Thu Oct 29, 2026 | 12:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Padmaja , Senior Consultant – Dermatology

World Psoriasis Day: नाखूनों में गड्ढे, मोटापन या रंग बदलना क्या सोरायसिस का संकेत है? जानें कब जांच कराएं

नाखूनों में छोटे गड्ढे पड़ना, मोटापन, रंग बदलना या नाखून का स्किन से अलग होना सोरायसिस समेत कई समस्याओं का संकेत हो सकता है। यहां डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा से जानिए, किन लक्षणों पर ध्यान दें और कब डॉक्टर से जांच कराएं।
World Psoriasis Day: नाखूनों में गड्ढे, मोटापन या रंग बदलना क्या सोरायसिस का संकेत है? जानें कब जांच कराएंWorld Psoriasis Day: नाखूनों में गड्ढे, मोटापन या रंग बदलना क्या सोरायसिस का संकेत है? जानें कब जांच कराएं

नाखूनों में अचानक छोटे-छोटे गड्ढे दिखाई देने लगे हैं? नाखून पहले से ज्यादा मोटे हो रहे हैं या उनका रंग पीला पड़ने लगा है? अक्सर लोग इन बदलावों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि नाखूनों में होने वाले ये बदलाव सोरायसिस से भी जुड़े हो सकते हैं? वर्ल्ड सोरायसिस डे (World Psoriasis Day) के मौके पर यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा बताती हैं कि नाखूनों में गड्ढे पड़ना, मोटापन आना और रंग बदलना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये सोरायसिस का संकेत हो सकता है। हालांकि, केवल नाखूनों में बदलाव देखकर सोरायसिस की पुष्टि नहीं की जा सकती।

नाखूनों में सोरायसिस के संकेत क्या हैं?

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, नाखूनों में छोटे-छोटे गड्ढे दिखना, उनका मोटा होना या रंग बदलना अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार ये बदलाव नाखूनों की चोट, फंगल इंफेक्शन या पोषण की कमी के कारण हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये सोरायसिस का संकेत भी हो सकते हैं। नाखूनों में होने वाले इन बदलावों को समय पर पहचानना जरूरी है, ताकि सही कारण का पता लगाकर उचित इलाज शुरू किया जा सके।

  • नाखूनों की सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे की समस्या को नेल पिटिंग कहा जाता है। इसमें नाखून की चिकनी सतह पर पिन की नोक जैसे छोटे गड्ढे दिखाई देने लगते हैं। ये गड्ढे एक या कई नाखूनों में हो सकते हैं। हालांकि, नाखूनों में ऐसे गड्ढे कुछ अन्य स्किन संबंधी बीमारियों में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए अगर ये लगातार बढ़ रहे हैं या इनके साथ दूसरे लक्षण भी हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।
  • नाखूनों का मोटा होना, पीला पड़ना, नाखून का स्किन से अलग होने लगना नेल सोरायसिस के लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों के नाखूनों पर पीले-लाल धब्बे दिखाई देते हैं, जिसे ऑयल ड्रॉप स्पॉट कहा जाता है।
  • नाखूनों का पीला होना और मोटा होना फंगल इंफेक्शन के कारण भी हो सकता है। बार-बार चोट लगने, नाखूनों की देखभाल में लापरवाही और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी ऐसे बदलाव हो सकते हैं। इसलिए बिना जांच के इसे सोरायसिस या फंगल इंफेक्शन मानकर खुद से दवा लेना सही नहीं है।

साल 2024 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, नेल सोरायसिस का इलाज उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। हल्के मामलों में क्रीम या दवाइयों जैसी टॉपिकल थेरेपी से काम चल जाता है, जबकि गंभीर मामलों में लेजर या अन्य आधुनिक उपचारों की जरूरत पड़ सकती है। इलाज का तरीका चुनते समय मरीज की उम्र, अन्य बीमारियां, जीवन पर पड़ने वाला असर, मरीज की पसंद और खर्च का ध्यान रखा जाता है। सही प्लानिंग और डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को प्रभावी ढंग से कंट्रोल किया जा सकता है।

Warning Signs Of nail PsoriasisWarning Signs Of nail Psoriasis

इसे भी पढ़ें: क्या आपकी भी फटने लगी है नाखूनों के पास की स्किन? डॉक्टर से जानें इसके कारण

नाखूनों में ऐसे लक्षण दिखें तो कब डॉक्टर से मिलें?

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा सलाह देती हैं कि अगर नाखूनों में लगातार गड्ढे बन रहे हैं, उनका रंग या आकार बदल रहा है, नाखून मोटे होकर टूटने लगे हैं या स्किन से अलग हो रहे हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच कराएं। खासकर तब, जब एक से ज्यादा नाखून प्रभावित हों या समस्या धीरे-धीरे बढ़ रही हो। नाखून के आस-पास तेज दर्द, लालिमा, सूजन या पस होने पर भी तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

डॉक्टर नाखूनों की जांच करने के साथ आपकी स्किन लक्षणों के हिस्ट्री और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में पूछ सकते हैं। जरूरत पड़ने पर फंगल इंफेक्शन की पुष्टि के लिए नाखून का नमूना लेकर जांच की जा सकती है। सोरायसिस की पहचान आमतौर पर लक्षणों और चेकअप के आधार पर की जाती है।

इसे भी पढ़ें: Acrylic Nails पहुंचा सकते हैं आपके नाखूनों को नुकसान, फैशन के चक्कर में न करें गलती

नाखून हेल्दी रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

  • डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा सलाह देती हैं कि नाखूनों को साफ रखें।
  • बार-बार पानी या सफाई के केमिकल के संपर्क में आने पर दस्ताने पहनें और नाखूनों के आस-पास की त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगाएं।
  • नाखूनों को कुरेदने से बचें और बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम, एंटीफंगल दवाओं या अन्य उपचारों का इस्तेमाल न करें।

निष्कर्ष

नाखूनों में गड्ढे पड़ना, मोटापन आना या रंग बदलना सोरायसिस के संकेत हो सकते हैं, लेकिन इनके पीछे दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी का निष्कर्ष न निकालें। अगर नाखूनों में बदलाव लंबे समय तक बना रहता है, बढ़ता है या दर्द और सूजन के साथ दिखाई देता है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच कराएं।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या सोरायसिस एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है?

    नहीं, सोरायसिस संक्रामक बीमारी नहीं है। यह छूने, हाथ मिलाने या साथ खाना खाने से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।
  • क्या सोरायसिस के कारण नाखून पूरी तरह खराब हो सकते हैं?

    गंभीर या लंबे समय तक बने रहने वाले मामलों में नाखून काफी प्रभावित हो सकते हैं। समय पर इलाज से लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।

Read Next

→ World Psoriasis Day: क्या सोरायसिस छूने से फैलता है? मरीज के साथ खाना खाने और रहने पर जानें डॉक्टर की राय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 29, 2026 10:40 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Padmaja