Sun Oct 11, 2026 | 05:48 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

क्या आप बार-बार गला साफ करते रहते हैं? जानिए एसिड रिफ्लक्स का गले पर असर

बार-बार गला साफ करना या गले में खराश होना एसिड रिफ्लक्स का संकेत हो सकता है, जिसे अक्सर सर्दी या एलर्जी समझा जाता है। पेट का एसिड गले तक पहुंचने पर लैरिंगोफैरिंजियल रिफ्लक्स (LPR) जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। 
क्या आप बार-बार गला साफ करते रहते हैं? जानिए एसिड रिफ्लक्स का गले पर असरक्या आप बार-बार गला साफ करते रहते हैं? जानिए एसिड रिफ्लक्स का गले पर असर

कई बार गले में खिंच-खिंच महसूस होने पर लोग अक्सर अपना गला साफ करते रहते हैं। यह छोटी सी आदत कई बार गले की खराश, सूखी खांसी या आवाज बैठने का कारण बन सकती हैं। अक्सर लोग गले में खराश की समस्या को सर्दी या एलर्जी समझ लेते हैं, लेकिन इसके पीछ पेट का एसिड रिफ्लक्स भी जिम्मेदार हो सकता है। Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi के अनुसार, जब पेट का एसिड गले तक पहुंचता है तो यह गले को प्रभावित करता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि एसिड रिफ्लक्स की समस्या से गले में दिक्कत क्यों होती है?

एसिड रिफ्लक्स गले को कैसे प्रभावित करता है?

Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि अगर आपको दिनभर बार-बार गला साफ करने की जरूरत महसूस होती है, गले में कुछ फंसा हुआ लगता है या लगातार खांसी आती है, तो इसके पीछे एसिड रिफ्लक्स भी एक कारण हो सकता है। सामान्य तौर पर पेट में बनने वाला एसिड भोजन को पचाने में मदद करता है। लेकिन जब पेट की सामग्री वापस भोजन नली में आने लगती है, तो इसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD कहा जाता है। कुछ मामलों में यह रिफ्लक्स गले तक भी पहुंच सकता है और वहां की सेंसिटिव परत को भी प्रभावित कर सकता है।

साल 2019 में Missouri State Medical Association में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, जब पेट का एसिड गले तक पहुंचता है तो इससे बार-बार गला साफ करना और आवाज में भारीपन या खराश होना आम है। एसिड रिफ्लक्स ब्रोंकोस्पैज्म को ट्रिगर करके अस्थमा को और बढ़ा सकता है, जिससे खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आने लगती है।

इसे भी पढ़ें: एसिड रिफ्लक्स में दूध पीना सही है या गलत? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें किसे फायदा और किसे नुकसान

लैरिंगोफैरिंजियल रिफ्लक्स और गले की समस्याएं

Dr. Rajesh Bhardwaj के अनुसार, जब पेट की चीजें गले और वॉइस बॉक्स के आस-पास तक पहुंचती है, तो इस स्थिति को लैरिंगोफैरिंजियल रिफ्लक्स यानी LPR कहा जाता है। इस समस्या के कारण गले में जलन, आवाज बैठना, बार-बार गला साफ करना, सूखी खांसी और गले में कुछ अटका होने जैसा महसूस हो सकता है। खास बात यह है कि LPR से प्रभावित हर व्यक्ति को सीने में जलन या खट्टी डकार जैसे लक्षण महसूस हों, यह जरूरी नहीं है। कई बार गले से जुड़ी परेशानियां ही इसके प्रमुख लक्षण होते हैं।

गले में जलन और खराश के अन्य कारण

Dr. Rajesh Bhardwaj के मुताबिक गले में खराश और जलन की समस्या एसिड रिफ्लक्स के अलावा भी अन्य कई कारणों से हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-

  • एलर्जी
  • नाक से गले में म्यूकस गिरना
  • गले में सूखापन
  • स्मोकिंग
  • आवाज ज्यादा इस्तेमाल करना

गले की खराश से राहत के लिए क्या करें?

Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि एसिड रिफ्लक्य या अन्य कारणों से गले में होने वाली खराश से राहत पाने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं-

  • गुनगुने पानी से गरारे करें- एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर गरारे करने से गले की सूजन और दर्द से राहत मिल सकती है।
  • हल्दी और अदरक का सेवन- अदरक की चाय या गुनगुने पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पीने से गले का इंफेक्शन कम होता है और खराश से राहत मिलती है।
  • शहद का इस्तेमाल- एक चम्मच शहद को गुनगुने पानी या अदरक के रस के साथ लेने से भी गले की खराश और जलन से राहत मिल सकती है, क्योंकि यह गले की कोमलता बनाए रखने और खांसी या खराश से आराम दिलाने में मदद करते हैं।
  • हाइड्रेटेड रहें- दिनभर में पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी, सूप या हर्बल चाय पीते रहें, ताकि गला सूखा न रहे।
  • स्टीम लें- गर्म पानी की भाप लेने से गले और नाक के रास्ते की जकड़न को दूर करने में मदद मिल सकती है।

Acid-reflux-and-throat-problemAcid-reflux-and-throat-problem

एसिड रिफ्लक्स के कारण होने वाली गले की समस्याओं का पता कैसे लगाएं?

Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि एसिड रिफ्लक्स के कारण होने वाली गले की समस्याओं की पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसमें हमेशा सीने में जसन या खट्टी डकार जैसे लक्षण नहीं होते हैं। एसिड रिफ्लक्स के कारण गले में होने वाली समस्याओं को पहचानने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें-

  • लक्षणों के आधार पर पहचान- अगर आपको बार-बार गला साफ करने की आदत है, बिना किसी सर्दी-जुकाम के सूखी खांसी उठती है, सुबह उठने पर आवाज भारी होने या बैठ जाने की समस्या हो और गले में कुछ फंसा हुआ महसूस होने पर यह LPR के संकेत हो सकते हैं।
  • क्लीनिकल टेस्ट- डॉक्टर स्थिति की सही जांच के लिए लैरींगोस्कोपी (Laryngoscopy) कर सकते हैं, जिससे वॉइस बॉक्स और गले के टिश्यू में सूजन या रेडनेस को सीधे देखा जा सकता है।
  • लाइफस्टाइल और खानपान से पहचानना- अगर खास तरह के मसालेदार, खट्टे भोजन या कैफीन के सेवन के बाद गले की समस्या बढ़ जाती है, तो यह रिफ्लक्स का संकेत हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: क्या टाइट कपड़े पहनना भी हो सकता है एसिड रिफ्लक्स का कारण? डॉक्टर से जानें सच

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर गले की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, निगलने में परेशानी होती है या आवाज लगातार बैठी रहती है तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा, अगर बिना मेडिकल कंसल्ट के एसिड रिफ्लक्स की दवाएं लेने से भी आराम न मिले या सीने में तेज दर्द, अचानक वजन कम होना और सांस लेने में मुश्किल जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत किसी डॉक्टर से कंसल्ट करें।

निष्कर्ष
एसिड रिफ्लक्स गले को प्रभावित करने वाली एक आम, लेकिन अक्सर नजरअंदाज करने वाली स्थिति है, जिसमें सीने में जलन न होने पर भीगले में लगातार खराश, आवाज बैठना और कफ जैसी दिक्कतें बनी रह सकती हैं। इसका सही आकलन लक्षणों की पहचान और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • एसिड रिफ्लक्स होने से क्या होता है?

    एसिड रिफ्लक्स एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पेट का एसिड या पाचन रस वापस भोजन नली में ऊपर की ओर बढ़ने लगता है।
  • एसिड रिफ्लक्स में क्या नहीं खाना चाहिए?

    एसिड रिफ्लक्स की समस्या से पीड़ित लोगों को तले हुए, मसालेदार, खट्टे फल और टमाटर जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए।

Read Next

→ पेट के दाहिनी तरफ दर्द क्यों होता है? जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 11, 2026 16:01 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj