घास पर नंगे पैर चलना, जिसे अर्थिंग या ग्राउंडिंग भी कहा जाता है, लोगों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। सुबह के समय ओस से भीगी घास पर नंगे पैर चलना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि घास पर नंगे पैर चलने से न सिर्फ मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि नर्वस सिस्टम को शांत करके ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है। यही कारण है कि यह हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार हो सकता है।
घास पर चलने से क्या वाकई ब्लड प्रेशर कम होता है?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि घास पर नंगे पैर चलने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह ब्लड प्रेशर की दवा का पूरी तरह विकल्प नहीं होता है। नंगे पैर घास पर चलने की इस प्रक्रिया को ग्राउंडिंग या अर्थिंग कहा जाता है। घास पर नंगे पैर चलने पर आपके शरीर में ये बदलाव होते हैं, जो आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और स्वस्थ रहने में मदद कर सकता है-
1. तनाव के हार्मोन में कमी
हाई ब्लड प्रेशर का एक सबसे बड़ा कारण स्ट्रेस होता है। जब आप नंगे पैर सुबह-सुबह घास पर टहलते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल तेजी से गिरने लगता है। नेचर के संपर्क में आने से हमारा दिमाग शांत होता है, जिससे नर्वस सिस्टम कम एक्टिव हो जाता है। जब तनाव कम होता है तो ब्लड वेसल्स फैलती हैं और ब्लड प्रेशर नेचुरल तरीके से कम होता है।
2. पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम का एक्टिव होना
हमारा नर्वस सिस्टम दो हिस्सों में बंटा होता है, सिम्पेथेटिक (जो शरीर को फाइट या फ्लाइट मोड में रखता है और बीपी बढ़ाता है) और पैरासिम्पेथेटिक (जो शरीर को रेस्ट और डायजेस्ट मोड में लाता है और बीपी घटाता है)। घास पर मौजूद ओस के संपर्क में आने और पैरों के तलवों की हल्की मालिश जैसा महसूस होता है, जिससे पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है। इससे दिल की धड़कन नॉर्मल होती है और सिस्टोलिक व डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर दोनों में सुधार देखा जाता है।
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3. नेचुरल रिफ्लेक्सोलॉजी
हमारे पैरों के तलवों में मौजूद नर्व एंड और प्रेशर पॉइंट्स होते हैं। जब आप घास पर चलते हैं, तो तलवों के इन पॉइंट्स पर हल्का प्रेशर पड़ता है। यह एक तरफ की नेचुरल एक्यूप्रेशर थेरेपी की तरह काम करता है, जिसस पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और नसों का खिंचाव दूर होता है।
साल 2015 में International Journal of Medical Research and Review में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नंगे पैर घास पर चलने से प्रीहाइपरटेंशन वाले व्यक्तियों में ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिल सकती है। 1 घंटे तक नंगे पैर चलने से सिस्टोलिक, डायस्टोलिक और मीन ब्लड प्रेशर में कमी देखी गई है।
ब्लड प्रेशर की समस्या में घास पर चलने के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि घास पर चलना सेहत के लिए और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए बेहतर विकल्प है, लेकिन घास पर चलने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है-
- दवाइयां कभी बंद न करें- अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और डॉक्टर ने आपको एंटी-हाइपरटेंसिव दवाएं लेने की सलाह दी है तो घास पर चलने के फायदों को जानने के बाद खुद से दवा लेना बंद न करें। अचानक दवा लेना बंद करने से ब्लड प्रेशर स्पाइक हो सकता है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
- डायबिटीज के मरीज खास ध्यान दें- अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर के साथ-साथ डायबिटीज भी है तो नंगे पैर चलने से पहले घास को चेक करना जरूरी है। पैर में कोई कट, कांटा, कीड़ा या कांच नहीं लगना चाहिए। डायबिटीक न्यूरोपैथी के मरीजों में घाव जल्दी नहीं भरते हैं।
- सफाई और मौसम का ध्यान रखें- हमेशा साफ, सुरक्षित और केमिकल फ्री पार्क या बगीचे की घास पर ही चलने की कोशिश करें।
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हाई बीपी के मरीज इन बातों का ध्यान रखें
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आप अपने ब्लड प्रेशर को पूरी तरह से कंट्रोल और संतुलित रखना चाहते हैं तो सिर्फ घास पर चलने तक सीमित न रहें। बल्कि इन बातों का भी ध्यान रखें-
- सुबह 20-30 मिनट टहलें- सुबह की ताजी हवा और हरी घास पर 20 से 30 मिनट की वॉक को अपनी रूटीन का हिस्सा बनाएं।
- नमक का सेवन सीमित करें- रोजाना की डाइट में सोडियम की मात्रा 5 ग्राम से कम रखें। पैक्ड और जंक फूड से बचें।
- पोटेशियम और फाइबर से भरपूर डाइट- ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, नारियल पानी और बीन्स को अपने खाने में शामिल करें।
- अच्छी नींद लें- रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें और 10 से 15 मिनट अनुलोम-विलोम व भ्रामरी प्राणायाम करें।
- बीपी मॉनिटरिंग- हफ्ते में कम से कम दो बार अपने ब्लड प्रेशर का रिकॉर्ड रखें और अपने डॉक्टर से कंसल्ट करते रहें।
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निष्कर्ष
सुबह-सुबह हरी घास पर नंगे पैर चलना आपकी लाइफस्टाइल, दिमागी शांति और कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह आपके तनाव को कम करके और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।
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FAQ
घास पर चलने का सही तरीका क्या है?
सुबह के समय ओस से भीगी हरी घास पर रोजाना 15 से 20 मिनट तक धीरे-धीरे और आराम से नंगे पैर टहलें। टहलते समय अपना पूरा ध्यान नेचर पर रखें और घास की साफ-सफाई का ध्यान रखें।नंगे पैर घास पर चलने से क्या होता है?
नंगे पैर घास पर चलने से मानसिक तनाव कम होता है, शरीर का ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और नर्वस सिस्टम शांत होता है। इसके अलावा, आंखों की सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
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Oct 17, 2026 11:23 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
