Fri Oct 16, 2026 | 05:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

क्या घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है? आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें

घास पर चलने से आपके आंखों की सेहत (Walking on Grass Benefits) बेहतर हो सकती है। यह आंखों की ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे रेटिना हेल्दी रहती है। आइए, जानते हैं कितनी देर चलें और किस समय चलें।
क्या घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है? आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानेंक्या घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है? आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें

घास पर चलना आपको एक रिफ्रेशिंग फील देता है और इससे आप बेहतर महसूस करते हैं। घास पर चलने से कुछ देर के लिए आप अपना स्ट्रेस भूल जाते हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जाता है और कुछ लोगों के लिए यह रिलैक्सिंग एक्टिविटी हो सकती है। हालांकि, आज हम आंखों के लिए घास पर चलने के फायदे के बारे में बात करेंगे और इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की। साथ ही जाना कि रोज कितनी देर और कब चलना चाहिए घास पर?

क्या घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है?

Dr. Shrey Sharma कहते हैं कि घास पर चलना बेसिकली हमारी बॉडी के लिए स्टिमुलेशन का काम करता है, मतलब जो सारे सिस्टम्स को ही स्टिमुलेट करे। ऐसे में आंखों में भी असर महसूस हो सकता है। जब हम घास पर चलते हैं, तो पृथ्वी के साथ हमारा संपर्क कांटेक्ट होता है, जिसकी वजह से बॉडी की जो मैग्नेटिज्म है, मैग्नेटिक फील्ड है, वो भी प्रॉपर होती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रेटिना और आंखों के अन्य हिस्सों को ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व लगतार पहुंचता है, जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।

मायोपिया का खतरा कम हो जाता है

घास पर चलने के अन्य फायदे की बात करें, तो इससे मायोपिया के बढ़ने की गति धीमी हो जाती है। डॉ. श्रेय कहते हैं कि दूसरी चीज है कि जब आप घास पर चलने के लिए बाहर निकलते हैं तो नेचुरल रोशनी के संपर्क में आते हैं, इससे रेटिना में डोपामाइन का उत्पादन बढ़ता है। यह एक्टिविटी आईबॉल (आंख के गोले) को लंबा होने से रोकने में भूमिका निभाती है, जिससे मायोपिया यानी पास की नजर खराब होने का खतरा कम हो जाता है।

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आंखों में खिंचाव और दर्द कम होता है

घास पर चलने से आंखों में खिंचाव और दर्द कम होने लगता है। डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर आप लंबे समय तक कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करते हैं तो आपके लिए नंगे पांव घास पर चलना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, इस दौरान आप खुले में घूमते हुए काफी चीजों को देखते हैं जिससे सिलियरी मांसपेशियों को आराम मिलता है और आंखों की थकान कम होती है। कुछ दरे बाद आपकी आंखों को बेहतर अहसास होता है और लगता है मानों आंखों की रोशनी लौट आई हो।

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घास पर चलने से खुशी महसूस हो सकती है

डॉ. श्रेय कहते हैं कि घास पर चलने से आप खुद को खुश और सुखी महसूस कर सकते हैं। दरअसल, होता यह है कि जब आप नंगे पांव घास पर चलते हैं तो इससे आपके शरीर के कुछ ऐसे प्वाइंट्स दब सकते हैं जिससे शरीर का स्ट्रेस हार्मोन यानी कार्टिसोल लेवल कम हो सकता है और फील गुड हार्मोन बढ़ सकता है जैसे एंडोर्फिन। इससे नर्वस सिस्टम को बढ़ावा मिलता है, जिसमें ऑप्टिक नर्व भी शामिल है और इससे हमारे आंखों की सेहत भी जुड़ी हुई जो कि बेहतर हो सकती है।

साल 2024 में Journal of Urban Health में प्रकाशित इस स्टडी की मानें तो असली घास के संपर्क से मस्तिष्क में अल्फा तरंगों का स्तर बढ़ता है अल्फा तरंगें मानसिक शांति, मन के विश्राम और सकारात्मक मनोदशा से जुड़ी होती हैं। असली घास का स्पर्श मानसिक तनाव (mental stress) को कम करने में सच में प्रभावी है।

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घास पर कब और कितनी देर चलें?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि घास पर आप कभी भी चल सकते हैं जब भी आपको समय मिले, लेकिन अगर आप सुबह के समय या शाम के वक्त सूरज ढ़लते समय, यह काम करते हैं तो इससे आपको बेहतर महसूस हो सकता है। इस दौरान आपको ज्यादा फायदे महसूस हो सकते हैं। भले ही आपके पास ज्यादा वक्त न हो फिर भी आपको कम से कम 20 से 30 मिनट रोजाना घास पर नंगे पांव चलना चाहिए।

निष्कर्ष:

डॉ. श्रेय कहते हैं कि घास पर चलते समय आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जगह बहुत साफ हो और घास छोटे-छोटे हों जहां कीड़े-मकोड़ों की संख्या कम हो। इसके अलावा अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो नंगे पांव घास पर नलें क्योंकि अगर हल्का सा भी घाव इस बीमारी के मरीज में गंभीर रूप धारण कर सकता है खासकर कि डायबिटिक न्यूरोपैथी के मरीजों में। बाकी, तो यह हर किसी के लिए फायदेमंद और आरामदेह एक्टिविटी है।

FAQ

  • प्रतिदिन 30 मिनट पैदल चलने से क्या होता है?

    प्रतिदिन 30 मिनट पैदल चलने से आप शुगर बैलेंस होता है, ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है और सेहत से जुड़ी समस्याओं से बचाव होता है।
  • सुबह कितने बजे पैदल चलना चाहिए?

    सुबह आपको 5:30 से 7 बजे तक पैदल चलना चाहिए। इसके बाद धूप तेज हो जाती है जिससे आपको दिक्कत हो सकती है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 16, 2026 15:57 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma