आपने महसूस किया होगा कि कई बार सुबह नींद से उठते ही आंखों में भारीपन और जलन महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर आंखों को पानी से धो लेते हैं और मूल समस्या की अनदेखी कर बैठते हैं। क्या आप जानते हैं कि सुबह उठते ही आंखों में भारीपन या जलन होना सही नहीं है? ऐसा आंखों से जुड़ी किसी समस्या के कारण हो सकता है।
इस बारे में Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Founder & Director, Ratan Jyoti Netralaya, Gwalior कहते हैं, "सुबह नींद से उठते ही आंखों में भारीपन, जलन, किरकिरापन या सूखापन महसूस होना काफी आम बात है। यह समस्या कुछ देर में अपने आप ठीक भी हो जाती है। लेकिन अगर रोजाना ऐसा हो और लंबे समय तक यह समस्या बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे साधारण थकान से लेकर ड्राई आई डिजीज और पलकों की समस्याएं तक कई कारण हो सकते हैं।"
सुबह उठते ही आंखों में भारीपन और जलन क्यों होती है?
Causes Of Heavy And Burning Eyes In The Morning
1. नींद में पलकों का बंद न होना
Dr. Purendra Bhasin बताते हैं, "कुछ लोगों के साथ यह समस्या होती है कि रात को नींद में उनकी पलकें पूरी तरह बंद नहीं होती हैं। जब नींद में आंखों की पलकें पूरी तरह बंद नहीं होती हैं, तो ऐसे में सुबह उठने के बाद आंखों में जलन, सूखापन और ड्राईनेस जैसी समस्या हो जाती है।" MDPI की ओपन-एक्सेस वैज्ञानिक पत्रिका Life में प्रकाशित एक रिसर्च आर्टिकल के अनुसार, जिन लोगों में सोते समय आंखें खुली रहने की समस्या होती है, उनमें सुबह उठने पर आंखें खोलने में परेशानी, दर्द और आंखों में कुछ चुभने का एहसास होता है।
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2. लंबे समय तक स्क्रीन देखना
Dr. Purendra Bhasin आगे कहते हैं, “अगर कोई देर रात स्क्रीन पर अधिक समय बिताता है, इस दौरान पलकें कम झपकाता है या पंखे की सीधी हवा आंखों में जाती है। यह भी आंखों में सूखने का बड़ा कारण बनता है। इसके अलावा, रात को सोने से पहले पर्याप्त पानी न पीना भी आंखों की ड्राईनेस की एक वजह है।” Dr. Purendra Bhasin यह भी बताते हैं कि शरीर में पर्याप्त पानी न हो यानी अगर रात को सोते समय बॉडी डिहाइड्रेट हो जाती है, तो ऐसे में आंखों की सतह सूख सकती है। नतीजतन, सुबह उठने पर आंखों में रेत या कुछ चुभने जैसा महसूस होना, लालिमा और जलन जैसी समस्या हो जाती है।
Clinical Ophthalmology (Dove Medical Press) में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि डिजिटल स्क्रीन का लगातार उपयोग करने से व्यक्ति की पलकें झपकाने की दर आधी या उससे भी कम हो जाती है। खासकर जो रोजाना 4 से 8 घंटे से अधिक स्क्रीन पर समय बिताते हैं, ऐसे वयस्कों में ड्राई आई के लक्षण का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
3. ब्लेफेराइटिस यानी पलकों के किनारों में सूजन
सुबह नींद से उठने के बाद आंखों में ड्राईनेस का एक बड़ा कारण ब्लेफेराइटिस है। इसका मतलब होता है कि पलकों के किनारों में सूजन आ जाती है। इस समस्या में सुबह पलकों पर चिपचिपापन या पपड़ी, खुजली और जलन के साथ आंखें भारी लग सकती हैं।
4. आंसुओं के उत्पादन में कमी (Meibomian Gland Dysfunction)
आंखों में नमी बनाए रखने में हमारे आंसुओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। लेकिन कई बार लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने या आंखों से संबंधित किसी तरह की समस्या होने के कारण आंसुओं का प्रोडक्शन कम हो जाता है या उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। हालांकि, MGD में आंसुओं की तेल वाली परत (Oil Layer) प्रभावित होती है, जिससे आंसू जल्दी भाप बनकर उड़ जाते हैं। ऐसे में आंखों की ड्राईनेस बढ़ जाती है।
5. एलर्जी भी है बड़ा कारण
एलर्जी भी सुबह आंखों में खुजली, पानी आने और जलन का कारण बन सकती है, खासकर अगर बिस्तर, तकिए या आपके कमरे में धूल और एलर्जेंस मौजूद हों। हालांकि, अगर जलन के साथ तेज दर्द, रोशनी से परेशानी, अचानक धुंधला दिखाई देना, आंखों में ज्यादा लालिमा या आंख से असामान्य स्राव हो, तो आई स्पेशलिस्ट से अपनी जांच करवाना न भूलें। इस तरह की स्थिति को लंबे समय तक इग्नोर करना सही नहीं है।
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बचाव के लिए क्या करें?
What Causes Heavy And Burning Eyes In The Morning
अगर आपको अक्सर सुबह उठकर आंखों में भारीपन और ड्राईनेस महसूस हो, तो इस स्थिति को नजरअंदाज न करें। यहां बताए गए टिप्स को फॉलो करें।
- रोजाना सुबह उठकर आंखों को साफ पानी से धोएं।
- रोज रात को पर्याप्त, गहरी तथा अच्छी नींद लें।
- सुनिश्चित करें कि कमरे की हवा ड्राई न हो।
- सोने से कम से कम तीन घंटे पहले मोबाइल से दूर हो जाएं।
- अगर स्क्रीन पर काम करते हैं, तो बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार कोई आई ड्रॉप न डालें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के आंखों पर स्टेरॉयड वाली ड्रॉप न यूज करें।
निष्कर्ष
लगातार सुबह आंखों में भारीपन या जलन को केवल नींद पूरी न होने की समस्या मानना सही नहीं है। अगर किसी को यह समस्या बार-बार हो रही है, तो उन्हें आंखों में नजर आ रहे अन्य लक्षणों पर गौर करना चाहिए। साथ ही यह भी नोटिस करना चाहिए कि कहीं आंखों की रोशनी कमजोर तो नहीं हो रही है? अगर ऐसा हो, तो आंखों के विशेषज्ञ को दिखाने में जरा भी देरी न करें। हाल के सालों में छोटे बच्चों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है। बेहतर है कि पैरेंट्स इस ओर ध्यान दें और बच्चों की स्थिति के प्रति लापरवाही न करें।
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FAQ
क्या रात में एसी या रूम हीटर चलाकर सोने से सुबह आंखों में जलन हो सकती है?
हां, एसी और हीटर कमरे की हवा से नमी को पूरी तरह खींच लेते हैं। हवा में नमी कम होने की वजह से आंखों में ड्राईनेस की समस्या हो सकती है।क्या सुबह आंखों की जलन और भारीपन से तुरंत राहत पाने के लिए गर्म सिकाई कर सकते हैं?
अगर सुबह पलकों पर पपड़ी, चिप-चिपा पन ब्लेफेराइटिस/MGD के लक्षण हों, तो कपडे को गुनगुने पानी में भिगोकर उससे आंखों की सिकाई कर सकते हैं। अगर एलर्जी के कारण खुजली और सूजन हो, तो ठंडी सिकाई बेहतर होती है।
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Oct 08, 2026 15:54 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin
