Wed Oct 14, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Padmaja , Senior Consultant – Dermatology

Global Handwashing Day: बार-बार हाथ धोने से स्किन ड्राई हो जाती है, तो क्या लगाएं? जानें एक्सपर्ट से

बार-बार हाथ धोने से स्किन ड्राई, खुरदुरी हो सकती है, ऐसे में मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल जरूरी होता है। यहां डॉक्टर से जानिए, हाथों की नमी बनाए रखने के लिए कौन-सी क्रीम लगाएं और ड्राई स्किन से कैसे बचें।
Global Handwashing Day: बार-बार हाथ धोने से स्किन ड्राई हो जाती है, तो क्या लगाएं? जानें एक्सपर्ट सेGlobal Handwashing Day: बार-बार हाथ धोने से स्किन ड्राई हो जाती है, तो क्या लगाएं? जानें एक्सपर्ट से

हर साल 15 अक्टूबर को ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को हाथ धोने की सही आदतों के प्रति जागरुक करना है। हाथों की सफाई से कई इंफेक्शन का खतरा कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इसके साथ स्किन की देखभाल करना भी जरूरी है। खासकर जिन लोगों को दिनभर में कई बार हाथ धोने पड़ते हैं, उन्हें अपनी स्किन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, हमारी स्किन की सबसे बाहरी परत नमी को बनाए रखने और बाहरी नुकसान से बचाने में मदद करती है। बार-बार साबुन या हार्श क्लीनिंग एजेंट के संपर्क में आने से स्किन में मौजूद नेचुरल तेल कम हो सकता है, ऐसे में हाथों में मॉइश्चराइजर का लगातार उपयोग फायदेमंद हो सकता है।

बार-बार हाथ धोने से स्किन ड्राई हो तो क्या लगाएं?

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, हाथों को ड्राई होने से बचाने के लिए मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए ऐसी हैंड क्रीम या मॉइश्चराइजर चुनें, जिसमें ग्लिसरीन, सेरामाइड्स जैसे तत्व मौजूद हों। ये स्किन में नमी बनाए रखने और उसकी प्रोटेक्टिव लेयर को सहारा देने में मदद करते हैं।

  • हाथ धोने के बाद साफ तौलिए से स्किन को हल्के हाथों से सुखाएं। हाथ पूरी तरह सूखने से पहले या स्किन हल्की नम रहने पर ही मॉइश्चराइजर लगाना बेहतर रहता है। इससे स्किन में नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
  • अगर हाथ बहुत ज्यादा रूखे रहते हैं, तो रात में सोने से पहले गाढ़ी हैंड क्रीम या पेट्रोलियम जेली लगाएं। इसके बाद जरूरत हो तो मुलायम सूती दस्ताने पहन सकते हैं। इससे स्किन को रातभर नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
  • अगर आप दिनभर बार-बार हाथ धोते हैं, तो हर बार हाथ धोने के बाद मॉइश्चराइजर लगाना स्किन के लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • खासकर उन लोगों के लिए यह आदत जरूरी है, जिनका काम अस्पताल, रसोई या ऐसी जगहों पर होता है, जहां हाथों की सफाई बार-बार करनी पड़ती है।
  • हालांकि, मॉइश्चराइजर चुनते समय ध्यान रखें कि उसमें तेज खुशबू या ऐसे तत्व न हों, जिनसे आपकी स्किन में जलन होती हो।
  • सेंसिटिव स्किन के लिए खुशबू रहित प्रोडक्ट्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं। यदि क्रीम लगाने के बाद जलन या लालिमा बढ़ती है, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

साल 2006 में BMC Dermatology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, बार-बार और लगातार हाथ धोने से स्किन में ड्राईनेस और खुरदरापन (roughness) बढ़ जाता है। हालांकि, हाथ धोने के तुरंत बाद हैंड क्रीम का नियमित उपयोग करने से स्किन के रूखेपन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए, क्लिनिकल प्रैक्टिस या अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों (Healthcare workers) को अपनी स्किन को हेल्दी रखने और रूखेपन से बचाने के लिए हाथ धोने के बाद नियमित रूप से स्किनकेयर क्रीम या मॉइश्चराइजर का उपयोग जरूर करना चाहिए।

