Sat Oct 31, 2026 | 11:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

क्या भाप लेने से फेफड़ों से प्रदूषण साफ होता है? जानें डॉक्टर की राय

प्रदूषण बढ़ने पर कई लोग फेफड़ों को साफ करने के लिए भाप लेते हैं, लेकिन क्या इससे जहरीले कण बाहर निकल जाते हैं? डॉक्टर से जानें प्रदूषण से फेफड़ों को बचाने के सही तरीके क्या हैं?
क्या भाप लेने से फेफड़ों से प्रदूषण साफ होता है? जानें डॉक्टर की रायक्या भाप लेने से फेफड़ों से प्रदूषण साफ होता है? जानें डॉक्टर की राय

दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस से जुड़ी परेशानियां होने लगी हैं। किसी को लगातार खांसी हो रही है, तो किसी को गले में खराश, नाक बंद होने और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है। ऐसे में फेफड़ों को प्रदूषण के असर से बचाने के लिए लोग कई तरह के घरेलू उपाय आजमाते हैं। इन्हीं में से एक है भाप लेना। माना जाता है कि रोजाना भाप लेने से फेफड़ों में जमा धूल, धुआं और प्रदूषित कण बाहर निकल जाते हैं और सांस की नलियां साफ हो जाती हैं। कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, भाप लेने और फेफड़ों में जमा प्रदूषित कणों को बाहर निकालने के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। भाप से कुछ लोगों को नाक बंद होने या गले में ड्राईनेस जैसी परेशानी में अस्थायी आराम मिल सकता है, लेकिन यह प्रदूषण से फेफड़ों को साफ करने का तरीका नहीं है।

क्या भाप लेने से फेफड़ों से प्रदूषण निकलता है?

डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, भाप लेने से फेफड़ों में जमा प्रदूषित कण बाहर नहीं निकलते हैं। दरअसल, वायु प्रदूषण में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे बारीक कण सांस के जरिए रेस्पिरेटरी सिस्टम में प्रवेश कर सकते हैं। इनमें से कुछ कण फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। भाप लेने से इन कणों को बाहर निकालने या फेफड़ों को डिटॉक्स करने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। भाप मुख्य रूप से नाक और ऊपरी श्वसन मार्ग में नमी पहुंचाती है। इससे कुछ समय के लिए बंद नाक या बलगम के कारण होने वाली परेशानी में आराम मिल सकता है, लेकिन यह प्रदूषण के असर को खत्म नहीं करती। इसलिए अगर आप रोजाना भाप लेते हैं और सोचते हैं कि इससे फेफड़ों में जमा प्रदूषण साफ हो जाएगा, तो यह धारणा सही नहीं है।

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प्रदूषण से फेफड़ों को बचाने के लिए क्या करें?

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा के अनुसार, प्रदूषण से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि प्रदूषित हवा के संपर्क को कम किया जाए। इसके लिए कुछ सावधानियां अपनाई जा सकती हैं-

  • बाहर निकलने से पहले अपने इलाके का AQI जरूर चेक करें।
  • AQI खराब या बहुत खराब होने पर आउटडोर एक्सरसाइज करने से बचें।
  • जरूरी काम से बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें।
  • घर की खिड़कियां और दरवाजे तब बंद रखें, जब बाहर प्रदूषण का लेवल ज्यादा हो।
  • घर में धूम्रपान, अगरबत्ती और अन्य धुआं पैदा करने वाली चीजों से बचें।
  • घर के अंदर साफ-सफाई रखें और धूल जमा न होने दें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बैलेंस डाइट लें, जिससे कि शरीर की इम्यूनिटी अच्छी हो।

साल 2016 में Canadian Medical Association Journal में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, क्रोनिक या बार-बार होने वाली साइनस समस्याओं के लिए भाप लेना स्टीम इनहेलेशन प्रभावी नहीं पाया गया। हालांकि, नाक की सफाई के लिए सलाइन इरिगेशन (नमक के पानी से नहाना) का उपयोग करने से मरीजों के लक्षणों में सुधार हुआ, 3 से 6 महीनों तक राहत बरकरार रही और उन्होंने ओवर-द-काउंटर दवाओं का इस्तेमाल भी कम किया।

Steam Inhalation for lungsSteam Inhalation for lungs

क्या फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए भाप लेनी चाहिए?

डॉक्टर गोपाल जी शर्मा सलाह देते हैं कि अगर आपको सर्दी-जुकाम या नाक बंद होने की समस्या है, तो भाप लेने से कुछ समय के लिए आराम मिल सकता है लेकिन केवल प्रदूषण से बचने या फेफड़ों को साफ करने के उद्देश्य से भाप लेना जरूरी नहीं है। इसके अलावा, बहुत गर्म पानी से भाप लेने पर चेहरे और सांस की नलियों में जलन हो सकती है। गर्म पानी के बर्तन से भाप लेते समय जलने का खतरा भी रहता है। इसलिए खासकर बच्चों को इस तरीके से भाप देने से बचना चाहिए। अगर प्रदूषण के कारण लगातार खांसी, सांस फूलना, सीने में दर्द या घरघराहट की समस्या हो रही है, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।

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निष्कर्ष

भाप लेने से फेफड़ों में जमा प्रदूषण बाहर नहीं निकलता और न ही इससे फेफड़े डिटॉक्स होते हैं। भाप से नाक बंद होने जैसी कुछ परेशानियों में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन प्रदूषण से बचाव का यह तरीका नहीं है। फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदूषित हवा के संपर्क को कम करें, AQI चेक करें, जरूरत पड़ने पर N95 मास्क पहनें और घर के अंदर की हवा को साफ रखने की कोशिश करें। सांस संबंधी परेशानी लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।

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FAQ

  • क्या गर्म पानी पीने से फेफड़े साफ होते हैं?

    नहीं, गर्म पानी पीने से फेफड़ों में जमा प्रदूषित कण बाहर नहीं निकलते। हालांकि, पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और बलगम को पतला रखने में मदद मिल सकती है।
  • क्या गुड़ खाने से फेफड़ों में जमा प्रदूषण साफ होता है?

    नहीं, गुड़ खाने से फेफड़ों में जमा प्रदूषित कण साफ होने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। 

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 31, 2026 22:48 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma