Thu Oct 8, 2026 | 06:48 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाना सही है या गलत? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट की राय

सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाना सही है। हालांकि, मरीज की स्थिति कितनी गंभीर है, इस पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। मॉइश्चराइजर अप्लाई करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा।
सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाना सही है या गलत? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट की रायसोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाना सही है या गलत? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट की राय

धीरे-धीरे मौसम में ठंडापन आ रहा है। इन दिनों स्किन में ड्राईनेस की समस्या हो जाती है। इससे निपटने के लिए ज्यादातर लोग मॉइश्चराइजर का यूज करते हैं। इससे स्किन हाइड्रेटेड रहती है, जिससे त्वचा का रूखापन कम होता है। आपने देखा होगा कि सोरायसिस के कई मरीज भी मॉइश्चराइजर का उपयोग करते हैं। ऐसे में यह जान लेना आवश्यक है कि क्या वाकई सोरायसिस में मॉइश्चराइजर का उपयोग किया जाना चाहिए?

इस बारे में राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "सोरायसिस में मॉइश्चराइजर का उपयोग किया जाना न सिर्फ अच्छा है, बल्कि यह आवश्यक भी है। इससे स्किन की ड्राईनेस कम होती है, इचिंग में कमी आती है और सोरायसिस से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी राहत मिलती है।"

सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाना सही है या गलत?

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सोरायसिस में मॉइश्चराइजर अच्छा होता है। इस बारे में Indian Dermatology Online Journal में प्रकाशित एक वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, अगर किसी को सोरायसिस है, तो उन्हें सबसे पहले डॉक्टर की दी हुई दवा को प्रभावित हिस्से में लगाना चाहिए। चूंकि, सोरायसिस में त्वचा में ड्राईनेस, पपड़ी का जमना और खुजली होने जैसी समस्या होती है, तो प्रभावित हिस्से में मॉइश्चराइजर लगाया जा सकता है।’ ध्यान रखे कि मेडिकेटेड क्रीम और मॉइश्चराइजर के बीच कम से कम 15-30 मिनट का गैप जरूर हो।

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सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाने के फायदे

स्किन बैरियर का रिपेयर होनाः सोरायसिस होने के कारण त्वचा की बाहरी परत को काफी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में स्किन में पानी की कमी और सूजन आ जाती है। वहीं, जब सोरायसिस के मरीज मॉइश्चराइजर का उपयोग करते हैं, तो इससे त्वचा में नमी लॉक हो जाती है, जिससे स्किन को लाभ मिलता है।

  1. इलाज में सुधारः डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं कि सोरायसिस के कारण स्किन में चकत्ते भी नजर आने लगते हैं। ऐसे में नमीयुक्त मॉइश्चराइजर का लगाना और स्किन को हाइड्रेटेड रखना जरूरी होता है। इससे चकत्तों का प्रभाव कम होने लगता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें सोरायसिस के चकत्ते पर डॉक्टर द्वारा दी गई लगाने वाली दवाएं लगानी चाहिए। ये अधिक प्रभावशाली होते हैं।
  2. समस्या को दबानाः मॉइश्चराइजर लगाने से सोरायसिस की समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाने से न सिर्फ त्वचा की नमी बनी रहती है, बल्कि जलन कम होती है, मोटी पपड़ी नरम पड़ती है और बीमारी को दोबारा उभरने से रोका जा सकता है।"
  3. खुजली से छुटकाराः जैसा कि आप जानते ही होंगे कि सोरायसिस के कारण त्वचा में काफी ज्यादा इचिंग होने लगती है। ऐसे में अगर आप मॉइश्चराइजर लगाते हैं, तो धीरे-धीरे इचिंग की समस्या में कमी आने लगती है। हालांकि, आपको यह सुनिश्चित करना है कि त्वचा पर किसी तरह के केमिकल प्रोडक्ट यूज न करें। इससे त्वचा में इचिंग बढ़ सकती है।
  4. ड्राईनेस से राहतः सोरायसिस के कारण त्वचा काफी ड्राई हो जाती है। यही कारण है कि सोरायसिस के मरीज को बहुत ज्यादा खुजली होती है। ड्राईनेस से राहत पाने के लिए मॉइश्चराइजर अप्लाई करना अच्छा होता है। हां, इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आप किस तरह का मॉइश्चराइजर अप्लाई कर रहे हैं। सोरायसिस में ऑयल बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाना बेहतर है।

सोरायसिस में मॉइश्चराइजर कैसे लगाएं?

डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, सोरायसिस की समस्या में मॉइश्चराइजर को सतही तौर पर नहीं लगाया जा सकता है। इसे लगाए जाने का एक निश्चित तरीका होता है, जैसे-

  1. सबसे पहले गुनगुने पानी से नहा लें।
  2. ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो।
  3. नहाने के बाद तौलिए से थपथपाते हुए स्किन को पोंछें।
  4. त्वचा सूखने के बाद मॉइश्चराइजर लगाएं।
  5. दिन भर में कई बार मॉइश्चराइजर लगाएं।
  6. अगर खुजली हो, तो दोबारा मॉइश्चराइजर अप्लाई करें।

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सोरायसिस के लिए कैसा मॉइश्चराइजर चुनें?

विशेषज्ञों के अनुसार, सोरायसिस में मॉइश्चराइजर कैसा चुन रहे हैं, यह बात बहुत ज्यादा मायने रखती है। इसमें आप पेट्रोलियम जेली, मिनरल ऑयल, हायाल्यूरोनिक एसिड जैसे इनग्रीडिएंट्स वाले मॉइश्चराइजर के विकल्पों को चुन सकते हैं। 

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, कहने की बात यह है कि सोरायसिस में मॉइश्चराइजर लगाना काफी फायदेमंद है। इससे सोरायसिस की कई समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है, जैसे इचिंग, ड्राईनेस आदि। यहां तक कि नियमित रूप से मॉइश्चराइजर लगाने से स्किन के प्रोटेक्टिव बैरियर में भी सुधार होता है। हालांकि, डॉ. करुणा मल्होत्रा यह सलाह देती हैं कि आप भले ही अपने लिए उपयुक्त मॉइश्चराइजर का उपयोग करें, इसके बावजूद डॉक्टर द्वारा दी गई दवा की अनदेखी न करें। यह सही नहीं होगा।

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FAQ

  • क्या सोरायसिस के मरीज कटे हुए हिस्से में हैवी मॉइश्चराइजर लगा सकते हैं?

    कटे हुए या खून बहते हुए घाव पर फ्रेग्रेंस या हैवी मॉइश्चराइजर नहीं लगाना चाहिए। इससे इंफेक्शन और जलन का खतरा बढ़ सकता है।
  • क्या स्टेरॉयड क्रीम (Steroid Cream) और मॉइश्चराइजर को एक साथ मिलाकर लगाया जा सकता है?

    नहीं, यह स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। स्टेरॉयड क्रीम और मॉइश्चराइजर को कैसे और कब लगाना है, डॉक्टर से पूछना चाहिए और उनके बिना प्रिस्क्राइब्ड किए इन चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 08, 2026 17:14 IST

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