लोग अक्सर हार्ट हेल्थ की चिंता 40 या 50 की उम्र के बाद करना शुरू करते हैं, लेकिन हार्ट से जुड़े कई जोखिम लंबे समय तक बिना खास लक्षण के बढ़ सकते हैं। 30 की उम्र के आस-पास अपने कुछ जरूरी हेल्थ नंबरों पर नजर रखना इसलिए फायदेमंद हो सकता है। गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल के अनुसार, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, LDL कोलेस्ट्रॉल, BMI और रेस्टिंग हार्ट रेट जैसे आंकड़े आपकी मौजूदा सेहत की एक तस्वीर दे सकते हैं। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार, इन नंबरों को जानना और समय-समय पर जांच कराना हार्ट हेल्थ की निगरानी के लिए अच्छा होता है।
30 की उम्र में हार्ट हेल्थ के लिए कौन-से नंबर जानें?
कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास गोयल के अनुसार, 30 की उम्र के आस-पास इन हेल्थ पैरामीटर्स की जानकारी होने से व्यक्ति अपनी हार्ट हेल्थ को लेकर ज्यादा जागरुक रह सकता है। खासकर अगर परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक या कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्या का इतिहास रहा हो, तो अपने जोखिम कारकों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
1. ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?
कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास गोयल बताते हैं कि ब्लड प्रेशर दिल और ब्लड वैसेल्स की सेहत से जुड़ा जरूरी संकेतक है। सामान्य तौर पर वयस्कों में 120/80 mmHg से कम ब्लड प्रेशर को सामान्य माना जाता है। वहीं, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हार्ट और ब्लड वैसेल्स पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। हालांकि, एक बार की रीडिंग के आधार पर हाई ब्लड प्रेशर का निष्कर्ष नहीं निकाला जाता। अलग-अलग दिनों में सही तरीके से ली गई रीडिंग और डॉक्टर का चेकअप जरूरी होता है।
2. ब्लड शुगर पर भी रखें नजर
ब्लड शुगर बढ़ना केवल डायबिटीज से जुड़ा नहीं है, बल्कि लंबे समय में यह हार्ट डिजीज के जोखिम को भी प्रभावित कर सकता है। 30 की उम्र के आस-पास खासकर उन लोगों को अपनी शुगर की जांच के बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए, जिनका वजन ज्यादा है, परिवार में डायबिटीज का इतिहास है या पहले से ब्लड शुगर बढ़ा हुआ रहा है। फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और HbA1c जैसी जांचों से ब्लड शुगर की स्थिति का आकलन किया जा सकता है। हेल्दी व्यक्ति में ब्लड शुगर का लेवल खाली पेट 70 से 99 mg/dL और खाना खाने के 2 घंटे बाद 140 mg/dL से कम होना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: कम उम्र में बढ़ रहा हार्ट की बीमारी का खतरा? डॉक्टर की बताई इन 7 रोजमर्रा की आदतों पर दें ध्यान
साल 2024 में CDC में प्रकाशित जानकारी के अनुसार,
- ब्लड शुगर का सही लक्ष्य वह दायरा है जिसे आपको ज्यादा से ज्यादा समय तक बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।
- आमतौर पर, भोजन से पहले ब्लड शुगर का स्तर 80 से 130 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) के बीच होना चाहिए, जबकि खाना शुरू करने के दो घंटे बाद यह 180 mg/dL से कम होना चाहिए।
- हालांकि, यह ब्लड शुगर टारगेट हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। यह आपकी उम्र, अन्य स्वास्थ्य समस्याओं और कई अन्य व्यक्तिगत कारकों पर निर्भर करता है।
- इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी मेडिकल टीम या डॉक्टर से बात करके यह तय करें कि आपके शरीर के लिए कौन सा शुगर टारगेट सबसे अच्छा और सुरक्षित है।
- अपने डॉक्टर की सलाह के बिना इसमें कोई भी बदलाव न करें और नियमित रूप से अपनी जांच करवाते रहें।
3. LDL कोलेस्ट्रॉल का लेवल
कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास गोयल के अनुसार, LDL कोलेस्ट्रॉल को आमतौर पर 'खराब' कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। इसका लेवल बढ़ने पर धमनियों में प्लाक जमा होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए केवल कुल कोलेस्ट्रॉल देखकर हार्ट हेल्थ का अंदाजा लगाना पर्याप्त नहीं है। आपका LDL लेवल आपकी हेल्थ कंडीशन, परिवार के इतिहास और अन्य जोखिम कारकों के आधार पर अलग हो सकता है। इसलिए रिपोर्ट में LDL की वैल्यू देखकर खुद से दवा शुरू करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
important heart health numbers
इसे भी पढ़ें: ट्राइग्लिसराइड्स कम करने में मदद करेंगे ये 5 फूड्स, खुद एक्सपर्ट से बताया इन्हें हार्ट के लिए हेल्दी
4. BMI सही रखें
BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स का इस्तेमाल शरीर के वजन को लंबाई के संदर्भ में समझने के लिए किया जाता है। वयस्कों में 18.5 से 24.9 का BMI सामान्य वजन की कैटेगरी माना जाता है। 25 या उससे ज्यादा BMI को ओवरवेट और 30 या उससे ज्यादा को मोटापे की कैटेगरी में रखा जाता है।
5. Resting Heart Rate भी रखें ट्रैक
कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास गोयल बताते हैं कि रेस्टिंग हार्ट रेट यानी आराम की स्थिति में दिल की धड़कनों की संख्या भी एक उपयोगी हेल्थ नंबर है। ज्यादातर वयस्कों में आराम के समय 60 से 100 बीट प्रति मिनट की हार्ट रेट नॉर्मल मानी जाती है। हालांकि, उम्र, फिटनेस, दवाओं और अन्य स्थितियों के कारण यह अलग हो सकती है। अगर आराम की स्थिति में हार्ट रेट लगातार बहुत ज्यादा या बहुत कम रहती है या इसके साथ चक्कर, सांस फूलना या सीने में परेशानी जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह
कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विकास गोयल सलाह देते हैं कि अगर परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक या हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा है, तो 30 की उम्र के आस-पास इन हेल्थ नंबरों पर ध्यान देना और भी जरूरी हो सकता है। कुछ आनुवंशिक स्थितियां कम उम्र में LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकती हैं। ऐसे मामलों में केवल उम्र देखकर जांच को टालना सही नहीं है। परिवार के इतिहास के बारे में डॉक्टर को जानकारी देना जरूरी है ताकि वह आपके लिए सही चेकअप की सलाह दे सके।
निष्कर्ष
30 की उम्र के आसपास हार्ट हेल्थ पर ध्यान देने के लिए ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, LDL कोलेस्ट्रॉल, BMI और Resting Heart Rate जैसे नंबरों को जानना उपयोगी हो सकता है। इन आंकड़ों में बदलाव का मतलब हमेशा बीमारी होना नहीं है, लेकिन लगातार असामान्य रीडिंग को नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। खासकर परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास होने पर नियमित हेल्थ चेकअप और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या कम उम्र में भी LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है?
LDL कोलेस्ट्रॉल कम उम्र में भी बढ़ सकता है। खान-पान, वजन, कुछ हेल्थ कंडीशन और आनुवंशिक कारण इसमें भूमिका निभा सकते हैं।क्या स्मार्टवॉच का Resting Heart Rate सही होता है?
स्मार्टवॉच से मिलने वाली रीडिंग ट्रेंड पर नजर रखने में फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इसे मेडिकल जांच का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 30, 2026 17:17 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Vikash Goyal