What to Apply on dry handWhat to Apply on dry hand

इसे भी पढ़ें: Global Handwashing Day: कब साबुन से हाथ धोना जरूरी है और कब सैनिटाइजर से काम चल सकता है? जानें डॉक्टर से

हाथ धोते समय इन गलतियों से बचें

  • डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा सलाह देती हैं कि हाथों को साफ रखने के लिए बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। नॉर्मल या हल्के गुनगुने पानी से हाथ धोना पर्याप्त होता है। साथ ही, हार्श साबुन और बार-बार स्क्रब करने से बचें।
  • हाथ धोते समय उंगलियों के बीच, नाखूनों के आस-पास और हाथों के पिछले हिस्से को भी अच्छी तरह साफ करें।
  • हाथों को साफ करने के बाद उन्हें जोर से रगड़ने के बजाय धीरे-धीरे सुखाएं। अगर हाथों पर पहले से दरारें हैं, तो ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें जिनसे जलन बढ़ती हो।
  • ध्यान रखें कि स्किन को ड्राईनेस से बचाने के लिए हाथ धोना बंद करना सही उपाय नहीं है। साबुन और पानी उपलब्ध होने पर सही तरीके से हाथ धोना इंफेक्शन से बचाव का अहम तरीका है।

हाथों में खुजली और दरारें हों, तो क्या करें?

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा सलाह देती हैं कि अगर हाथों की स्किन बार-बार फट रही है, लाल हो रही है या उसमें तेज खुजली और जलन हो रही है, तो इसे केवल नॉर्मल ड्राईनेस समझकर नजरअंदाज न करें। लगातार साबुन और पानी के संपर्क में रहने से इरिटेंट कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में एलर्जी या एक्जिमा भी इसकी वजह हो सकता है। ऐसी स्थिति में डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है। डॉक्टर स्किन की स्थिति देखकर उचित मॉइश्चराइजर या जरूरत पड़ने पर दवा की सलाह दे सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम या अन्य क्रीम का इस्तेमाल न करें।

इसे भी पढ़ें: हाथों पर अचानक महीन झुर्रियां क्यों दिखने लगती हैं? स्किन में बदलाव की ये 5 वजहें जानें

निष्कर्ष

ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे हमें हाथों की सफाई का महत्व याद दिलाता है लेकिन बार-बार हाथ धोने के कारण स्किन में नमी की कमी होने लगे, तो उसकी देखभाल करना भी जरूरी है। हाथ धोने के बाद मॉइश्चराइजर लगाना, बहुत गर्म पानी से बचना और सौम्य क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना स्किन की ड्राईनेस को कम करने में मदद कर सकता है। अगर हाथों में लगातार खुजली, लालिमा या दरारें बनी रहती हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या बार-बार हाथ धोने से झुर्रियां पड़ सकती हैं?

    बार-बार हाथ धोने से स्किन की नमी कम हो सकती है, जिससे हाथ ड्राई और सिकुड़े हुए दिखाई दे सकते हैं।
  • क्या हाथों पर बॉडी लोशन लगाना सही है?

    अगर बॉडी लोशन स्किन के अनुकूल है और उससे जलन नहीं होती, तो इसे हाथों पर लगाया जा सकता है।
  • क्या बर्तन धोने से हाथों की स्किन खराब हो सकती है?

    बर्तन धोने वाले डिटर्जेंट और लंबे समय तक पानी के संपर्क में रहने से स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर प्रभावित हो सकती है। बर्तन धोते समय दस्ताने पहनने से हाथों को बचाने में मदद मिल सकती है।

Read Next

→ क्या सफेद दाग पूरी तरह ठीक हो सकता है? डॉक्टर से जानें इलाज और किन बातों का रखें ध्यान

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 14, 2026 17:33 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Padmaja