दही का सेवन खान-पान का एक अहम हिस्सा होता है। गर्मियों में दही, रायता और छाछ का सेवन लोगों को करना काफी पसंद होता है। वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो रात के खाने के साथ भी दही खाना पसंद करते हैं। लेकिन, क्या दही रात में खाना सेहत के लिए सही होता है? आयुर्वेद में दही के सेवन को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं, जिसके अनुसार, रात में दही खाने को सुरक्षित नहीं माना जाता है। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि आयुर्वेद में दही को गुरु यानी भारी, कफवर्धक और पित्त को बढ़ाने वाला माना जाता है। इसलिए, इसका सेवन हर समय और हर व्यक्ति के लिए सही नहीं माना जाता है।
क्या रात में दही खाना चाहिए?
डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार, रात में दही खाने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर ठंड के मौसम में और उन लोगों को रात में दही का सेवन नहीं करना चाहिए, जिन्हें कफ से जुड़ी समस्याएं रहती हैं। हालांकि, दही के सेवन को लेकर मौसम, व्यक्ति की प्रकृति, पाचन क्षमता और स्वास्थ्य की स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
आयुर्वेद में बारिश, वसंत और ठंडे मौसम में दही खाने को लेकर खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वहीं, गर्मियों के मौसम में भी दही का सेवन व्यक्ति की पाचन क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार ही करना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: दही खाने के तुरंत बाद फल खाना सही है या नहीं? एक्सपर्ट से जानें
आयुर्वेद में दही को भारी और कफवर्धक क्यों माना गया है?
डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में खाद्य पदार्थों को उनके गुणों और शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों के आधार पर ही समझा जाता है। दही को गुरु यानी पचने में भारी माना जाता है। इसके अलावा, इसे कफ और पित्त बढ़ाने वाला भी बताया गया है। दही का ज्यादा मात्रा में सेवन या कमजोर पाचन क्षमता के साथ इसका सेवन कुछ लोगों में ब्लोटिंग या अपच जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, आयुर्वेद में भोजन की मात्रा और पाचन शक्ति पर खास ध्यान देना जरूरी है।
आयुर्वेद के अनुसार, दही का सेवन शरीर में कफ बढ़ा सकता है। इसलिए, जिन लोगों को बार-बार नाक बंद होने, बलगम बनने या एलर्जी जैसी समस्याएं रहती हैं, उन्हें इसके सेवन के समय और मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। सही समय पर ठीक मात्रा में दही का सेवन शरीर में कफ बढ़ने का कारण नहीं बनता है।
eat-curd-at-night-according-to-ayurveda
दही खाने का सही समय और आयुर्वेद के अनुसार नियम
डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, आयुर्वेद में दही के सेवन के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी है। इनका उद्देश्य पाचन क्षमता और शरीर की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए भोजन करना है।
- दिन के समय दही का सेवन करें- दिन में भोजन के साथ सीमित मात्रा में दही लेना रात की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, यह आपकी पाचन क्षमता और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
- मौसम के अनुसार सेवन करें- आयुर्वेद में वर्षा और वसंत ऋतु में दही के सेवन को लेकर खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठंड के मौसम में भी रात के समय इसका सेवन टालने की सलाह दी जाती है। गर्मी के मौसम में भी दही की मात्रा और सेवन का समय अपनी प्रकृति के अनुसार तय करना चाहिए।
- ताजा दही चुनें- बहुत ज्यादा खट्टे या लंबे समय से रखा हुआ दही खाने के बजाय ताजा और सही तरीके से रखा गया दही चुनें। इससे खाने की सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलती है।
- मात्रा का ध्यान रखें- दही का सेवन जरूरत से ज्यादा नहीं करना चाहिए। अगर इसे खाने के बाद भारीपन या पेट से जुड़ी समस्याएं होती है तो इसकी मात्रा कम करें और कुछ समय के लिए खाना बंद कर दें।
- रात में विकल्प चुनें- अगर आपको रात के खाने के साथ कुछ ठंडा या हल्का खाने की इच्छा होती है, तो अपनी सहनशीलता के अनुसार अन्य विकल्प चुन सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: ग्रीक योगर्ट और दही में क्या अंतर है और कौन-सा है बेहतर? जानें डाइट एक्सपर्ट से
किन लोगों को रात में दही का सेवन नहीं करना चाहिए?
डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार, कुछ लोगों को रात में दही खाने से बचना चाहिए, जिनमें शामिल हैं-
- कफ की समस्या वाले लोग- जिन्हें बार-बार बलगम, नाक बंद होने या भारीपन की शिकायत होती है, उन्हें रात में दही खाने से बचना चाहिए।
- सर्दी-जुकाम से परेशान लोग- अगर दही खाने के बाद आपके लक्षण बढ़ते हुए महसूस होते हैं, तो बीमारी के दौरान इसका सेवन करने से बचना सही हो सकता है।
- कमजोर पाचन वाले लोग- जिन लोगों को अपच, ब्लोटिंग या खाना खाने के बाद भारीपन की समस्या होती है, उन्हें रात में ज्यादा मात्रा में दही नहीं खाना चाहिए।
- दही खाने के बाद असुविधा होना- कुछ लोगों को दही खाने से पेट में गैस, दस्त या अन्य पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लोगों को अपनी सहनशीलता के हिसाब से ही दही का सेवन करना चाहिए।
निष्कर्ष
आयुर्वेद के अनुसार दही का सेवन करते समय टाइम, मौसम, मात्रा और अपनी पाचन क्षमता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आमतौर पर रात में दही खाने से बचने की सलाह दी जाती है, खासकर ठंड के मौसम में और कफ से जुड़ी समस्याओं से परेशान लोगों को। दही को आयुर्वेद में भारी और कफवर्धक माना जाता है। हालांकि, रात में दही खाने से शरीर में ब्लॉकेज या साइनस बंद का साइंटिफिक दावा नहीं है। इसलिए, अपनी शारीरिक प्रतिक्रिया को समझें, संतुलित मात्रा में भोजन करें और किसी खास स्वास्थ्य समस्या में एक्सपर्ट या डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik
FAQ
1 दिन में कितनी दही खानी चाहिए?
एक हेल्दी व्यक्ति को दिनभर में लगभग 100 से 200 ग्राम ताजी दही का सेवन करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में दही खाने से पाचन पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही खाएं।दही खाने के बाद कौन सा फल नहीं खाना चाहिए?
दही की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसके साथ खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, मौसमी और अंगूर नहीं खाने चाहिए। इसके अलावा, आम या केले जैसे मीठे फल भी दही के साथ खाने से पेट में भारीपन और पाचन से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 16, 2026 15:25 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
