Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

Heart Health Alert: 30+ उम्र में दिल पर पड़ सकती हैं ये 5 गलत आदतें, तुरंत बदलें

30 की उम्र के बाद कई ऐसी आदतें हैं जो हार्ट की सेहत को खराब कर सकती हैं, जैसे एल्‍कोहल या धूम्रपान का सेवन करना। आइए जानते हैं ऐसी 5 गलत आदतों के बारे में।

30 की उम्र के बाद अन‍ियम‍ित लाइफस्टाइल, देर रात जागना, ब‍िना सोचे-समझे खाने से हार्ट पर दबाव पड़ता है और हार्ट की समस्‍याएं (Heart Problems) हो सकती हैं। 30 की उम्र के बाद कई गलत आदतें, सेहत को खराब कर सकती हैं। इन गलत आदतों का सीधा असर द‍िल की धड़कन, ब्‍लड प्रेशर, ब्‍लड शुगर पर होता है जो आगे चलकर हार्ट अटैक या कार्ड‍ियोवैस्‍कुलर समस्‍याओं का खतरा बढ़ा देती हैं। इस लेख में जानेंगे ऐसी 5 खराब आदतों के बारे में। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

1. रात को देर से भोजन करना- Eating Late At Night

  • देर से भोजन करने से हार्टबर्न, ब्लड शुगर स्पाइक्स और हाई बीपी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं, जिससे हार्ट पर दबाव पड़ता है।
  • रात को देर से भोजन करेंगे, तो अन‍िद्रा की समस्‍या हो सकती है इससे हार्ट ड‍िजीज का खतरा बढ़ सकता है।

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2. एल्‍कोहल का सेवन करना- Habit Of Consuming Alcohol

  • एल्कोहल का ज्‍यादा सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हार्ट मसल्स कमजोर हो सकती हैं और अनियमित धड़कन का जोखिम बढ़ जाता है।
  • लंबे समय में यह हार्ट फेल और स्ट्रोक की संभावना भी बढ़ा देता है।

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3. धूम्रपान करना- Habit Of Smoking

  • स्मोकिंग करना हार्ट की सेहत के ल‍िए हान‍िकारक माना जाता है। इससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं और उनमें प्लाक जमने लगता है, जिससे हार्ट तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है।
  • यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्लॉकेज का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

4. बदहजमी- Indigestion

  • लगातार बदहजमी गैस, एसिडिटी और सीने में जलन बढ़ाती है, जो हार्ट पर अत‍िर‍िक्‍त दबाव डालती है।
  • कई बार बदहजमी की वजह से हार्ट अटैक जैसे लक्षण भी छिप जाते हैं इसल‍िए पाचन को अच्‍छा रखना जरूरी है।

5. बड़े मील्‍स खाना- Eating Big Meals

  • बहुत बड़े मील्स ब्लड शुगर, बीपी और हार्ट रेट अचानक बढ़ा देते हैं, जिससे हार्ट पर ज्यादा लोड पड़ता है।
  • यह भारीपन और सांस फूलने जैसी समस्याएं भी ट्रिगर कर सकता है।

हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए क्‍या करें?- How To Keep Heart Healthy

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हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए इन ट‍िप्‍स को फॉलो करें-

  • Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए क‍िचन या गार्डन में मौजूद नेचुरल हर्ब्स को डाइट में शाम‍िल करें, जैसे- छोटी इलायची, अर्जुन की छाल, दालचीनी, दशमूल वगैरह। इन हर्ब्स का सेवन करने से हार्ट ब्‍लॉकेज से बचाव होता है।
  • रोज कम से कम 20 म‍िनट एक्‍सरसाइज करें।
  • द‍िनभर में 2 से 3 हेल्‍दी मील्‍स लें।
  • एल्‍कोहल से बचें और अगर इसका सेवन क‍िया है, तो मांसाहारी भोजन न करें, यह हार्ट के ल‍िए नुकसानदायक होता है।
  • सूर्यास्‍त के बाद भोजन न करें, रात का भोजन 5 बजे तक खा लें। अगर रात में भूख लगे, तो मखाना खा सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

हार्ट को हेल्‍दी रखना है, तो हैवी मील्‍स, बदहजमी, धूम्रपान, एल्‍कोहल और देर से भोजन करने से बचें। हेल्‍दी डाइट का सेवन करेंगे, तो हार्ट को हेल्‍दी रख सकते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 25, 2025 16:45 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Nov 25, 2025 16:45 IST

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    Published By : Yashaswi Mathur
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