एक-दो दिन में दिवाली है। अभी से कई लोगों ने पटाखे जलाना शुरू कर दिया है। देर शाम कई पटाखे फूटने की आवाजें आती हैं। हालांकि, इसका अपना आनंद है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि पटाखों के धुएं से फेफड़ों को गंभीर नुकसान हो सकता है। अक्सर लोगों को पटाखों के धुएं से फेफड़ों को होने वाले नुकसानों के शुरुआती लक्षणों की जानकारी नहीं होती है। इस लेख में हम उन्हीं का जिक्र कर रहे हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से बात की।
पटाखों के धुएं से फेफड़ों को होने वाले नुकसान के लक्षण
Early Warning Signs Of Lung Damage Due To Firecracker Smoke
Lung India में प्रकाशित रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, पटाखों के जलने से हवा में पार्टिकुलेट मैटर PM2.5 के स्तर में भारी उछाल आता है। यह धुआं फेफड़ों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन पैदा करता है। इसके कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सांस फूलने/घरघराहट (wheezing) के मामलों में 30% से 40% तक की बढ़ोतरी देखी जाती है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं-
गले में खराश
Dr. Sunil Kumar K के मुताबिक, "यह एक सामान्य सी लगने वाली समस्या है। अगर आप नोटिस करें कि दिवाली के पटाखे जलाने के बाद से ही आपको गले में खराश शुरू हो गई है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह फेफड़ों से संबंधित समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसके अलावा, आप महसूस करें कि बार-बार नाक बहना और छींकने जैसी अन्य परेशानियां भी होने लगती हैं।"
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बार-बार खांसी
Dr. Sunil Kumar K कहते हैं, "अगर आपको अचानक दिवाली के बाद सूखी खांसी शुरू हो जाए, तो यह भी सही संकेत नहीं है। हालांकि, बदलते मौसम में ऐसी समस्याएं हो जाती हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि दिवाली में जलाए गए पटाखे और खराब एक्यूआई के कारण हवा में पीएम2.5 फाइन पार्टिकल्स घुल जाते हैं। सांस लेने के जरिए ये फाइन पार्टिकल्स लंग्स और फिर ब्लड स्ट्रीम तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में बार-बार खांसी होने की समस्या हो सकती है।"
सीने में दर्द और भारीपन
Early Warning Signs Of Lung Damage Due To Firecracker Smoke Inhalation
Dr. Sunil Kumar K कक मानें, दिवाली के बाद से अगर आपको सीने में दर्द, जकड़न और भारीपन महसूस हो, तो समझ जाएं कि एयरवेज में सूजन आ गई है। ऐसा प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण हो सकता है। यह भी इस बात का संकेत है कि फेफड़ों से संबंधित समस्या हो रही है और लापरवाही न बरतें।
सांस लेने में तकलीफ
यह अपने आप में एक गंभीर समस्या है। अगर किसी को पहले से ही सांस की समस्या है, तो उन्हें इस दिवाली पर सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, अगर दिवाली के बाद आपको सांस संबंधी समस्या महसूस होने लगे, तो भी जरूरी है कि आप एलर्ट हो जाएं। कई बार दिवाली के बाद बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों में बेचैनी, उलझन और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। ये सब चीजें फेफड़ों से जुड़ी परेशानी की ओर इशारा करती हैं।
होठों का नीला या स्लेटी पड़ना
Dr. Sunil Kumar K आगे बताते हैं, "दिवाली के बाद आप नोटिस करें कि क्या आपके होठों के रंग में बदलाव आ रहा है? विशेष रूप से उनका नीला या स्लेटी दिखना। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। ऐसा तब भी होता है, जब लंग्स सही तरह से काम नहीं करते हैं। इसके अलावा, किसी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अचानक मानसिक भ्रम या उलझन की स्थिति भी हो सकती है। ध्यान रखें कि यह लक्षण गले या सांस की नली में होने वाली किसी मामूली जलन या खराश के सामान्य संकेत नहीं हैं। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।"
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अस्थमा या COPD के गंभीर लक्षण
ये दोनों लंग्स से जुड़ी बीमारियां हैं। विशेषकर, दिवाली के बाद ये समस्याएं अधिक ट्रिगर हो जाती हैं। ऐसे में मरीज में अस्थमा के एपिसोड बढ़ जाते हैं और COPD के कारण सांस लेने में गंभीर समस्या आने लगती है। यही नहीं, इन बीमारियों के मरीज जो सामान्य दिनों में अपने लक्षणों को सही तरह से मैनेज कर पाते हैं, उन्हें अक्सर दिवाली के बाद इसे मैनेज करने में दिक्कत आने लगती है।
आवाज बैठना
आवाज बैठने का सीधा-सीधा संबंध सर्दी-जुकाम या बुखार से है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपर रेस्पिरेटरी सिस्टम में आई समस्याओं की वजह से भी आवाज बैठ सकती है। इसके अलावा, वोकल काॅर्ड में आई सूजन भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है। आवाज बैठ जाए, तो इसे भी सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज न करें।
कब जाएं तुरंत डॉक्टर के पास?
- अगर सांस लेने में बहुत ज्यादा दिक्कत महसूस हो।
- होंठों, उंगलियों के पोरों (टिप्स) और चेहरे के नीला पड़ने पर।
- मानसिक रूप से उलझन, कंफ्यूजन होने पर।
- किसी को गंभीर रूप से अस्थमा या COPD होने पर।
निष्कर्ष
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए दिवाली के बाद का समय और भी ज्यादा क्रिटिकल हो जाता है। इसके बाद अक्सर लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, खांसी बढ़ जाती है, सीने में दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है। ये तमाम समस्याएं इस बात का संकेत है कि बढ़ते प्रदूषण के कारण आपके फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं इसलिए समय पर डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवाएं।
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FAQ
पटाखों के धुएं के संपर्क में आने के बाद आंखों और फेफड़ों को डिटॉक्स करने के लिए क्या करें?
सबसे पहले चेहरे व आंखों को ठंडे पानी से धोएं, गुनगुने नमकीन पानी से गरारे करें और 5 मिनट बाद सादे पानी की भाप (स्टीम) लें।क्या दिवाली की रात को धुएं के तुरंत बाद दूध में घी या शहद मिलाकर पीना फेफड़ों के लिए सुरक्षित है?
एक्यूट केमिकल एक्सपोजर या सांस फूलने के दौरान भारी घी वाला दूध पीने से बलगम गाढ़ा हो सकता है; इसके बजाय हल्का गुनगुना पानी, तुलसी-अदरक का हल्का काढ़ा या ग्रीन टी पीना अधिक फायदेमंद है।
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Nov 05, 2026 16:59 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Sunil Kumar K
