Mon Sep 28, 2026 | 08:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Ujjawal Kumar , Senior Consultant - Cardiology at the Sarvodaya Hospital, Faridabad

कम उम्र में बढ़ रहा हार्ट की बीमारी का खतरा? डॉक्टर की बताई इन 7 रोजमर्रा की आदतों पर दें ध्यान

कम उम्र में दिल की बीमारी का खतरा बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जैसे ओवर एक्सरसाइज करना, वेट लाॅस के लिए क्रैश डाइटिंग करना और रोज देर रात जगे रहना। इन आदतों में सुधार करके आप कम उम्र में दिल की बीमारी के जोखिम को कम कर सकते हैं।
कम उम्र में बढ़ रहा हार्ट की बीमारी का खतरा? डॉक्टर की बताई इन 7 रोजमर्रा की आदतों पर दें ध्यानकम उम्र में बढ़ रहा हार्ट की बीमारी का खतरा? डॉक्टर की बताई इन 7 रोजमर्रा की आदतों पर दें ध्यान

हाल के सालों में हमने देखा है कि कम उम्र के युवाओं में हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी बीमारी का जोखिम बढ़ा है। हैरानी की बात यह है कि ये युवा नियमित रूप से वर्कआउट करते हैं और सही डाइट फाॅलो करते हैं। इसके बावजूद, उन्हें हृदय संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों है? इसका मुख्य कारण कुछ ऐसी आदतें हैं, जो स्वस्थ लगती हैं, लेकिन हार्ट को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इस लेख में हम इन्हीं बुरी आदतों का जिक्र कर रहे हैं। World Heart Day 2026 के मौके पर Dr. Ujjawal Kumar, Senior Consultant - Cardiology, Sarvodaya Hospital, Faridabad से जानें इनके बारे में।

युवाओं में दिल को कमजोर करनी वाली बुरी आदतें- Unhealthy Habits That Affect Heart

risk of heart disease at young agerisk of heart disease at young age

1. क्रैश डाइटिंग करना

हाल के दिनों में फिगर मेंटेन करने की चाह युवाओं में काफी ज्यादा बढ़ी है। ऐसे में वे न सिर्फ ओवर एक्सरसाइज करने लगते हैं, बल्कि क्रैश डाइटिंग भी करते हैं। Indian Journal of Medical Research में प्रकाशित एक रिव्यू आर्टिकल से भी इस बात की पुष्टि होती है कि क्रैश डाइट करने से शुरुआती दिनों में भले ही वजन कम होता है, लेकिन इसका मेटाबॉलिज्म और दिल की धमनियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। 

रिपोर्ट में निष्कर्ष के तौर पर सलाह दी गई है कि कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से बचने के लिए संतुलित पोषण, जिसमें सही मात्रा में फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स शामिल होने चाहिए।

2. ओवर एक्सरसाइज करना

कम उम्र में हार्ट की बीमारी का खतरा कम करने के लिए लोग एक्सरसाइज करते हैं। यह अच्छी बात भी है। इससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और शरीर के ऑर्गन पर भी इसका पॉजिटिव असर पड़ता है। लेकिन ओवर एक्सरसाइज आपके स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। खासकर, हृदय स्वास्थ्य के लिए यह सही नहीं है। Cleveland Clinic की मानें, तो ओवर एक्सरसाइज करने से दिल की धड़कन से जुड़े विकारों यानी रिदम डिसऑर्डर का रिस्क बढ़ता है। इसके अलावा, जिन लोगों में आनुवंशिक जोखिम कारक हैं, वे इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

इसे भी पढ़ें: युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ रहा है? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें 5 कारण

3. ओरल हाइजीन का ध्यान न रखना

आमतौर पर जब भी हम आदतों की बात करते हैं, तो शायद ही ओरल हाइजीन पर बात करते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ओरल हाइजीन भी हार्ट हेल्थ से संबंधित होती है। European Heart Journal में प्रकाशित एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक रिसर्च स्टडी के अनुसार, दिन में बार-बार ब्रश करना और नियमित रूप से डेंटिस्ट से दांतों की पेशेवर सफाई करवाने से हृदय रोगों (जैसे- हार्ट अटैक, स्ट्रोक आदि) के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

4. अच्छी नींद न लेना

देर रात तक जगे रहना और मोबाइल पर अपना अधिकतर समय बिताना। इस तरह की आदतें लोगों को न सिर्फ बीमार करती हैं, बल्कि हार्ट हेल्थ को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। Biomedical Reports जर्नल में प्रकाशित एक सिस्टमैटिक रिव्यू के अनुसार, अच्छी और गहरी नींद न लेना, 6 घंटे या उससे कम समय के लिए नींद लेना, नींद में बार-बार बाधा आना सीधे तौर पर हृदय रोगों जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज के जोखिम बढ़ाता है। हार्ट हेल्थ में सुधार के लिए बहुत जरूरी है कि आप रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।

5. वेपिंग करना

Dr. Ujjawal Kumar के अनुसार, "वेपिंग या स्मोकिंग अपने आप में बहुत बुरी आदतें हैं। तंबाकू या ई-सिगरेट यानी वेपिंग का इस्तेमाल करने से ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है और उनमें तेजी से प्लाक जमने लगता है। अगर कोई स्मोकिंग नहीं करता है या फिर पैसिव स्मोकिंग करता है तो इसकी वजह से भी शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। नतीजतन, हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।"

6. मेडिकल हिस्ट्री को इग्नोर करना

स्वस्थ जीवन जीने के लिए हमें मेडिकल हिस्ट्री का पता होना बहुत जरूरी है। लेकिन, युवा इस तथ्य को लेकर शायद ही कभी गंभीर नजर आते हैं। यह एक आदत उन्हें स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह साबित करती है। विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि युवा अक्सर यह मान लेते हैं कि कम उम्र में आनुवंशिक बीमारियां नहीं हो सकती हैं। यह सोच पूरी तरह गलत है। यदि परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल या कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास रहा है, तो समय पर शुरुआती जांच बहुत जरूरी होती है।

इसे भी पढ़ें- हार्ट अटैक का खतरा किन लोगों में सबसे ज्यादा होता है? समय रहते पहचानें चेतावनी के ये संकेत

7. शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना

Dr. Ujjawal Kumar कहते हैं, "कई बार सीने में दर्द, सीने में भारीपन होना, सांस लेने में तकलीफ और दिल का तेजी से धड़कना, ऐसे लक्षणों को युवा नजरअंदाज कर बैठते हैं। उन्हें लगता है कि मामूली सी थकान, एसिडिटी या अधिक शारीरिक गतिविधि के कारण ऐसा हो रहा है।" Dr. Ujjawal Kumar आगे बताते हैं कि अक्सर युवा इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। आपकी यह आदत भी आपके हार्ट हेल्थ को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। बेहतर है इसमें सुधार करें।

कम उम्र में हार्ट अटैक के कारण- Young Age Heart Disease Causes

ऊपर बताई गई आदतें ही सिर्फ हार्ट हेल्थ के जोखिम को नहीं बढ़ाती हैं। इसके अलावा, कई जीवनशैली से जुड़ी रोजमर्रा की आदतें, जैसे नियमित रूप से वर्कआउट न करना, स्मोकिंग या नशीले पदार्थों का सेवन करना, रोजाना अच्छी नींद न लेना, तनाव को मैनेज न करना भी हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचाती हैं। इन्हें आप मैनेज करके और खान-पान की सही आदतें अपनाकर हार्ट हेल्थ में सुधार कर सकते हैं।

निष्कर्ष

कई आदतें भले ही रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा न हों, फिर वे आपके हार्ट को भारी नुकसान पहुंचाती हैं। इसमें रेगुलर चेकअप न करवाना, ओरल हाइजीन का ध्यान न रखना, रोज अच्छी नींद न लेना। ये ऐसी आदतें हैं, जिनमें सुधार करके आप न सिर्फ हृदय स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं, बल्कि संपूर्ण सेहत बेहतर होती है। हां, अगर हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी समस्या हो, तो अच्छा होगा कि आप समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • सप्लीमेंट्स या प्री-वर्कआउट ड्रिंक्स में मौजूद अत्यधिक कैफीन दिल पर क्या असर डालते हैं?

    प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स में काफी ज्यादा मात्रा में कैफीन होता है। अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है। यह स्थिति सही नहीं है। इसकी वजह से वर्कआउट के दौरान दिल का दौरा पड़ने की रिस्क बढ़ जाता है।
  • क्या कम उम्र में सीने में होने वाली हर चुभन या दर्द को हार्ट अटैक से जोड़कर देखना सही है?

    नहीं, युवाओं में सीने में होने वाला हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता। यह एसिडिटी, गैस, मांसपेशियों में खिंचाव जैसी अन्य समस्यों के कारण हो सकता है।

Read Next

→ कुत्ता काट ले तो तुरंत क्या करें? जानें डॉक्टर की जरूरी सलाह

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 28, 2026 19:30 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Ujjawal Kumar