जैसे-जैसे दिवाली नजदीक आ रही है, प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर और ज्यादा बढ़ जाएगा। मौजूदा समय में दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई 390 पार कर चुका है। आमतौर पर दिवाली और पटाखों के कारण बढ़ रहे प्रदूषण में आंखों में जलन और गले में खराश होने लगती है। सवाल है, इससे निपटने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
इस बारे में Dr. Niraj Kumar, Senior Consultant, ShardaCare Hospital, Greater Noida बताते हैं, "पटाखों के धुएं और बढ़ते प्रदूषण के कारण आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या हो जाती है। इससे निपटने के लिए जरूरी है कि आप पहले ही तैयार रहें। इन दिनों घर के अंदर अधिक समय बिताएं और कोशिश करें कि घर की हवा प्रदूषित न हो। बहरहाल, अगर प्रदूषण के कारण आंखों में जलन हो रही है, तो प्रिजर्वेटिव-फ्री लुब्रिकेंट आई ड्रॉप डालें और कुछ दिनों तक लगातार गुनगुना पानी पिएं। इससे गले की खराश में कमी आती है।"
दिवाली के धुएं से हो रही आंखों में जलन को कैसे कम करें?
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- आंखें मलने से बचेंः धुएं के कारण आंखों में काफी जलन होती है। ऐसे में अक्सर लोग आंखों को मलने लगते हैं, जिससे आंखें रेड हो जाती हैं और सूजन भी बढ़ जाती है। यह सही नहीं है। ऐसे में बेहतर है कि आप आंखों को मलने से बचें।
- आई ड्रॉप यूज करेंः आंखों को धुएं और प्रदूषण के कारण आंखों में हो रही जलन से बचाने के लिए जरूरी है कि आप प्रीजर्वेटिव फ्री लुब्रिकेंट आई ड्रॉप यूज करें। स्टेरिल सलाइन का भी उपयोग कर सकते हैं। इससे आंखों में मौजूद पॉल्यूटेंट बाहर निकल जाता है और आंखों की जलन भी कम हो जाती है। National Center for Biotechnology Information (NCBI) Bookshelf पर प्रकाशित StatPearls के अनुसार, सलाइन (Saline) से आंखों की सफाई करने से आंखों की जलन कम होती है।
- सादे पानी से आंख न धोएंः पटाखों के धुएं और प्रदूषण आंखों की जलन को काफी बढ़ा देते हैं। इससे बचने के लिए अक्सर लोग सादे पानी से बार-बार आंखों को धोते हैं। इससे आंखों की प्राकृतिक अश्रु परत (Tear Film) धुल जाती है और नल के पानी में मौजूद बैक्टीरिया या क्लोरीन से संक्रमण और ड्राइनेस का खतरा बढ़ जाता है। आप आंखों पर आर्टिफिशियल टियर का उपयोग कर सकते हैं।
- आंखों की सिकाई करेंः अगर दिवाली के धुएं से अचानक आंखों की जलन बढ़ जाए, तो इसे इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आंखों की बर्फ से सिकाई करें। आंखों की सिकाई करने के लिए बर्फ को एक सूती कपड़े में लपेट लें। इसमें रोज वॉटर की कुछ बूंदें भी डाल सकते हैं। इससे आंखों साफ होंगी और जलन में कमी आएगी।
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दिवाली के धुएं से हो रही गले की खराश को कैसे कम करें?
अभी से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को गले में खराश जैसी समस्या होने लगती है। Indian Journal of Critical Care Medicine के अनुसार, धुएं से श्वसन मार्ग में तेजी से सूजन आती है, जो शुरुआती 24 से 72 घंटों में लगातार बढ़ती है। इससे निपटने के लिए आप यहां बताए गए टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-
- पानी पीते रहेंः गले की खराश को कम करने के लिए आप दिन भर में गुनगुना पानी पीते रहें। इससे बॉडी हाइड्रेटेड रहती है और गले में फंसा बलगम भी बाहर निकलता है। आप अदरक और तुलसी की चाय या काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। इससे भी गले की खराश कम हो जाती है।
- नमक पानी से गरारा करेंः इन दिनों नमक पानी से गरारा करना भी काफी फायदेमंद होता है। इससे गले की खराश कम होती है और स्वेलिंग में भी कमी आती है। वैसे भी आपने कई बार नोटिस किया होगा कि बढ़ते प्रदूषण या दिवाली के धुएं के कारण गले में खराश के साथ-साथ दर्द होने लगता है। नमक पानी से गरारा करने से इस तरह की समस्या में कमी आती है।
- ह्यूमिडिफायर यूज करेंः इन दिनों सिर्फ बाहर की हवा ही प्रदूषित नहीं होती है, बल्कि घर की हवा में भी प्रदूषण फैल जाता है। ऐसे में कमरे में आप ह्यूमिडिफायर जरूर रखें। इससे कमरे की हवा में नमी बनी रहेगी। साथ ही, सुबह की ड्राईनेस कम होगी। इससे गले की खराश में भी कमी आती है।
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निष्कर्ष
दिवाली में जलाए गए पटाखों के धुएं और प्रदूषित हवा को कंट्रोल नहीं किया जा सकता है। इसकी वजह से आंखों में जलन और गले में खराश होती है। ऐसे में आप थोड़ी बहुत जीवनशैली में बदलाव कर सकते हैं, जिससे समस्याएं कम हो जाती हैं। बहरहाल, इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर आपकी समस्या बढ़ रही है, आंखों की जलन के कारण बार-बार पानी आ रहा है और गले की खराश के साथ-साथ दर्द भी हो, तो बेहतर है कि आप तुरंत डॉक्टर से मिलें और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
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FAQ
क्या पटाखों के धुएं और प्रदूषण के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस पहनना सुरक्षित है?
नहीं, धुएं के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस बिल्कुल नहीं पहनना चाहिए। असर ने प्रदूषित हवा में मौजूद केमिकल्स लेंस की सतह पर चिपककर कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं।धुएं के संपर्क में आने के बाद गले की जलन शांत करने के लिए कच्ची मुलेठी चूसना कितना असरदार है?
मुलेठी में मौजूद प्राकृतिक ग्लिसराइजिन श्वास नली की म्यूकस मेम्ब्रेन पर सुरक्षात्मक परत बनाकर धुएं से होने वाली सूजन और तीखी जलन को शांत करने में मदद करता है।
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Nov 06, 2026 15:26 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Niraj Kumar
