Sat Sep 12, 2026 | 08:42 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

क्या आप भी फोड़ देते हैं पिम्पल्स? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें इससे होने वाली 5 समस्याएं

पिम्पल्स को फोड़ना सही नहीं है। इससे त्वचा में सूजन आ सकती है, टेढ़े-मेढ़े गड्ढे हो सकते हैं और संक्रमण फैल भी सकता है। यहां तक कि बार-बार पिम्पल्स होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

अक्सर लोगों की आदत होती है कि चेहरे पर पिम्पल्स होते ही उसे फोड़ने लगते हैं। क्या आप जानते हैं कि त्वचा के लिए ऐसा किया जाना बिल्कुल सही नहीं है? असल में जब आप पिम्पल्स फोड़ते हैं, तो इससे स्किन से जुड़ी कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। यहां तक कि पिम्पल्स बढ़ जाते हैं और बार-बार आते रहते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि पिम्पल्स क्यों नहीं फोड़ने चाहिए? इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की है।

पिम्पल्स क्यों नहीं फोड़ने चाहिए?

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जब आप बार-बार पिम्पल फोड़ते हैं, तो इससे स्किन को कई तरह के नुकसान होने लगते हैं, जैसे-

पर्मानेंट दाग का खतरा

बार-बार पिम्पल फोड़ने से उस जगह विशेष में स्थाई दाग हो सकता है। असल में, पिम्पल फोड़ने या जोर से दबाने से स्किन बैरियर को नुकसान हो सकता है, टेढ़े-मेढ़े दाग हो सकते हैं और कोलेजन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

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संक्रमण का फैलना

जब आप बार-बार पिम्पल को दबाते हैं या अपनी उंगलियों से छूते हैं, तो उस पर लगे बैक्टीरिया पिम्पल के अंदर तक चले जाते हैं। एक्सपर्ट की मानें, तो पिंपल के अंदर मौजूद तरल पदार्थ यानी बाहर निकलने के बजाय त्वचा के अंदरूनी हिस्सों में फैल जाते हैं। ऐसे में न सिर्फ प्रभावित हिस्से में दर्द होता है, बल्कि मुंहासें बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।

सूजन का बढ़ना

पिम्पल को बार-बार दबाना या छूना बिल्कुल सही नहीं है। इससे त्वचा के टिश्यूज को गंभीर चोट पहुंचती है, जिससे सूजन बढ़ने लगती है। ऐसे में न सिर्फ पिम्पल का आकार बढ़ जाता है, बल्कि दर्द और रेडनेस भी बढ़ जाती है। कई बार पिम्पल में सूजन इतनी ज्यादा हो जाती है कि आसपास के हिस्सों में भी दर्द होने लगता है।

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काले धब्बे होना

चूंकि, पिम्पल को बार-बार हाथ लगाने या फोड़ने की वजह से सूजन बढ़ जाती है और उसमें जमा तरल पदार्थ भी अंदरूनी हिस्सों में फैल जाता है, जो कि सही नहीं है। जब पिम्पल को फोड़ दिया जाता है, तो वहां टेढ़े-मेढ़े गड्ढे हो जाते हैं, तो जब यह समस्या ठीक हो जाती है, तो की त्वचा ज्यादा मेलेनिन बनाने लगती है। इसे पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है। इसकी वजह से चेहरे पर जिद्दी काले-भूरे धब्बे पड़ जाते हैं।

बार-बार पिम्पल होना

जब आप पिम्पल फोड़ते हैं, तो न सिर्फ संक्रमण फैलता है, बल्कि प्रभावित हिस्से में बार-बार पिम्पल होने लगता है। दरअसल, पिम्पल फोड़ने से संक्रामक तरल पदार्थ आसपास के पोर्स में फैल जाता है। नतीजतन कुछ ही दिनों में उसके पास कई नए पिम्पल्स निकल आते हैं

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निष्कर्ष

अगर आप उन लोगों में से हैं, जिनके बार-बार पिम्पल होते हैं, तो उन्हें छूने से बचें और न ही उन्हें फोड़ें। आप सबसे पहले पिम्पल होने के कारण को जानें। पिम्पल होने के पीछे कई तरह के कारक जिम्मेदार हैं, जैसे साफ-सफाई का ध्यान न रखना, बार-बार स्किन को छूना, हार्मोनल परिवर्तन या तैलीय पदार्थों का सेवन अधिक करना। आपक इसके कारण को समझें और जरूरी हो, तो डॉक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • अगर पिम्पल अपने आप फूट जाए तो क्या करें?

    पिम्पल फूटने पर तुरंत फेस वाॅश करें और डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक क्रीम या सैलिसिलिक एसिड पैच लगाएं।
  • क्या पिम्पल पैच का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

    हां, हाइड्रोकोलॉइड पिम्पल पैच पूरी तरह सेफ होते हैं। इससे सूजन में भी कमी आती है। 
  • पिम्पल की सूजन को तुरंत कम करने के लिए क्या करें?

    बर्फ को सूती कपड़े में लपेट 1-2 मिनट के लिए हल्के हाथों से पिम्पल पर लगाएं। कुछ ही देर में सूजन कम हो जाएगी।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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