सुबह उठते ही घुटनों में अकड़न, चलने पर कमर में दर्द या थोड़ी देर बैठने के बाद जोड़ों का जकड़ जाना, ऐसी समस्याएं आज किसी एक एज ग्रुप तक सीमित नहीं रह गई हैं। बदलती लाइफस्टाइल, लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप पर काम, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और गलत खानपान ने जोड़ों के दर्द को आम परेशानी बना दिया है। हैरानी की बात यह है कि जो दर्द पहले सिर्फ बुजुर्गों से जुड़ा माना जाता था, अब वही परेशानी 30-40 की उम्र में भी देखने को मिल रही है। ऐसे में जब दर्द बार-बार परेशान करने लगता है, तो लोग पेनकिलर और दवाओं का सहारा लेने लगते हैं लेकिन दवाओं से मिलने वाली राहत अक्सर अस्थायी होती है और लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से शरीर पर साइड इफेक्ट का खतरा भी बना रहता है। यही वजह है कि आजकल लोग प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में सबसे ज्यादा चर्चा गुनगुना पानी पीने की होती है। अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से शरीर के कई दर्द अपने आप कम होने लगते हैं। इस लेख में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानिए, क्या गुनगुना पानी पीने से जोड़ों का दर्द कम होता है?
क्या गुनगुना पानी पीने से जोड़ों का दर्द कम होता है?
डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार, जोड़ों के दर्द का मुख्य कारण वात दोष का बढ़ना होता है। वात दोष शरीर में सूखापन, जकड़न और दर्द पैदा करता है। आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि जब शरीर में वात असंतुलित होता है, तो जोड़ों में चिकनाई कम हो जाती है, जिससे चलने-फिरने में दर्द और अकड़न महसूस होती है। इसके अलावा कमजोर पाचन शक्ति (मंद अग्नि) के कारण शरीर में आम (toxins) जमा हो जाते हैं, जो जोड़ों तक पहुंचकर सूजन और दर्द बढ़ा देते हैं।
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- आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा के अनुसार, गुनगुना पानी वात दोष को शांत करने में सहायक हो सकता है।
- यह शरीर में गर्माहट बनाए रखता है, जिससे जोड़ों की जकड़न धीरे-धीरे कम होने लगती है।
- गुनगुना पानी पीने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे जोड़ों तक पोषक तत्वों की आपूर्ति ठीक से हो पाती है।
- साथ ही यह शरीर में जमा आम को बाहर निकालने में मदद करता है, जो जोड़ों के दर्द का एक बड़ा कारण माना जाता है।
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने के फायदे
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना आयुर्वेद में बेहद लाभकारी माना गया है। आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि इससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा नहीं होते और जोड़ों में सूजन की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा नियमित रूप से सुबह गुनगुना पानी पीने से शरीर की अकड़न कम होती है और चलने-फिरने में आसानी महसूस होती है, खासकर उन लोगों को जो सुबह उठते ही जोड़ों में दर्द महसूस करते हैं।
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डॉक्टर की सलाह
यह समझना जरूरी है कि गुनगुना पानी कोई चमत्कारी इलाज नहीं है। आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा के अनुसार, गुनगुना पानी जोड़ों के दर्द में सहायक जरूर है, लेकिन यह अकेले पर्याप्त नहीं होता। इसके साथ संतुलित आहार, नियमित योग और हल्की एक्सरसाइज भी जरूरी है। वात को संतुलित रखने के लिए तैलीय और गर्म प्रकृति वाले फूड्स जैसे घी, सूप और हल्दी वाला दूध फायदेमंद माने जाते हैं। साथ ही ठंडी चीजों और देर रात तक जागने से बचना भी जरूरी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहा जाए तो गुनगुना पानी पीना जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है, खासकर अगर दर्द, वात दोष और पाचन से जुड़ा हो। हालांकि, इसे संपूर्ण इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बेहतर रिजल्ट के लिए इसे सही खान-पान, योग और आयुर्वेदिक लाइफस्टाइल के साथ अपनाना जरूरी है। अगर जोड़ों का दर्द लंबे समय से बना हुआ है या बढ़ता जा रहा है, तो एक्सपर्ट की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प होगा।
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FAQ
क्या कम उम्र में भी जोड़ों का दर्द हो सकता है?
आजकल 20-30 साल की उम्र में भी जोड़ों का दर्द आम हो गया है। इसका कारण फिजिकल एक्टिविटी की कमी, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करना, तनाव और अनहेल्दी डाइट हो सकता है।सुबह जोड़ों में ज्यादा दर्द क्यों होता है?
रात में शरीर लंबे समय तक निष्क्रिय रहता है, जिससे जोड़ों में जकड़न बढ़ जाती है। खासकर वात दोष से जुड़ी समस्या में सुबह उठते समय अकड़न और दर्द ज्यादा महसूस होता है।जोड़ों का दर्द होने के मुख्य कारण क्या हैं?
जोड़ों का दर्द उम्र बढ़ने, अर्थराइटिस, चोट, मोटापा, लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठने, कैल्शियम की कमी और वात दोष के असंतुलन के कारण हो सकता है। खराब पाचन और शरीर में टॉक्सिन्स का जमाव भी इसका एक कारण माना जाता है।
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Feb 02, 2026 08:03 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Feb 02, 2026 08:03 IST
Modified By : Akanksha TiwariFeb 02, 2026 08:03 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma