Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Rashmi Sharma , Dermatologist

Acrylic Nails पहुंचा सकते हैं आपके नाखूनों को नुकसान, फैशन के चक्कर में न करें गलती

ऐक्रेलिक नेल्स खूबसूरत दिखते हैं, लेकिन इनके लगातार इस्तेमाल से नेचुरल नाखून कमजोर और पतले हो सकते हैं। यहां जानिए ऐक्रेलिक नेल्स के नुकसान क्या हैं।

लंबे और खूबसूरत नाखून आजकल फैशन और ब्यूटी का हिस्सा बन चुके हैं। सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज और इंफ्लुएंसर्स की खूबसूरत नेल डिजाइन्स को देखकर कई महिलाएं ऐक्रेलिक नाखून (Acrylic Nails) लगवाना पसंद करती हैं। ये नाखून हाथों को स्टाइलिश और परफेक्ट लुक देते हैं, साथ ही लंबे समय तक टिके रहते हैं। यही वजह है कि शादी, पार्टी या किसी खास मौके पर महिलाएं ऐक्रेलिक नेल्स करवाना पसंद करती हैं लेकिन ये नाखून कुछ नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। KARA - Dermatology Solutions & Aesthetic Centre की फाउंडर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि शर्मा के अनुसार, Acrylic Nails केवल एक कॉस्मेटिक एन्हांसमेंट हैं, लेकिन इन्हें लगवाने और हटाने की प्रक्रिया नेचुरल नाखूनों को नुकसान पहुंचा सकती है।

ऐक्रेलिक नेल्स के नुकसान क्या हैं?

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि शर्मा बताती हैं कि ऐक्रेलिक नेल्स लगाने से पहले नाखूनों की सतह को तैयार करने के लिए बफिंग (Buffing) की जाती है। इस प्रक्रिया में नाखून की ऊपरी परत को घिसा जाता है ताकि ऐक्रेलिक नेल्स बेहतर तरीके से चिपक सके। बार-बार बफिंग करने से नाखूनों की नेचुरल प्रोटेक्टिंग लेयर कमजोर हो जाती है। इसके कारण नाखून पतले, कमजोर और आसानी से टूटने वाले हो सकते हैं। कई लोगों को ऐक्रेलिक नेल्स हटाने के बाद नाखूनों में ड्राईनेस, दरारें और बहुत ज्यादा सेंसिटिविटी की समस्या भी देखने को मिलती है।

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  • ऐक्रेलिक नेल्स को नाखूनों से जोड़ने के लिए हैवी Adhesives और कई तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। डॉ. रश्मि शर्मा के अनुसार, इन केमिकल्स के लगातार संपर्क में रहने से कुछ लोगों में एलर्जी, जलन और स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति की स्किन सेंसिटिव है तो उसे नाखूनों के आसपास लालिमा, खुजली या सूजन की शिकायत भी हो सकती है।
  • ऐक्रेलिक नेल्स या अन्य नेल एन्हांसमेंट प्रोसीजर के दौरान कई बार UV लैंप का उपयोग किया जाता है। डर्मेटोलॉजिस्ट रश्मि शर्मा के अनुसार बार-बार UV एक्सपोजर स्किन और नाखूनों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। हालांकि इसका लेवल सीमित होता है, लेकिन नियमित रूप से ऐसी प्रक्रियाएं करवाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है। UV किरणें स्किन की समय से पहले उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती हैं।
  • डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि शर्मा के मुताबिक, ऐक्रेलिक नेल्स से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या फंगल इंफेक्शन है। डॉक्टर रश्मि शर्मा बताती हैं कि कई बार असली नाखून और Acrylic Nail के बीच थोड़ा सा गैप यानी स्पेस बन जाता है। इस जगह पर नमी, धूल और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, जिससे फंगल इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो नाखून का रंग बदल सकता है और नाखून कमजोर होकर टूट भी सकते हैं। कई मामलों में इंफेक्शन को ठीक करने के लिए लंबा इलाज करना पड़ता है।

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How acrylic nails are bad for your nails

डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह

यदि ऐक्रेलिक नेल्स करवाने के बाद नाखूनों में दर्द, सूजन, बदरंग होना, बदबू आना, खुजली या नाखून के अलग होने जैसी समस्याएं दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये इंफेक्शन या किसी अन्य समस्या के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय रहते इलाज कराने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

निष्कर्ष

ऐक्रेलिक नेल्स भले ही हाथों को स्टाइलिश लुक देते हों, लेकिन इनके लगातार उपयोग से नेचुरल नाखूनों को नुकसान पहुंच सकता है। बफिंग, UV एक्सपोजर और नाखूनों के बीच बनने वाला गैप फंगल इंफेक्शन और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। डर्मेटोलॉजिस्ट रश्मि शर्मा के अनुसार, ऐक्रेलिक नेल्स करवाने से पहले नाखूनों की स्थिति और संभावित जोखिमों को समझना जरूरी है।

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FAQ

  • बफिंग करना क्या होता है?

    बफिंग में नाखून की ऊपरी सतह को घिसा जाता है ताकि नकली नाखून बेहतर तरीके से चिपक सके।
  • क्या नकली नाखूनों से फंगल इंफेक्शन हो सकता है?

    नकली नाखूनों और असली नाखून के बीच बने गैप में नमी जमा होने से फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
  • नाखूनों में फंगल संक्रमण ठीक होने में कितना समय लगता है?

    नाखूनों में फंगल इंफेक्शन ठीक होने में कितना समय लगेगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि इंफेक्शन कितना है। आमतौर पर 3 से 7 दिन लग सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 08, 2026 14:18 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 08, 2026 14:18 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Rashmi Sharma

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