंशियल ऑयल में मिलाकर लगाएं एप्सम साल्ट

आप दूसरा उपाय ये आजमा सकते हैं अगर आपके पास टी ट्री ऑयल, लैवेंडर ऑयल या पेपरमिंट ऑयल जैसा कोई एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल तेल हो तो उसमें आप एप्सम साल्ट डालें और मिलाकर इसे इंफेक्शन वाली जगह पर लगा लें।15 से 30 मिनट इसे ऐसे ही रहने दें और फिर कॉटन की मदद से इसे साफ कर लें। दरअसल, इस उपायसे आप इंफेक्शन से जल्दी ठीक हो सकते हैं। त्वचा को रूखा होने से बचाने के लिए मॉइस्चराइजर लगाएं, क्योंकि नमक त्वचा को रूखा कर सकता है। नियमित उपचार के लिए दिन में 1-2 बार लगाने का लक्ष्य रखें।

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इन तमाम चीजों के अलावा आप कुछ दूसरे भी देसी उपायों को आजमा सकते हैं जैसे कि सरसों के तेल में लहसुन पकाकर इसे लगाएं। आप हल्दी को सरसों के तेल में पकाकर इस्तेमाल कर सकते हैं जो कि इस स्थिति में बेहद कारगर तरीके से काम करती है। ये फंगल इंफेक्शन को कम करने के साथ घाव को ठीक करने और खुजली व जलन से छुटकारा दिलाने में मददगार है।

साथ ही ध्यान रखें कि सर्दियों में गीले पैरों में सोने से बचें। हमेशा अपने पैरों को अच्छी तरह से सुखाएं और मॉइस्चराइज करके सोएं। उंगलियों के बीच के हिस्से पर विशेष ध्यान दें और इसे गंदगी और इंफेक्शन से बचाएं।

FAQ

  • फंगल इन्फेक्शन कैसे पता चलता है?

    अगर किसी को फंगल इंफेक्शन है तो उसे खुजली के साथ तेज जलन हो सकती है और उस हिस्से की स्किन निकलकर लाल हो सकती है इसलिए आपको इस प्रकार के इंफेक्शन को सर्दियों में चेक करते रहना चाहिए।
  • फंगल इन्फेक्शन का सबसे अच्छा इलाज क्या है?

    फंगल इन्फेक्शन का सबसे अच्छा इलाज यही है कि एंटीफंगल क्रीम और पाउडर का इस्तेमाल करें जो कि इंफेक्शन को कम करने में तेजी से कारगर हो। आप इसे किसी स्किन एक्सपर्ट से पूछकर भी ले सकते हैं।
  • फंगल इन्फेक्शन में सरसों का तेल लगा सकते हैं?

    सरसों का तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल है और आप अपनी त्वचा के इंफेक्शन को कम करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 15, 2026 19:15 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 15, 2026 19:15 IST

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