घास पर चलना आपको एक रिफ्रेशिंग फील देता है और इससे आप बेहतर महसूस करते हैं। घास पर चलने से कुछ देर के लिए आप अपना स्ट्रेस भूल जाते हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जाता है और कुछ लोगों के लिए यह रिलैक्सिंग एक्टिविटी हो सकती है। हालांकि, आज हम आंखों के लिए घास पर चलने के फायदे के बारे में बात करेंगे और इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की। साथ ही जाना कि रोज कितनी देर और कब चलना चाहिए घास पर?
क्या घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है?
Dr. Shrey Sharma कहते हैं कि घास पर चलना बेसिकली हमारी बॉडी के लिए स्टिमुलेशन का काम करता है, मतलब जो सारे सिस्टम्स को ही स्टिमुलेट करे। ऐसे में आंखों में भी असर महसूस हो सकता है। जब हम घास पर चलते हैं, तो पृथ्वी के साथ हमारा संपर्क कांटेक्ट होता है, जिसकी वजह से बॉडी की जो मैग्नेटिज्म है, मैग्नेटिक फील्ड है, वो भी प्रॉपर होती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रेटिना और आंखों के अन्य हिस्सों को ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व लगतार पहुंचता है, जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।
मायोपिया का खतरा कम हो जाता है
घास पर चलने के अन्य फायदे की बात करें, तो इससे मायोपिया के बढ़ने की गति धीमी हो जाती है। डॉ. श्रेय कहते हैं कि दूसरी चीज है कि जब आप घास पर चलने के लिए बाहर निकलते हैं तो नेचुरल रोशनी के संपर्क में आते हैं, इससे रेटिना में डोपामाइन का उत्पादन बढ़ता है। यह एक्टिविटी आईबॉल (आंख के गोले) को लंबा होने से रोकने में भूमिका निभाती है, जिससे मायोपिया यानी पास की नजर खराब होने का खतरा कम हो जाता है।
इसे भी पढ़ें: आंखों की रोशनी बचानी है तो आज ही छोड़ दें ये 7 आदतें, डॉक्टर से समझें नुकसान
आंखों में खिंचाव और दर्द कम होता है
घास पर चलने से आंखों में खिंचाव और दर्द कम होने लगता है। डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर आप लंबे समय तक कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करते हैं तो आपके लिए नंगे पांव घास पर चलना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, इस दौरान आप खुले में घूमते हुए काफी चीजों को देखते हैं जिससे सिलियरी मांसपेशियों को आराम मिलता है और आंखों की थकान कम होती है। कुछ दरे बाद आपकी आंखों को बेहतर अहसास होता है और लगता है मानों आंखों की रोशनी लौट आई हो।
1 (43)
घास पर चलने से खुशी महसूस हो सकती है
डॉ. श्रेय कहते हैं कि घास पर चलने से आप खुद को खुश और सुखी महसूस कर सकते हैं। दरअसल, होता यह है कि जब आप नंगे पांव घास पर चलते हैं तो इससे आपके शरीर के कुछ ऐसे प्वाइंट्स दब सकते हैं जिससे शरीर का स्ट्रेस हार्मोन यानी कार्टिसोल लेवल कम हो सकता है और फील गुड हार्मोन बढ़ सकता है जैसे एंडोर्फिन। इससे नर्वस सिस्टम को बढ़ावा मिलता है, जिसमें ऑप्टिक नर्व भी शामिल है और इससे हमारे आंखों की सेहत भी जुड़ी हुई जो कि बेहतर हो सकती है।
साल 2024 में Journal of Urban Health में प्रकाशित इस स्टडी की मानें तो असली घास के संपर्क से मस्तिष्क में अल्फा तरंगों का स्तर बढ़ता है अल्फा तरंगें मानसिक शांति, मन के विश्राम और सकारात्मक मनोदशा से जुड़ी होती हैं। असली घास का स्पर्श मानसिक तनाव (mental stress) को कम करने में सच में प्रभावी है।
इसे भी पढ़ें: लंबी उम्र तक आंखों की रोशनी तेज रखने के लिए आयुर्वेद में बताए गए हैं कुछ उपाय, जानें इनके बारे में
घास पर कब और कितनी देर चलें?
डॉ. श्रेय कहते हैं कि घास पर आप कभी भी चल सकते हैं जब भी आपको समय मिले, लेकिन अगर आप सुबह के समय या शाम के वक्त सूरज ढ़लते समय, यह काम करते हैं तो इससे आपको बेहतर महसूस हो सकता है। इस दौरान आपको ज्यादा फायदे महसूस हो सकते हैं। भले ही आपके पास ज्यादा वक्त न हो फिर भी आपको कम से कम 20 से 30 मिनट रोजाना घास पर नंगे पांव चलना चाहिए।
निष्कर्ष:
डॉ. श्रेय कहते हैं कि घास पर चलते समय आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जगह बहुत साफ हो और घास छोटे-छोटे हों जहां कीड़े-मकोड़ों की संख्या कम हो। इसके अलावा अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो नंगे पांव घास पर नलें क्योंकि अगर हल्का सा भी घाव इस बीमारी के मरीज में गंभीर रूप धारण कर सकता है खासकर कि डायबिटिक न्यूरोपैथी के मरीजों में। बाकी, तो यह हर किसी के लिए फायदेमंद और आरामदेह एक्टिविटी है।
FAQ
प्रतिदिन 30 मिनट पैदल चलने से क्या होता है?
प्रतिदिन 30 मिनट पैदल चलने से आप शुगर बैलेंस होता है, ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है और सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचाव होता है।सुबह कितने बजे पैदल चलना चाहिए?
सुबह आपको 5:30 से 7 बजे तक पैदल चलना चाहिए। इसके बाद धूप तेज हो जाती है जिससे आपको दिक्कत हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 16, 2026 15:57 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
-1792145800223.webp)