Fri Sep 11, 2026 | 08:58 PM IST

Medically Reviewed by Dr Rashmi Sharma , Dermatologist

डार्क सर्कल्स के लिए अंडर-आई फिलर्स कितने असरदार? जानिए डर्मेटोलॉजिस्ट की राय

आजकल नींद की कमी, सही स्किन केयर फॉलो नहीं करने और तनाव के कारण कई लोगों में डार्क सर्कल्स की समस्या हो जाती है। यहां जानिए, डार्क सर्कल्स के लिए अंडर-आई फिलर्स कितने असरदार? 

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताना, नींद की कमी, तनाव, अनियमित खानपान और बढ़ती उम्र जैसी कई वजहों से डार्क सर्कल्स की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि लोग इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के उपाय और कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में अंडर आई फिलर्स एक फेमस एस्थेटिक ट्रीटमेंट के रूप में सामने आए हैं, जिसे डार्क सर्कल्स कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस लेख में KARA - Dermatology Solutions & Aesthetic Centre की फाउंडर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि शर्मा से जानिए, डार्क सर्कल्स के लिए अंडर-आई फिलर्स कितने असरदार होते हैं?

क्या फिलर्स डार्क सर्कल्स को कम कर सकते हैं?

डॉक्टर रश्मि शर्मा के अनुसार अंडर आई फिलर्स सभी लोगों के लिए उपयुक्त नहीं होते। डर्मेटोलॉजिस्ट रश्मि शर्मा कहती हैं कि किसी भी व्यक्ति को फिलर्स की सलाह देने से पहले उसकी स्किन, डार्क सर्कल्स के कारण और आंखों के आसपास की संरचना को चेक किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति की स्किन बहुत पतली है या आंखों के नीचे सूजन की समस्या रहती है, तो फिलर्स करवाने से अपेक्षित रिजल्ट नहीं मिल सकते। यही वजह है कि एक व्यक्ति में जो रिजल्ट अच्छे दिखाई देते हैं, वही दूसरे व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल सोशल मीडिया या दूसरों के अनुभव देखकर यह ट्रीटमेंट नहीं करवाना चाहिए।

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  • अंडर आई फिलर्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके रिजल्ट तुरंत दिखाई देने लगते हैं और चेहरे को ज्यादा फ्रेश और यंग लुक मिल सकता है।
  • यह एक नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया है और आमतौर पर कम समय में पूरी हो जाती है लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं।
  • इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन, लालिमा, दर्द या हल्की चोट के निशान दिखाई दे सकते हैं।
  • कुछ मामलों में असमानता, गांठ या फिलर का गलत तरीके से बैठ जाना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए यह प्रक्रिया हमेशा अनुभवी डर्मेटोलॉजिस्ट से ही करवानी चाहिए।

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does under eye fillers work for dark circles

डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह

डर्मेटोलॉजिस्ट रश्मि शर्मा के अनुसार डार्क सर्कल्स का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। यदि समस्या नींद की कमी, एलर्जी, पिगमेंटेशन या डिहाइड्रेशन के कारण है तो फिलर्स की बजाय अन्य उपचार ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं। कई बार लाइफस्टाइल में बदलाव, सनस्क्रीन का उपयोग, पर्याप्त पानी पीना और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए स्किन ट्रीटमेंट्स बेहतर रिजल्ट दे सकते हैं। इसलिए डार्क सर्कल्स के लिए किसी भी कॉस्मेटिक प्रक्रिया को अपनाने से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

आज के समय में डार्क सर्कल्स एक आम समस्या बन चुके हैं। डॉ. रश्मि शर्मा के अनुसार, अंडर-आई फिलर्स आंखों के नीचे के खालीपन को भरकर तुरंत फ्रेश लुक देने में मददगार हैं, लेकिन यह हर तरह के डार्क सर्कल्स का परमानेंट इलाज नहीं हैं। पिगमेंटेशन, एलर्जी या खराब लाइफस्टाइल से होने वाले डार्क सर्कल्स पर यह बेअसर हैं। इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, इसलिए हमेशा अनुभवी डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से ही यह ट्रीटमेंट चुनना चाहिए।

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FAQ

  • क्या अंडर आई फिलर्स के कोई साइड इफेक्ट्स हैं?

    सूजन, लालिमा, हल्का दर्द या इंजेक्शन वाली जगह पर निशान जैसे अस्थायी साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
  • क्या कोई भी अंडर आई फिलर्स करवा सकता है?

    नहीं, यह ट्रीटमेंट हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। डर्मेटोलॉजिस्ट जांच के बाद ही इसकी सलाह देते हैं।
  • क्या अंडर आई फिलर्स करवाने में दर्द होता है?

    डर आई फिलर्स की प्रक्रिया के दौरान हल्की असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन आमतौर पर ज्यादा दर्द नहीं होता है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 08, 2026 12:46 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 08, 2026 12:46 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Rashmi Sharma

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