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रात को दही खाने से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है? डॉक्टर से जानें

जोड़ों में दर्द की समस्या में अक्सर रात के समय दही खाने से मना किया जाता है, क्यों ऐसा माना जाता है कि दही खाने से जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न की समस्या बढ़ सकती है। 

उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को अपनी डाइट में क्या शामिल करना चाहिए और क्या नहीं, अक्सर इस बात को लेकर कंफ्यूजन होती है। आप जो भी खाते या पीते हैं उसका सीधा असर आपकी सेहत और जोड़ों पर पड़ता है। ऐसे में प्रोबायोटिक्स और पोषक तत्वों से भरपूर दही के सेवन को लेकर भी लोग अक्सर कंफ्यूज रहते हैं। दही का सेवन करने से इसका प्रभाव शरीर के वात, पित्त और कफ दोषों पर पड़ता है। ऐसे में क्या ठंडी तासीर वाली दही का सेवन जोड़ों पर क्या असर डालता है से ज्यादा लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि क्या जोड़ों की समस्या होने पर रात में दही खाना चाहिए या नहीं? आइए इस बारे में हम हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं।

क्या रात को दही खाने से जोड़ों का दर्द की समस्या बढ़ सकती है?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि रात में दही खाने से जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है। दही को गुरु आहार माना जाता है, जो बहुत भारी भोजन होता है। अगर किसी व्यक्ति को आम (कमजोर पाचन अग्नि के कारण पेट में मौजूद टॉक्सिक पदार्थ) की समस्या हो तो उसका आम और ज्यादा बढ़ जाएगी। दही का सेवन करने से रात में पेट की अग्नि भी कम करता है। इसके लिए अग्नि का मजबूत होना जरूरी है। इसलिए, जिसकी अग्नि बहुत ज्यादा पित्तवर्धनक होती है, उन्हें रात के समय दही का सेवन करने से बचना चाहिए।

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आम और जोड़ों का दर्द में कनेक्शन

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार ज्यादा जोड़ों के दर्द, सूजन और जकड़न का कनेक्शन आम से होता है। जब आप भोजन ठीक तरह से पचा नहीं पाते हैं तो वह आम में बदल जाता है। यही आम शरीर में घूमकर जोड़ों में जमा हो सकता है, जिससे दर्द, सूजन और जकड़न की समस्या हो सकती है। इसलिए, अगर किसी व्यक्ति को पहले से आमवात, गठिया या जोड़ों में जकड़न की शिकायत है तो रात में दही का सेवन लक्षणों को बढ़ा सकता है। रात में दही खाने से इसका गुरु और कफवर्धक स्वभाव जोड़ों में दर्द की समस्या को बढ़ा सकता है।

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रात में दही क्यों नहीं खाना चाहिए?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार रात का समय आराम और शरीर को रिपेयर करने का होता है। इस समय पाचन शक्ति दिन की तुलना में कम होती है। इसलिए, गुरु आहार रात में लेने से

  • पाचन क्रिया धीमी हो सकती है।
  • आम बनने की प्रक्रिया बढ़ सकती है।
  • कफ इकट्ठा हो सकता है
  • सुबह उठने के बाद शरीर में जकड़न और भारीपन महसूस हो सकता है

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क्या जोड़ों की समस्या में दही पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि जोड़ों की समस्या में दही का सेवन पूरी तरह छोड़ देना जरूरी नहीं है। बल्कि, इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि दही खाने का समय, मात्रा और व्यक्ति की प्रकृति क्या है। दही का सेवन दोपहर के समय करना ज्यादा बेहतर माना जाता है। इसके साथ ही दही में काली मिर्च, सेंधा नमक या शहद मिलाकर खाने से उसका कफवर्धक प्रभाव कम किया जा सकता है। अगर आपको रात में दही लेना है तो इसकी जगह पतला मट्ठा लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

निष्कर्ष

रात में दही खाने से जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है, खासकर अगर शरीर में आम की मात्रा ज्यादा हो, पाचन शक्ति कमजोर हो, वात या कफ प्रकृति हो या पहले से गठिया या जकड़न की समस्या हो। अगर आपकी पाचन शक्ति तेज है और आपको कोई खास समस्या नहीं है तो सीमित मात्रा में दही का सेवन दिन के समय करना फायदेमंद हो सकता है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार रात के समय दही का सेवन करने से बचना चाहिए।
Image Credit: Freepik

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Mar 04, 2026 09:19 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Mar 04, 2026 09:19 IST

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    Published By : Katyayani Tiwari
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