क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आप बहुत ज्यादा तनाव में होते हैं, तो आपकी स्किन की परेशानी भी बढ़ने लगती है? खासकर अगर आपको सोरायसिस है, तो मानसिक तनाव यानी मेंटल स्ट्रेस आपकी बीमारी को और बिगाड़ सकता है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, तनाव सोरायसिस को ट्रिगर करने वाले कारकों में से एक हो सकता है। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर का इम्यून रिएक्शन प्रभावित हो सकता है, जिससे स्किन में सूजन और बीमारी के लक्षण बढ़ने की संभावना रहती है।
क्या तनाव से सोरायसिस बढ़ सकता है?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, ज्यादा मानसिक तनाव लेने से कुछ लोगों में सोरायसिस के लक्षण बढ़ सकते हैं। दरअसल, सोरायसिस एक ऑटोइम्यून और इंफ्लेमेटरी स्किन संबंधी बीमारी है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम स्किन की सेल्स पर जरूरत से ज्यादा रिएक्ट करने लगता है। इसके कारण त्वचा की कोशिकाएं यानी स्किन सेल्स सामान्य से तेजी से बनने लगती हैं और स्किन पर लाल, मोटे और पपड़ीदार पैच दिखाई देने लगते हैं।
डॉक्टर पद्मजा के अनुसार, जब व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन और इम्यून सिस्टम की एक्टिविटीज में बदलाव हो सकता है। इससे शरीर में सूजन बढ़ने की आशंका रहती है, जो सोरायसिस के लक्षणों को बिगाड़ सकती है। ऐसे में पहले से मौजूद दाग ज्यादा लाल, मोटे या खुजली वाले हो सकते हैं। कुछ लोगों में नए पैच भी दिखाई दे सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाना सही है या गलत? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट की राय
साल 2025 में Frontiers in Medicine जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार-
- मानसिक तनाव सोरायसिस की समस्या को शुरू करने और बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाता है।
- तनाव के कारण शरीर में सूजन बढ़ाने वाले तत्व बढ़ते हैं और स्किन की रक्षा करने वाली परत कमजोर हो जाती है, जिससे सोरायसिस के लक्षण और बिगड़ जाते हैं।
- चूंकि तनाव और सोरायसिस का गहरा संबंध है, इसलिए इस बीमारी से निपटने के लिए केवल शारीरिक इलाज ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने वाले उपाय (काउंसलिंग या थेरेपी) करना भी बेहद जरूरी है, जिससे मरीज के जीवन की क्वालिटी में सुधार हो सके।
Does Stress Worsen Psoriasis
सोरायसिस और मेंटल हेल्थ के बीच कनेक्शन
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा बताती हैं कि सोरायसिस और मेंटल हेल्थ का संबंध एकतरफा नहीं, बल्कि दोनों तरफ से काम कर सकता है। यानी तनाव सोरायसिस को बढ़ा सकता है और सोरायसिस की वजह से भी व्यक्ति मानसिक तनाव यानी मेंटल स्ट्रेस का शिकार हो सकता है।
शरीर के दिखाई देने वाले हिस्सों जैसे चेहरे, हाथ, गर्दन और स्कैल्प पर सोरायसिस के दाग होने से व्यक्ति का आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। कई बार लोग दूसरों के सामने जाने, छोटी बाजू के कपड़े पहनने या पार्टीज में शामिल होने से बचने लगते हैं।
इसके अलावा, लगातार खुजली, स्किन में जलन और पपड़ी निकलने की समस्या नींद को प्रभावित कर सकती है। नींद पूरी न होने और बीमारी को लेकर चिंता बढ़ने से मानसिक तनाव और ज्यादा हो सकता है। इस तरह एक साइकिल बन जाती है, जिसमें तनाव बीमारी को बढ़ाता है और बीमारी तनाव को बढ़ाती है।
इसे भी पढ़ें: World Psoriasis Day: सर्दियों में सोरायसिस क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर ने बताए इसके 5 बड़े कारण
सोरायसिस के मरीज तनाव कैसे कम करें?
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा सलाह देती हैं कि सोरायसिस को मैनेज करने के लिए स्किन के इलाज के साथ मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ आदतें मददगार हो सकती हैं-
- रोजाना हल्की वॉक, योग या अपनी क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करने से तनाव कम करने और बेहतर नींद लेने में मदद मिल सकती है।
- रोजाना 7-9 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। सोने और जागने का समय नियमित रखें।
- ध्यान, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और रिलैक्सेशन तकनीकों से मानसिक तनाव को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
- डॉक्टर की सलाह से मॉइश्चराइजर लगाएं और स्किन को ज्यादा खुजलाने या रगड़ने से बचें।
- अगर बीमारी के कारण लगातार चिंता, उदासी या आत्मविश्वास में कमी महसूस हो रही है, तो मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की मदद लें।
निष्कर्ष
ज्यादा तनाव लेने से सोरायसिस के लक्षण बढ़ सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा के मुताबिक, तनाव और सोरायसिस के बीच संबंध को समझना बीमारी को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए जरूरी है। हालांकि, केवल तनाव कम करने से सोरायसिस पूरी तरह ठीक नहीं होता। इसके लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं, स्किन की देखभाल और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना जरूरी है। इसलिए सोरायसिस होने पर अपनी स्किन के साथ-साथ मेंटल हेल्थ का भी ध्यान रखें और लक्षण बढ़ने पर डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या सोरायसिस छूने से दूसरे व्यक्ति को हो सकता है?
नहीं, सोरायसिस संक्रामक बीमारी नहीं है। यह छूने, साथ बैठने, हाथ मिलाने या एक ही बिस्तर पर सोने से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।क्या सोरायसिस में रात को खुजली ज्यादा होती है?
कुछ लोगों को रात में खुजली ज्यादा महसूस हो सकती है। स्किन का रूखापन, गर्मी और पसीना इसके पीछे कारण हो सकते हैं। लगातार खुजली होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Nov 03, 2026 17:37 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Padmaja
