Wed Sep 30, 2026 | 06:37 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

International Day of Older Persons: अकेलापन बुजुर्गों की फिजिकल हेल्थ पर कैसे डालता है असर? जानें 5 परेशानियां

बुजुर्गों को अकेलापन होने से मानसिक परेशानियां ही नहीं होती, बल्कि इससे फिजिकल दिक्कतें भी होने लगती हैं। कई बार बुजुर्गों को हार्ट से जुड़ी समस्याएं या फिर इम्यूनिटी की दिक्कत हो सकती है। इस लेख में बुजुर्गों को होने वाली ऐसी 5 दिक्कतों के बारे में डॉक्टर ने विस्तार से समझाया है।
International Day of Older Persons: अकेलापन बुजुर्गों की फिजिकल हेल्थ पर कैसे डालता है असर? जानें 5 परेशानियांInternational Day of Older Persons: अकेलापन बुजुर्गों की फिजिकल हेल्थ पर कैसे डालता है असर? जानें 5 परेशानियां

बुजुर्गों में अकेलापन फिजिकल हेल्थ से जुड़ी कई बीमारियां होने का रिस्क हो सकता है। आमतौर पर अकेलेपन को सिर्फ मेंटल हेल्थ से जोड़कर देखा जाता है और फिजिकल हेल्थ में होने वाली दिक्कतों को उम्र से जोड़ दिया जाता है, लेकिन कई बार डिप्रेशन या अकेलेपन के कारण बुजुर्गों की शारीरिक सेहत भी प्रभावित होने लगती है। International Day of Older Persons 2026 के मौके पर Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Multispeciality Hospital, Delhi कहती हैं कि लंबे समय तक अकेलेपन के कारण कई बार बुजुर्गों की शारीरिक समस्याएं सीधे तौर पर सामने आती हैं, जबकि कुछ का असर धीरे-धीरे दिखाई देता है।

बुजुर्गों को अकेलेपन से होने वाली 5 शारीरिक बीमारियां

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 16% लोग अकेलेपन से गुजर रहे हैं। इसका मतलब है कि 6 में से एक व्यक्ति अकेलेपन का सामना कर रहा है। इसमें से करीब 11.8% बुजुर्ग लोग शामिल है। अकेलेपन के कारण शारीरिक और मानसिक सेहत प्रभावित हो सकती है।

Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “जब कोई बुजुर्ग लंबे समय तक अकेलापन महसूस करता है, तो स्ट्रेस हार्मोन लगातार एक्टिव रहते हैं। इसके अलावा, अकेले रहने वाले बुजुर्ग कई बार अपनी रूटीन लाइफ जैसे खान-पान, एक्सरसाइज या समय पर चेकअप कराने से बचते हैं। इससे कई बार बुजुर्गों को फिजिकल समस्याएं भी हो सकती हैं।

1. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि जो बुजुर्ग लंबे समय तक स्ट्रेस या एंग्जायटी में रहते हैं, उनके ब्लड प्रेशर पर इसका असर पड़ सकता है। अगर किसी बुजुर्ग का ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ आ रहा है और इसे मैनेज करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इस उम्र में शरीर की नसें कमजोर हो सकती है और लगातार बढ़ा हुआ बीपी हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है।

2. हार्ट हेल्थ पर असर

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “अकेलापन और दोस्तों से दूरी को हार्ट हेल्थ से भी जोड़ा जाता है। जो बुजुर्ग लंबे समय तक अकेले रहते हैं, वे फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैं, नींद खराब होती है और दूसरी लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों में बदलाव देखने को मिल जाते हैं। इसके अलावा, स्ट्रेस के कारण भी हार्ट पर असर पड़ सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि स्ट्रेस के कारण ही हार्ट की समस्याएं हो सकती है, इसका कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।”

3. इम्यूनिटी कमजोर होना

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “अकेलेपन का असर इम्यून सिस्टम पर भी पड़ सकता है। जो बुजुर्ग लंबे समय तक स्ट्रेस में रहते हैं, उनके इम्यून रिस्पांस में बदलाव देखे गए हैं। इसका मतलब यह है कि उनका शरीर इंफेक्शन से लड़ने में उतना प्रभावी नहीं है।”

NIA के मुताबिक, बुजुर्गों में जब स्ट्रेस एक्टिव रहता है, तो इससे क्रोनिक इंफ्लेमेशन का रिस्क हो सकता है और यह लंबे समय तक रहने पर टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकता है। यह कमजोर इम्यून सिस्टम का कारण बन सकता है।

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4. नींद खराब होना

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि अकेलेपन के कारण बुजुर्गों की नींद पूरी नहीं हो पाती। कई बुजुर्गों की रात में बार-बार नींद खुल सकती है या फिर देर तक नींद ही नहीं आती। ऐसी कंडीशन होने पर इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है। पर्याप्त नींद न लेने से हार्ट और शरीर की नसें कमजोर हो सकती है। इसलिए नींद पूरी न होना भी बुजुर्गों को नुकसान पहुंचा सकती है।

5. बैलेंस से जुड़ी दिक्कतें 

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा, “मैंने कई बुजुर्गों को देखा है, जो फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैं या फिर बाहर निकलना नहीं चाहते। इससे शरीर एक्टिव नहीं रहता और शरीर की मांसपेशियों की ताकत कम होने लगती है। इससे बुजुर्गों को चलने-फिरने में परेशानी, कमजोरी और बैलेंस से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इससे आगे चलकर गिरने का रिस्क भी बढ़ सकता है। लगातार बैठे रहने से बुजुर्गों के पैरों में सूजन बढ़ सकती है।”

बुजुर्गों के लक्षणों पर रखें नजर

Dr. Vineeta Singh Tandon ने सलाह दी कि अगर बुजुर्गों में अचानक ये बदलाव दिखने लगे, तो ध्यान देना बहुत जरूरी है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

  • बुजुर्गों का लोगों से मिलना-जुलना काफी कम करना
  • ज्यादातर समय घर में अकेले रहना
  • लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना
  • भूख कम लगना या वजन कम होना
  • रात में बार-बार उठना
  • पहले के मुकाबले फिजिकल एक्टिविटीज कम करना

निष्कर्ष
Dr. Vineeta Singh Tandon सलाह देती हैं कि बुजुर्गों के साथ कुछ समय बिताना चाहिए और उन्हें थोड़ी फिजिकल एक्टिविटी करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इसके साथ बुजुर्गों की दवा और डाइट पर भी ध्यान देना चाहिए। बुजुर्गों के अकेलेपन को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और उनका रेगुलर चेकअप जरूर कराना चाहिए।

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FAQ

  • क्या अकेले रहने वाले बुजुर्गों में पुराना दर्द ज्यादा तेजी से महसूस होता है?

    अकेलापन और डिप्रेशन दिमाग के पेन रिसेप्टर्स को ज्यादा सेंसिटिव बना देते हैं। इससे गठिया, पीठ दर्द या नसों का पुराना दर्द पहले से ज्यादा तेज और असहनीय महसूस होता है।
  • अकेलेपन की वजह से बुजुर्गों के खान-पान और दवाइयों के नियम पर क्या असर पड़ता है?

    अकेले रहने पर बुजुर्ग अक्सर समय पर दवाइयां लेना भूल जाते हैं या जानबूझकर छोड़ देते हैं। साथ ही, संतुलित भोजन न बनाने या न खाने से डायबिटीज और हाई बीपी जैसी पुरानी बीमारियां मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 30, 2026 17:13 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon